Nepal Crisis: नेपाल में फिर हिंसा: जेल तोड़कर भाग रहे कैदियों पर सेना की फायरिंग, दो की मौत, 15 हजार कैदी फरार
नेपाल इस समय राजनीतिक अस्थिरता और लगातार बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच गहरी उथल-पुथल से गुजर रहा है। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि देशभर की जेलों में भी बगावत फैल गई है। बीते तीन दिनों में नेपाल के अलग-अलग हिस्सों से लगभग 15 हजार कैदी जेल तोड़कर फरार हो चुके हैं।
सबसे ताजा घटना रामेछाप जिले की है, जहां बड़ी संख्या में कैदी जेल से भागने की कोशिश कर रहे थे। स्थिति बेकाबू होने पर सेना को मौके पर बुलाया गया। सेना ने कैदियों को रोकने के लिए फायरिंग की, जिसमें दो कैदियों की मौत हो गई और 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। नेपाल में सेना के नियंत्रण के बाद गोलीबारी की यह पहली बड़ी घटना बताई जा रही है।
सीमा पार तक फैला असर
जेल ब्रेक के बाद भागे कैदी सिर्फ नेपाल तक सीमित नहीं रहे, बल्कि भारत की सीमा तक पहुंचने लगे हैं। नेपाल के गौर जेल से भागे 13 कैदियों को बिहार के सीतामढ़ी में गिरफ्तार किया गया है। वहीं, काठमांडू जेल से फरार हुए एक बांग्लादेशी नागरिक को भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने पकड़ लिया।
पकड़ा गया शख्स महमद अबुल हसन ढाली है, जिस पर सोने की तस्करी के आरोप हैं। वह पिछले पांच साल से काठमांडू की जेल में बंद था। SSB की 47वीं बटालियन के कमांडेंट संजय पांडे ने बताया कि नेपाल की स्थिति को देखते हुए सीमा पर गश्त और चौकसी बढ़ा दी गई है। बुधवार दोपहर तीन बजे रक्सौल सीमा से संदिग्ध अवस्था में घूम रहे ढाली को हिरासत में लिया गया। बाद में उसे हरपुर थाना को सौंप दिया गया।
नेपाल में बिगड़ते हालात
नेपाल में ओली सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पिछले कई दिनों से जारी हैं। सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है। राजनीतिक अस्थिरता और प्रशासनिक विफलता ने जेल प्रबंधन को भी प्रभावित किया है। परिणामस्वरूप, कई जिलों की जेलों में कैदियों ने सामूहिक रूप से भागने की कोशिश की और हजारों कैदी सफलतापूर्वक फरार भी हो गए।
नेपाल की जेलों में सुरक्षा इंतजाम पहले से ही कमजोर रहे हैं। अब राजनीतिक उथल-पुथल और जनाक्रोश ने हालात और भी नाजुक बना दिए हैं। सेना और पुलिस लगातार फरार कैदियों की तलाश में जुटी है। भारत-नेपाल सीमा पर भी सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं ताकि कोई भी फरार कैदी सीमा पार न कर सके।
नेपाल के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक ओर सरकार के खिलाफ जनता का आक्रोश और दूसरी ओर जेल ब्रेक के बाद देशभर में फैले फरार कैदी। स्थिति पर नियंत्रण पाने के लिए सेना और पुलिस लगातार सख्त कदम उठा रही हैं, लेकिन हालात स्थिर होने में अभी समय लग सकता है।



