Neelam Chaudhary statement: भाजपा का दलित एवं गरीब विरोधी चेहरा हुआ बेनकाब : नीलम चौधरी
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : भारतीय जनता पार्टी गरीब विरोधी पार्टी है यह सर्वविदित है और भाजपा हमेशा गरीबों के खिलाफ ही निर्णय लेती है भाजपा अब दलित विरोधी निर्णय भी लेने लगी है | यह कहना है समस्त रोहताश नगर आर.डब्लू.ए.की अध्यक्ष वरिष्ठ कांग्रेस नेता नीलम चौधरी का | नीलम चौधरी नें कहा भाजपा सरकार ने अब दिल्ली नगर निगम में अस्थाई रूप से काम कर रहे सफाई कर्मचारियों और सीधी नई भर्ती न करके सभी 12 जोनों में 50-50 कर्मचारियों की कांट्रेक्ट के आधार भर्ती का रास्ता खोलकर अपना दलित विरोधी-गरीब विरोधी चेहरा उजागर कर दिया है। भाजपा ने निगम चुनाव 2022 से पहले सभी 12 जोनों में 16 हजार अस्थाई कर्मचारियों को पक्का करने का वादा किया था लेकिन आम आदमी पार्टी से निगम की सत्ता हथियाने के बाद पिछले एक वर्ष में एक भी सफाई कर्मचारी को पक्का नही किया, अब अस्थाई कर्मचारियों को पक्का करने की बजाय प्रत्येक जोन में 50-50 सफाई कर्मचारी ठेके पर भर्ती करके अपने चाहने वालों को फायदा पहुॅचाने का काम कर रही है।
नीलम चौधरी नें कहा कि पिछले 12 वर्षों दिल्ली नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की सीधी भर्ती नही हुई है और जो लोग अस्थाई रुप से काम कर रहे है उन्हें भी न आम आदमी पार्टी और न भाजपा ने पक्का करने की दिशा में कोई सकारात्मक पहल की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ध्वस्त सफाई व्यवस्था के बाद भाजपा दिल्ली नगर निगम में सफाई कर्मचारियों की सीधी भर्ती न करके जेम पोर्टल के माध्यम से जनशक्ति सेवाओं के नाम पर संविदा पर प्रत्येक जोन में 50 सफाई कर्मचारी भर्ती करने का कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा दिल्ली में लोगों को स्थाई रोजगार देने की जगह ठेकेदारी प्रथा की ओर धकेल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए दलित समाज के लोगों की जिंदगी की कोई कीमत नही है। सफाई कर्मचारियों से मेनुअल स्कवेंजिग करते वक्त मरने वालों दलित कर्मचारियों को मजबूरी में अपनी अजीविका के लिए काम करना पड़ता है। नीलम चौधरी नें कहा कि भाजपा दलित लोगों को स्थाई रोजगार छीनकर उनको ठेके प्रथा में झोंक रही है और ये गरीब लोग रोजगार न होने के कारण अपने पालन पोशण के लिए ठेके पर काम करने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्थाई कर्मचारियों को सरकार के नियमों अनुसार वेतन, भत्ते, पेंशन और मेडिकल सुविधाएं देनी पड़ती है, इसलिए पक्के कर्मचारी भर्ती करने की जगह ठेके पर भर्ती शुरु कर रही है।



