Rabi Crops MSP:गेहूं समेत छह रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी, किसानों को मिलेगा बेहतर मूल्य: राजकुमार बल्लन
नई दिल्ली, ( रविंद्र कुमार ): केंद्र सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2027-28 के लिए छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की है। गेहूं के एमएसपी में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि कर इसे 2,610 रुपये किया गया है। सरकार के इस फैसले के बाद किसान संगठनों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों में प्रतिक्रिया सामने आई है। भाजपा दिल्ली प्रदेश किसान मोर्चा के प्रभारी राजकुमार बल्लन ने सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा रबी फसलों के समर्थन मूल्य में लगातार वृद्धि किए जाने से किसानों को उत्पादन लागत के अनुरूप लाभकारी मूल्य उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के फैसले के अनुसार गेहूं का एमएसपी 25 रुपये बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। वहीं जौ के समर्थन मूल्य में 136 रुपये की वृद्धि कर 2,286 रुपये, चने में 83 रुपये बढ़ाकर 5,958 रुपये और मसूर में 390 रुपये की वृद्धि कर 7,390 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। इसी प्रकार रेपसीड-सरसों का एमएसपी 413 रुपये बढ़ाकर 6,613 रुपये तथा कुसुम का एमएसपी 675 रुपये बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। कुसुम के समर्थन मूल्य में सबसे अधिक बढ़ोतरी की गई है। राजकुमार बल्लन ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उत्पादन लागत लगातार बढ़ रही है, ऐसे में समर्थन मूल्य में वृद्धि किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गेहूं समेत अन्य रबी फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार के अनुसार, नई एमएसपी व्यवस्था में सभी छह अधिसूचित रबी फसलों के लिए उत्पादन लागत पर कम से कम 50 प्रतिशत का मार्जिन सुनिश्चित किया गया है। सरकार का कहना है कि एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों को लाभकारी मूल्य मिलने के साथ-साथ फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहन मिलेगा।



