सत्य के साथ • आपके साथगुरुवार, 5 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
1984 Sikh Riots: 84 के सिख दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर हुआ विचार-विमर्श : निर्मल जैनFood Adulteration: मुख्यमंत्री का खुद मौके पर पहुंचना बताता है कि जनता की सेहत को लेकर कितनी गंभीर है सरकार : प्रवीण निमेषChhath Puja 2026: छठ पर्व पर साफ यमुना में स्नान करेंगे श्रद्धालु : दर्शन सिंहYamuna River Safari: यमुना क्रूज सफारी से दिल्ली-एनसीआर में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम : डॉ. यूके चौधरीDelhi Traffic Jam: दिवाली से पहले साउथ एक्स रिंग रोड पर कई किलोमीटर लंबा जाम, विकास मार्ग पर पैदल मार्च के चलते आज ट्रैफिक डायवर्जनParvinder Singh Jhota Murder Case: झोटा हत्याकांड में पंजाब सरकार और इंसाफ कमेटी के बीच समझौता, पत्नी को 2 करोड़ मुआवजा और सरकारी नौकरी, 6 नवंबर को होगा पोस्टमार्टमSharad Pawar Health Update: शरद पवार फिर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती, पीएम मोदी ने फोन कर पूछा हालचाल, बोले- आप आराम करिए, हम और सुप्रिया देश संभालेंगेSchool Child Death: मयूर विहार के निजी स्कूल में तीसरी कक्षा की बच्ची की अचानक मौत, CPR ट्रेनिंग और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

‘मोदी सरकार की चुप्पी भारत की अखंडता को करती है कमजोर’ अदाणी मामले पर कांग्रेस ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया

2 मिनट पढ़ें
कांग्रेस

'मोदी सरकार की चुप्पी भारत की अखंडता को करती है कमजोर' अदाणी मामले पर कांग्रेस ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया

Gautam Adani controversy: अदाणी समूह के खिलाफ अमेरिका में लगे आरोपों ने भारतीय राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है. कांग्रेस सांसदों ने इसे लेकर संसद में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दाखिल किया है और मोदी सरकार से जवाबदेही की मांग की है. इसके अलावा उद्योगपति गौतम अदाणी के खिलाफ अमेरिका में रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोप में अभियोग चलाने के संबंध में जांच का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय में एक नई याचिका दायर की गई है.

गौतम अदाणी और उनके साथ सात अन्य व्यक्तियों पर आरोप है कि उन्होंने भारत सरकार के अधिकारियों को $265 मिलियन की रिश्वत देने की साजिश रची. यह कथित रिश्वत भारत की सबसे बड़ी सौर ऊर्जा परियोजना से जुड़े अनुबंध प्राप्त करने के लिए दी गई.

अदाणी समूह ने आरोपों को “निराधार” करार दिया है और हर कानूनी सहारा लेने की बात कही है. समूह ने बयान में कहा है कि अमेरिकी न्याय विभाग और प्रतिभूति आयोग द्वारा लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं और इन्हें खारिज किया गया है. हालांकि, इसी बीच कांग्रेस नेता मनिकम टैगोर और मनीष तिवारी ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस देकर मामले की चर्चा की मांग की उनका कहना है कि अदाणी मामले पर मोदी सरकार की चुप्पी भारत की अखंडता को दर्शाती है. बता दें कि अगर इस मामले पर संसद में चर्चा होती है, तो यह कई नीतिगत और राजनीतिक पहलुओं को उजागर कर सकती है.

अर्थव्यवस्था पर असर
इस घटनाक्रम से भारत की नियामक और निरीक्षण प्रक्रियाओं की सुदृढ़ता पर प्रश्न उठे हैं. इसके अलावा आरोपों के बाद अदाणी समूह के शेयरों का बाजार मूल्य दो सत्रों में $27.9 बिलियन गिर गया है. इस मुद्दे से भारत में विदेशी निवेशकों का भरोसा प्रभावित हो सकता है. यह घटना भारत के नियामक तंत्र और पारदर्शिता पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने का अवसर प्रदान करती है.

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *