उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर फटने से बड़ा हादसा, 47 मजदूर अब भी फंसे
उत्तराखंड के चमोली जिले में शुक्रवार सुबह बड़ा हादसा हुआ, जब बद्रीनाथ क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा के पास स्थित माणा गांव में ग्लेशियर फटने (एवलांच) से बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) के मजदूर बर्फ में दब गए। हादसे के बाद सेना, NDRF, SDRF, ITBP और उत्तराखंड पुलिस की टीमें बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन भारी बर्फबारी के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक्कतें आ रही हैं।
जानकारी के अनुसार, कुल 57 मजदूर बर्फ में फंस गए थे, जिनमें से 10 को बचा लिया गया है, लेकिन 47 मजदूर अब भी बर्फ में दबे हुए हैं। बचाव कार्य पिछले 11 घंटों से जारी है, लेकिन घुटनों तक जमी बर्फ और लगातार हो रही बर्फबारी के कारण रेस्क्यू टीमों को घटनास्थल तक पहुंचने में मुश्किलें हो रही हैं।
बताया जा रहा है कि बीते कुछ दिनों से चमोली जिले में भारी बर्फबारी हो रही थी, जिससे कई इलाकों में बर्फ जमा हो गई थी। बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन ने सड़क मरम्मत और बर्फ हटाने का काम एक प्राइवेट ठेकेदार को सौंपा था। शुक्रवार सुबह जब 57 मजदूर सड़क की सफाई और मरम्मत कर रहे थे, तभी अचानक ग्लेशियर फटने से सभी मजदूर पांच कंटेनरों में दब गए।
हादसे की सूचना मिलते ही BRO की टीम घटनास्थल पर पहुंची और जिला प्रशासन को भी जानकारी दी गई। फिलहाल बचाव कार्य जारी है, लेकिन मौसम की प्रतिकूलता के कारण अभियान में बाधाएं आ रही हैं। प्रशासन ने सभी प्रभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है।



