Jawaharlal Dhawan statement: मैच फिकस की तरह चुनाव भी फिकस करने का खेल हो रहा है : जवाहरलाल धवन
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : जहाँ चुनाव वहाँ पहले एस आई आर, ईडी, इ॓कम टैक्स, चुनाव आयोग, घुसपैठिये, भ्रष्टाचार, हिंदू मुस्लिम, सनातन, जय श्रीराम, 2500/ रु महिलाओं को हर महिने, होली दीवाली गैस सिलेंडर, दो करोड़ लोगों को रोजगार हर साल, 15 लाख रूपये हर देशवासी के बैक खाते मे,100 स्मार्ट सिटी, हवाई जहाज यात्रा गरीब के लिए रेलगाड़ी के किराये के जैसी, लोगों में स॓देश देना कि आपकी जिंदगी तो नरक से बदतर है हमें मौका दो हम सब ठीक कर देगें, और फिर लोग आ जाते हैं बातों में, यह कहना है जवाहरलाल धवन का | धवन जनहित स्वाभिमान संगठन के अध्यक्ष हैं | श्री धवन कहते हैं उसके बाद खेल शुरू होता है ये तो जुमला था, पैसा नहीं खाजाने खाली मिले है हमें, गैस पैटरोल मह॓गी, रोजगार के नाम पर पकोड़ा चाय, हाथ से मेहनत करो रोजगार ऊपर वाला देगा, गोबर से नाली से गैस निकालो योजना, अपना हाथ जगन्नाथ योजना, करोना में करोड़ों लोग पलायन को मजबूर हुए सरकार कुछ नहीं कर पाई गरीबों के लिए, अमीर आदमी ना तो नोटबंदी में लाईनो मे लगा नाही करोना में पलायन करा, ईरान युध्द के बाद आए गैस स॓कट में भी लाखों लोग रोज कमाने खाने वाले गरीब मजदूर तबका मजबूरी में पलायन करने को मजबूर हुआ, अमीर आदमी ने पलायन नही करा, लोगों को अनेक परेशानियां का सामना करने के बावजूद उनके जीवन में कोई स्तर पहले जैसा ही नहीं बल्कि और नीचे की और आ गया है,
लेकिन सरकार, सरकार बनाने का खेल बखूबी समझ चुकी है इसलिए चुनाव के बाद 370, तीन तलाक़, लव जिहाद, मुस्लिम तुष्टिकरण, धार्मिक कार्यों , में लोगो को लगा देना, ये सब राज करने की नर्ई तकनीक हैं | श्री धवन कहते हैं देखना ये है कि हमारे देश में यह खेल कब तक चलेगा, कभी ना कभी तो परिवर्तन होगा, लेकिन कही देर ना हो जाऐ देश फिर से स॓कट में ना जाऐ विश्व गुरु बनने के चक्कर में, लोगों को समझना होगा देश के लिए सोचना होगा, तभी परिवर्तन होगा, आजादी की लड़ाई में भी कुछ लोग अंग्रेजों के साथ थे अभी भी कुछ नहीं बहुत लोग जुमलेबाजी करने वालो के साथ है |



