Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से मची तबाही, महिला श्रद्धालु की मौत, तीन अन्य घायल

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Amarnath Yatra: अमरनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से मची तबाही, महिला श्रद्धालु की मौत, तीन अन्य घायल

जम्मू-कश्मीर में चल रही वार्षिक अमरनाथ यात्रा एक बार फिर प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गई है। बुधवार शाम गंदेरबल जिले के बाल्टाल मार्ग पर रेलपथरी क्षेत्र में हुए भूस्खलन की चपेट में आकर एक महिला तीर्थ यात्री की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना उस समय हुई जब सभी श्रद्धालु 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा की ओर बढ़ रहे थे।

मौके पर मौजूद अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश के चलते रेलपथरी क्षेत्र की पहाड़ी से अचानक मलबा खिसकने लगा, जिसने मार्ग पर चल रहे चार यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया और नीचे की ओर धकेल दिया। इस आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और सेना की त्वरित प्रतिक्रिया टीमों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बाल्टाल बेस कैंप अस्पताल पहुंचाया गया।

दुर्भाग्य से 55 वर्षीय सोना बाई, जो राजस्थान से अमरनाथ यात्रा पर आई थीं, को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित कर दिया गया। उनके शव को प्रशासन की निगरानी में मूल निवास स्थान भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य तीन घायल श्रद्धालुओं का अस्पताल में इलाज जारी है और चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत अब स्थिर है।

इस हादसे के साथ इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा में अब तक जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। इनमें से अधिकतर मौतें ऊंचाई पर ऑक्सीजन की कमी, हृदयाघात और मौसम संबंधी आपदाओं के कारण हुई हैं।

मौसम विभाग ने बीते कुछ दिनों से जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी पहले ही जारी की थी। इसके बावजूद यात्रा बाधित नहीं की गई थी, और तीर्थयात्री नियमित रूप से आगे बढ़ रहे थे। स्थानीय प्रशासन द्वारा अलर्ट और सतर्कता के बावजूद यह हादसा यह दर्शाता है कि खराब मौसम के बीच यात्रा संचालन में अतिरिक्त सतर्कता की आवश्यकता है।

गौरतलब है कि अमरनाथ यात्रा तीन जुलाई से शुरू हुई थी और यह नौ अगस्त को रक्षा बंधन के दिन समाप्त होगी। यह यात्रा हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, जो हिमालय की कठिन चढ़ाई और चरम मौसम के बावजूद भगवान शिव की पवित्र गुफा के दर्शन के लिए आते हैं।

प्रशासन की ओर से तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की चेतावनी का गंभीरता से पालन करें, पहाड़ी रास्तों पर सावधानी बरतें और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा दलों से संपर्क करें। इसके साथ ही यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त सुरक्षा बल और स्वास्थ्य सुविधाएं भी तैनात की जा रही हैं ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

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