बगावत के भय से नहीं चली टिकटों पर केजरीवाल की कैंची
* दूसरी पार्टियों के संपर्क में थे कई
– अश्वनी भारद्वाज –
नई दिल्ली ,आम आदमी पार्टी नें दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए जिस तरह 32 सीटों के लिए तीन लिस्टें निकाली थी उसे देख लगता था बाकी बची 38 सीटों के लिए भी दो या तीन लिस्टें निकाली जायेंगी | और यह भी चर्चा जोरों पर थी कम से कम एक दर्जन और सीटिंग की टिकटों पर कैंची चलेगी तथा दूसरी पार्टी के कुछ और नेताओं को और एडजस्ट किया जाएगा | लेकिन तमाम कयासों पर विराम लगाते हुए आम आदमी पार्टी नें एक ही झटके में बिना देरी किये बाकी बची 38 सीटों का एलान कर सभी को चौका दिया और उन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया जिसमें आशंका जताई जा रही थी कि विधानसभा चुनावों से पहले आम आदमी पार्टी में बड़ी फूट पड़ जायेगी और विधायकों का एक बड़ा खेमा और कुछ बड़े नेता पाला बदल दूसरी पार्टियों से हाथ मिला लेंगें | हालात को भांपते हुए अरविन्द केजरीवाल नें तकरीबन सभी पुराने लोगो को रिपीट करने में ही अपनी और पार्टी की भलाई समझी |
दिल्ली की सियासत के चाणक्य अरविन्द नें घूंट तो जरुर कडवी पी है लेकिन उनके पास और कोई विकल्प भी नहीं था | यदि कटने वालों की तादाद पहले के अनुपात में ही रहती तो आप पार्टी में चुनाव से पहले ही बड़ी वाली बगावत की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता था | समय की नजाकत भांप अरविन्द नें सम्भावित बिखराव को समय रहते रोक दिया और अब कम से कम उनकी एक चिंता तो कम हुई कि उनके घर में बड़ी सेंध लगाना अब आसान नहीं है | और जिसका घर सुरक्षित है उसे घेरना भी आसान नहीं होता ,अरविन्द नें चुनाव जीतने के लिए ब्रह्मास्त्र महिला सम्मान योजना चल डेमेज कंट्रोल कर लिया है अब केवल बढत लेनी बाकी है एक स्ट्रोक और बाउंड्री पार चला गया तो मैच जीतने में माहिर अरविन्द को हराना एक बार फिर से मुश्किल हो जाएगा | सभी सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर अरविन्द नें भाजपा तथा कांग्रेस के पाले में गेंद धकेल दी है और चैलेन्ज दे दिया है हम तो आ गए हैं मैदान में जिसे मर्जी भेज दो हमारे सामने ,समझ गए आप अरविन्द नें अपनी समस्या का निपटारा तो कर ही दिया भाजपा और कांग्रेस के लिए भी प्रत्याशी चुनने की राह आसान कर दी | आज बस इतना ही …


