Kanpur Blast Case: कानपुर ब्लास्ट केस में बड़ी कार्रवाई: SHO समेत 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड, CO हटाए गए, ACP का ट्रांसफर, आतंकी साजिश से इंकार
कानपुर के मेस्टन रोड पर हुए ब्लास्ट मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। इस हादसे में लापरवाही बरतने के आरोप में मूलगंज थाना प्रभारी (SHO) समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित, सीओ को हटाया गया और एसीपी का ट्रांसफर कर दिया गया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि धमाका अवैध पटाखों के भंडारण के कारण हुआ था, न कि किसी आतंकी साजिश के तहत।
मंगलवार देर शाम मेस्टन रोड पर एक खिलौने की दुकान में जोरदार धमाका हुआ था, जिसमें 8 लोग घायल हो गए थे। जांच के दौरान यह पाया गया कि दुकान में करीब 1 क्विंटल अवैध पटाखे जमा थे, जिन्हें बिना अनुमति के रखा गया था। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अवैध पटाखा मार्केट के सरगना परवेज को गिरफ्तार कर लिया और उसके बेटे सहित 12 लोगों को हिरासत में लिया है।
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि धमाके में इस्तेमाल पटाखे दो स्कूटी पर रखे गए थे, जिनमें से एक स्कूटी विस्फोट में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दूसरी स्कूटी चोरी की बताई जा रही है, जिसके बारे में जांच जारी है। आरोपी तारिक की भी तलाश की जा रही है, जो इस अवैध पटाखा कारोबार से जुड़ा बताया जा रहा है।
पुलिस ने अब तक दो गोदामों को सील किया है और लगभग 18 दुकानों में तलाशी अभियान जारी है। फोरेंसिक टीम की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, यह एक लो इंटेंसिटी ब्लास्ट था और आतंकी साजिश की संभावना को सिरे से खारिज कर दिया गया है।
इस हादसे ने स्थानीय प्रशासन की निगरानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। माना जा रहा है कि क्षेत्र में लंबे समय से पटाखों का अवैध कारोबार चल रहा था, लेकिन स्थानीय पुलिस की अनदेखी के चलते कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब इस घटना के बाद पुलिस कमिश्नर ने साफ कहा है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त एक्शन जारी रहेगा।
मूलगंज इलाके में फिलहाल भारी पुलिस बल तैनात है और धमाके की जगह को सुरक्षा घेरा बनाकर सील कर दिया गया है। जांच के लिए फोरेंसिक और बम निरोधक दस्ता भी मौके पर तैनात है।
यह हादसा कानपुर शहर के लिए एक चेतावनी साबित हुआ है कि अवैध पटाखा कारोबार किसी भी समय बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध भंडारण या विस्फोटक गतिविधि की सूचना तुरंत दें ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।



