Jind Skeleton Discovery: हरियाणा के जींद में खुदाई के दौरान सनसनी, 10 फीट लंबे नरकंकाल और प्राचीन मटके मिले

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Jind Skeleton Discovery: हरियाणा के जींद में खुदाई के दौरान सनसनी, 10 फीट लंबे नरकंकाल और प्राचीन मटके मिले

हरियाणा के जींद जिले के देवरड़ गांव में उस समय अफरातफरी मच गई जब मनरेगा योजना के तहत तालाब की खुदाई के दौरान मजदूरों को जमीन के नीचे से कई मानव कंकाल और रहस्यमयी प्राचीन मटके बरामद हुए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन नरकंकालों की लंबाई सामान्य मानव कद से कहीं अधिक, लगभग 8 से 10 फीट के बीच पाई गई है। अब तक कुल 10 से 12 नरकंकाल और कुछ मटके सामने आए हैं।

जानकारी के अनुसार, शनिवार को जब मजदूर तालाब की खुदाई कर रहे थे, तो पहले कुछ मटकों के टुकड़े दिखाई दिए। यह देख उन्होंने खुदाई को और गहरा किया, जिसके बाद एक के बाद एक विशालकाय कंकाल मिलने लगे। जबड़ों और हड्डियों के आकार को देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि ये अवशेष किसी प्राचीन युग या विशेष जाति से संबंध रखते होंगे।

गांव के बुजुर्गों का कहना है कि आजादी से पहले इस इलाके में मुस्लिम समुदाय का वास था और तालाब की जगह पर एक पुराना कब्रिस्तान हुआ करता था। गांव के निवासी राममेहर ने बताया कि संभवतः ये अवशेष उन्हीं कब्रों से संबंधित हो सकते हैं, जो अब समय के साथ मिट्टी में दब चुके थे और खुदाई के दौरान फिर से सामने आ गए हैं।

हालांकि, इन कंकालों की लंबाई, बनावट और मटकों की शैली को देखकर स्थानीय लोग इसे सामान्य कब्रिस्तान की खुदाई नहीं मान रहे हैं। कई ग्रामीणों और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों का मानना है कि यह खोज ऐतिहासिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हो सकती है। कुछ का तो यह भी कहना है कि ये अवशेष किसी प्राचीन जाति या सभ्यता से जुड़े हो सकते हैं, जैसे कि महाभारत कालीन योद्धा या नागवंशी समाज, जिनके बारे में लोककथाओं में कहा जाता है कि उनका कद साधारण मानवों से बहुत अधिक होता था।

वहीं प्रशासन और पुरातत्व विभाग को इस बारे में सूचना दे दी गई है। क्षेत्र को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया है और आगे की जांच के लिए टीम को बुलाया गया है। माना जा रहा है कि अवशेषों की कार्बन डेटिंग जांच कराई जाएगी जिससे उनकी वास्तविक उम्र और उत्पत्ति के बारे में वैज्ञानिक जानकारी मिल सके।

इस रहस्यमयी खोज से पूरे देवरड़ गांव में उत्सुकता और हलचल का माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचकर अवशेषों को देख रहे हैं और तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। कुछ लोग इसे पुरानी सभ्यता से जोड़ रहे हैं तो कुछ इसे रहस्यमयी जीवों का प्रमाण मान रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से दूर रहने और जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील की है। यदि ये अवशेष वास्तव में प्राचीन सभ्यता से जुड़े पाए जाते हैं तो यह खोज भारतीय इतिहास और पुरातत्व के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाएगी।

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