मतदाता सूची पर भ्रम फैलाने के बजाय तथ्य सामने रखे विपक्ष : श्री दत्त शर्मा
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार): ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर देश की राजनीति में चल रही बयानबाजी के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया को लेकर विपक्ष के सवालों पर जवाब दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और उसमें आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया को गलत तरीके से ‘वोट चोरी’ के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के बयान का समर्थन करते हुए घोंडा के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता श्री दत्त शर्मा ने कहा कि चुनाव और मतदाता सूची जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राजनीतिक आरोप लगाने से पहले तथ्यों को सामने रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनाव प्रक्रिया को लेकर जनता के बीच विश्वास बनाए रखना सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।दत्त शर्मा ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने फॉर्म-6 और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से संबंधित उठाए गए सवालों पर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी कहा है कि फॉर्म-6 में बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि एसआईआर के तहत इसके साथ अलग घोषणा-पत्र की व्यवस्था की गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि मतदाता सूची को अद्यतन करना चुनावी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे मतदाताओं के नाम, जो स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर जा चुके हैं या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, रिकॉर्ड को सही रखने के उद्देश्य से हटाए जाते हैं। इसलिए इस पूरी प्रक्रिया को बिना तथ्यों के ‘वोट चोरी’ कहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि किसी राजनीतिक दल को मतदाता सूची अथवा निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है तो उसे निर्धारित संवैधानिक और कानूनी माध्यमों के जरिए निर्वाचन आयोग के समक्ष रखना चाहिए। सार्वजनिक मंचों पर आरोप-प्रत्यारोप के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए। श्री दत्त शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जिस तरह निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को जनता के सामने रखा है, उससे मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर उठ रहे सवालों पर तथ्यात्मक चर्चा का रास्ता खुलता है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर किसी भी सवाल का समाधान संवैधानिक संस्थाओं और निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से ही होना चाहिए।



