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इंदिरा गांधी के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता : नीलम चौधरी

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नीलम चौधरी
इंदिरा गांधी के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता : नीलम चौधरी

इंदिरा गांधी के योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता : नीलम चौधरी

गरीबी हटाओ का नारा आज भी याद है लोगो को

नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : स्व.प्रधानमन्त्री इंदिरा गाँधी के योगदान को कभी भी नहीं भुलाया जा सकता | आज़ादी से पहले जहां उन्होंने बाल्यकाल से ही आन्दोलन में भाग लिया वहीं वहीं आज़ादी के बाद देश को आगे बढ़ाने में अमूल्य योगदान दिया | एक ही झटके में पाकिस्तान को विभाजित कर करोड़ो लोगो का दिल जीत लिया था | यह कहना है बाबरपुर जिला कांग्रेस की वरिष्ठ महिला नेता नीलम चौधरी का |

नीलम चौधरी कहती हैं इंदिरा गांधी का नारा गरीबी हटाओ आज भी लोगो के दिलो दिमाग में गूंजता है | उनके शासन के दौअर्ण ही बीस सूत्री कार्यक्रम लागू हुआ जिसके तहत गरीबो को जमीन तथा मकान तक आवंटित किये गए | अनेक पुनर्वास बस्तियां बसाई गई उनमे बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध करायी गई जिसे लोग आज तक नहीं भूले हैं | नीलम चौधरी कहती हैं कि इंदिरा गांधी ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहूति दी।

स्वतंत्रता के लिए तो लाखों आजादी के दिवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया लेकिन इंदिरा गांधी और राजीव गांधी ने स्वंतत्र भारत में देश की एकता और अखंडता के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। इंदिरा जी ने सितम्बर 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन ने भागीदारी करने के कारण उन्हें गिरफ्तार किया गया। इंदिरा जी प्रधानमंत्री रहते हुए 1969 में बैंको का राष्ट्रीयकरण कर देश की आर्थिक व्यवस्था को मजबूती देने में क्रांतिकारी कदम उठाया।

1971 में देश में रोजगार बढ़ौतरी और संगठित श्रम के हितों की रक्षा के लिए कोयला, इस्पात, तांबा, रिफाईनिंग, सूती वस्त्र और बीमा उघोग का भी राष्ट्रीयकरण किया और बचे हुए निजी क्षेत्र के उद्योगों को सख्त नियामक नियंत्रण में रखकर मजदूरों के हितों की रक्षा को सुरक्षित करने का भी काम किया। नीलम चौधरी कहती हैं कि प्रधानमंत्रीत्व काल में इंदिरा जी की बेमिसाल विदेश नीति के फैसलों से ही भारतीयों को विदेशों में व्यापार करने और युवाओं को शिक्षा प्राप्त करने के नऐ रास्ते खुले। कांग्रेस के प्रति देशवासियों में अटूट विश्वास का ही प्रमाण था कि इंदिरा गांधी जी ने 1966-1977 तक और 1980-1984 तक चार बार प्रधानमंत्री के रुप में देश का प्रतिनिधित्व किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, संस्कार, स्वतंत्रता संग्राम में संघर्ष की परम्परा और देशवासियों से लगाव के कारण ही इंदिरा जी ने सुदृढ़ और परिपक्व सोच और संगठित विचारधारा से देश को विश्व पटल पर सुदृढ़ बनाने के लिए अभूतपूर्व काम किए थे। उन्होंने कहा कि इंदिरा जी अपने फैसले लेने में खुद सक्षम थी, जिसका लोहा पूरी दुनिया ने माना, जिसका उदाहरण पाकिस्तान को विभाजित करके बांग्लादेश को आजादी दिलाई और बांग्लादेश अलग देश बनाया।

नीलम चौधरी कहती हैं कि इंदिरा जी ने गरीबों, वंचितों, जरूरतमंदों के लिए ऐसी कल्याणकारी सरकारी योजनाओं को कार्यान्वित किया, जिसके लिए लोग आज भी इंदिरा जी को याद करते है। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन स्तर को सुधारने, उनके सर पर छत देने की दिशा में दिल्ली में जे.जे. कॉलोनियों और पुर्नवासित कालोनियों को इंदिरा जी ने ही बसाया था। वर्तमान में दिल्ली की आधी से अधिक आबादी इन कालोनियों में बसती है।

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