अगर सरकार ने समय रहते एक्शन लिया होता तो बाढ़ पीड़ितों को नुकसान से बचाया जा सकता था : आदेश
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) : दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई थी। लेकिन अब जलस्तर कम होने के बावजूद भी बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं कम होने के बावजूद बढ़ती जा रही है। इस बीच, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेंद्र यादव के निर्देश पर करावल नगर जिलाध्यक्ष आदेश भारद्वाज, ब्लॉक अध्यक्ष खेमचंद सैनी, सुजीत सिंह ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना।

उन्होंने बदरपुर खादर, बुराड़ी डूब क्षेत्र और सोनिया विहार जैसे प्रभावित इलाकों में बाढ़ कैंपों का जायजा लिया, जहां लोग बाढ़ के कारण भारी परेशानी झेल रहे हैं। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली की बीजेपी सरकार पर बाढ़ पीड़ितों की मदद में लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बावजूद दिल्ली सरकार ने समय रहते कोई रणनीति नहीं बनाई।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने 31 अगस्त को ही सरकार को बाढ़ के खतरे के प्रति आगाह किया था, लेकिन उनकी चेतावनी को नजरअंदाज किया गया। नतीजतन, हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हुए और आज राहत शिविरों में भी बदइंतजामी का आलम है। राहत शिविरों में पानी, भोजन, दवाइयां और चिकित्सा सुविधाओं की कमी की शिकायतें सामने आईं। आदेश भारद्वाज ने कहा बीजेपी सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई राहत कार्य नहीं हो रहा। लोग अपनी जान और आजीविका बचाने के लिए खुद संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने बीजेपी की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण राहत कैंपों में रह रहे पीड़ितों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं। आदेश ने केंद्र और दिल्ली सरकार से तत्काल प्रभावी कदम उठाने और पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की। साथ ही उन्होंने खेती जमीनों में फसल का मुआवजा काश्तकारों को देने की भी मांग की, क्योंकि दिल्ली में ज्यादातर खेती स्वयं जमींदार के बजाय काश्तकार करते हैं और फसल रोपण में मेहनत और खर्च काश्तकार करता है और बाढ़ आने से नुकसान भी काश्तकार का ही होता है। दूसरी ओर, बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सरकार और कार्यकर्ता राहत कार्यों में जुटे हैं और पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए भी सहायता भेजी जा रही है।



