Himachal Rain Havoc: हिमाचल में बारिश का कहर, भूस्खलन से 11 की मौत, सैकड़ों घर जमींदोज, 1359 सड़कें बंद
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने तबाही मचा दी है। जगह-जगह भूस्खलन और मलबे की चपेट में घर, वाहन और सड़कें आने से जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले 24 घंटों में अलग-अलग हादसों में 11 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल हैं। राज्य के शिमला, मंडी, कुल्लू, सिरमौर, सोलन सहित अन्य जिलों में हालात बेहद खराब बने हुए हैं।
शिमला जिले के रामपुर बीथल के पास काली मिट्टी क्षेत्र में चलती बस पर अचानक भारी पत्थर गिर गया। इस हादसे में बस में सवार दो महिलाओं की मौके पर मौत हो गई, जबकि 15 यात्री घायल हो गए। कुल्लू के अखाड़ा बाजार में देर रात भूस्खलन से दो मकान जमींदोज हो गए, जिसमें दो लोग दबकर मारे गए। मंडी के सुंदरनगर में भीषण भूस्खलन से दो घर मलबे में दब गए, जिससे सात लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में चार लोग एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं।
मंडी जिले के जोगिंद्रनगर के कुंडुनी गांव में पहाड़ दरकने से 10 मकान जमींदोज हो गए। यहां 24 परिवारों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया है। शिमला के कृष्णानगर, अनाडेल और पटयोग में भी भूस्खलन के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने दर्जनों मकानों को खाली करवाया है।
भारी बारिश से प्रदेशभर में नदी-नाले उफान पर हैं। तीन दिनों में प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। सितंबर के पहले तीन दिनों में सामान्य से 534 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। बिलासपुर में 1007, कुल्लू में 1035, सोलन में 1005, शिमला में 766, सिरमौर में 792, लाहौल-स्पीति में 668 और ऊना में 543 प्रतिशत तक अधिक बारिश दर्ज की गई।
मॉनसून सीजन के दौरान अब तक हिमाचल में 340 लोगों की जान जा चुकी है और 41 लोग अभी भी लापता हैं। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, मंडी में सबसे ज्यादा 51, कांगड़ा में 50, शिमला में 36, कुल्लू में 29 और अन्य जिलों में दर्जनों मौतें हुई हैं।
भूस्खलन और बारिश से अब तक 917 मकान पूरी तरह से नष्ट हो चुके हैं, जबकि 3570 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। हजारों गौशालाएं, दुकानें और पुल भी बारिश की चपेट में आए हैं।
राज्य में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। पांच नेशनल हाईवे समेत 1359 सड़कें अभी भी बंद पड़ी हैं। मंडी में 294, शिमला में 234, चंबा में 204, सिरमौर में 121, सोलन में 86 और कांगड़ा में 53 सड़कें बंद हैं।



