Home देश दुनिया Hantavirus Alert हंता वायरस को लेकर भारत अलर्ट, जानिए कितनी खतरनाक है...

Hantavirus Alert हंता वायरस को लेकर भारत अलर्ट, जानिए कितनी खतरनाक है नई बीमारी

0
11

Hantavirus Alert हंता वायरस को लेकर भारत अलर्ट, जानिए कितनी खतरनाक है नई बीमारी

दुनियाभर में कोरोना महामारी की तबाही के बाद अब हंता वायरस ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। डच क्रूज शिप MV Hondius पर संक्रमण के मामले सामने आने के बाद कई देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। अब भारत सरकार भी इस वायरस को लेकर सतर्क हो गई है और निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी World Health Organization के अनुसार क्रूज शिप पर अब तक हंता वायरस के आठ संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिनमें से पांच मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इस संक्रमण से अब तक तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। मई के पहले सप्ताह में सामने आई इस खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक क्रूज शिप पर मौजूद दो भारतीय नागरिकों में फिलहाल हंता वायरस के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं। दोनों भारतीयों को अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत निगरानी में रखा गया है। भारत सरकार लगातार World Health Organization और अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के संपर्क में बनी हुई है।
स्थिति को देखते हुए National Centre for Disease Control और Integrated Disease Surveillance Programme को सक्रिय कर दिया गया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने हाई लेवल बैठक कर संक्रमण की स्थिति, जांच सुविधाओं और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर समीक्षा की है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस क्रूज शिप पर हंता वायरस का एंडीज स्ट्रेन मिला है। यह स्ट्रेन मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका में पाया जाता है और इसे लेकर सबसे बड़ी चिंता यह है कि यह इंसान से इंसान में फैलने वाला हंता वायरस का एकमात्र ज्ञात स्ट्रेन माना जाता है। आमतौर पर हंता वायरस संक्रमित चूहों के मल, पेशाब या लार के संपर्क में आने से फैलता है।
हालांकि Maria Van Kerkhove ने कहा है कि यह वायरस कोविड-19 या फ्लू की तरह हवा में तेजी से नहीं फैलता। इसलिए फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
हंता वायरस के शुरुआती लक्षणों में तेज बुखार, बदन दर्द, मांसपेशियों में दर्द और अत्यधिक थकान शामिल हैं। संक्रमण बढ़ने पर सांस लेने में गंभीर परेशानी भी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस वायरस का इनक्यूबेशन पीरियड लंबा होता है, यानी संक्रमण के बाद लक्षण दिखने में काफी समय लग सकता है।
फिलहाल World Health Organization ने वैश्विक जोखिम को कम बताया है, लेकिन सभी देशों को निगरानी और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here