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Gulab Devi Accident: UP की शिक्षा मंत्री गुलाब देवी सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल, काफिले की गाड़ियों की हाईवे पर भिड़ंत से मचा हड़कंप

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Gulab Devi Accident: UP की शिक्षा मंत्री गुलाब देवी सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल, काफिले की गाड़ियों की हाईवे पर भिड़ंत से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), गुलाब देवी एक बड़े सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गईं। मंगलवार को यह हादसा उस समय हुआ जब उनका काफिला दिल्ली से बिजनौर की ओर जा रहा था। पिलखुवा कोतवाली क्षेत्र के नेशनल हाईवे-9 पर स्थित छिजारसी टोल प्लाजा के पास उनके काफिले की कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं, जिससे भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई।

घटना सुबह उस समय हुई जब अचानक काफिले की एक गाड़ी ने तेज ब्रेक लगा दिया। इस वजह से पीछे की गाड़ियों को भी अचानक रुकना पड़ा। मंत्री की गाड़ी के ड्राइवर के पास इतना समय नहीं था कि वह सुरक्षित रूप से रोक सके, जिससे उनकी गाड़ी आगे चल रही वाहन से भिड़ गई। हादसे में मंत्री गुलाब देवी को गंभीर चोटें आईं और उन्हें तुरंत पास के नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके साथ चल रहे सुरक्षाकर्मियों और स्टाफ को भी मामूली चोटें आने की सूचना है।

पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाया गया और यातायात को बहाल किया गया। मंत्री की स्थिति को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार उन्हें सिर, पीठ और छाती में गंभीर चोटें आई हैं। डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी में लगी है।

गुलाब देवी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में कार्यरत हैं और प्रदेश की वरिष्ठ महिला नेताओं में गिनी जाती हैं। उन्होंने 1991 में चंदौसी विधानसभा सीट से पहला चुनाव जीता था और अब तक कुल पांच बार विधायक चुनी जा चुकी हैं। राजनीति में आने से पहले वे शिक्षिका रही हैं और चंदौसी के कन्या इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य के रूप में भी कार्य कर चुकी हैं।

उनकी राजनीतिक यात्रा और प्रशासनिक दक्षता को देखते हुए उन्हें 2008 से 2012 तक भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश उपाध्यक्ष भी बनाया गया था। वे संगठन और महिला शिक्षा के मुद्दों पर बेहद सक्रिय रही हैं।

इस दुर्घटना ने एक बार फिर से वीआईपी काफिलों की तेज रफ्तार और हाईवे पर सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है। सवाल यह भी उठता है कि क्या सुरक्षाकर्मियों को ऐसी स्थितियों में ब्रेकिंग के मानक तरीकों की उचित ट्रेनिंग दी जाती है। हादसे की जांच शुरू हो चुकी है और प्रशासन द्वारा पूरी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजे जाने की संभावना है।

जनता और राजनीतिक सहयोगियों की ओर से मंत्री के शीघ्र स्वस्थ होने की कामनाएं की जा रही हैं। यह भी उम्मीद की जा रही है कि इस घटना के बाद वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा और समन्वय को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोका जा सके।

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