Ghaziabad Mrowave Explosion: गाजियाबाद के पिज्जा रेस्तरां में माइक्रोवेव ओवन धमाके से मचा हड़कंप, पिता और दो बेटे गंभीर रूप से झुलसे
के वक्त पिज्जा खाते समय हुआ हादसा, रेस्तरां में मची अफरातफरी
गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हुआ जब प्रताप विहार इलाके के एक पिज्जा रेस्तरां में माइक्रोवेव ओवन अचानक फट गया। धमाका इतना तेज था कि रसोई के साथ-साथ ग्राहकों के बैठने वाले हिस्से में भी झटके महसूस किए गए। इस दौरान वहां खाना खा रहे भूपेंद्र कुमार और उनके दो छोटे बेटे शौर्य (12) और ध्रुव (11) गंभीर रूप से झुलस गए। घटना के बाद मौके पर भगदड़ मच गई।
परिवार के लिए पिज्जा पार्टी बनी हादसे की रात
प्रताप विहार सेक्टर-11 निवासी दिगेश कुमार ने बताया कि उनका भाई भूपेंद्र रविवार देर शाम अपने दोनों बेटों के साथ पास के पिज्जा रेस्तरां में डिनर करने गया था। तभी रसोई में खाना तैयार करते समय रेस्तरां का माइक्रोवेव ओवन अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया। धमाके की चपेट में भूपेंद्र और उनके बेटे आ गए, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए। आसपास बैठे ग्राहक भी कुछ देर तक घबराकर रेस्तरां से बाहर भागे।
घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, हालत नाजुक
हादसे की सूचना मिलते ही दिगेश कुमार तुरंत मौके पर पहुंचे और घायलों को प्रताप विहार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। तीनों की हालत गंभीर बताई जा रही है। परिजनों ने बताया कि भूपेंद्र के शरीर का ऊपरी हिस्सा और दोनों बच्चों के चेहरे और हाथों पर गंभीर जलन है। परिवार ने घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी और पुलिस को मौके पर बुलाया। परिजनों ने रेस्तरां संचालक पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि माइक्रोवेव ओवन काफी पुराना था और लंबे समय से उसकी सर्विसिंग नहीं कराई गई थी। हादसे के बाद रेस्तरां के कर्मचारी मौके से फरार हो गए। दिगेश कुमार ने विजयनगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, परिवार का आरोप है कि पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। एसीपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके का मुआयना किया और सबूत इकट्ठा किए हैं। माइक्रोवेव ओवन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
माइक्रोवेव ओवन के उपयोग में सावधानी जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, माइक्रोवेव ओवन में भोजन गर्म करने के दौरान यदि उसमें धातु की प्लेट, एल्यूमिनियम फॉइल या बंद कंटेनर रख दिया जाए तो विस्फोट की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा, समय-समय पर उपकरण की जांच और सफाई न कराने से भी ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। यह हादसा लोगों के लिए एक चेतावनी है कि घरेलू या व्यावसायिक उपकरणों के रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सवाल उठाए हैं कि क्या रेस्तरां ने सेफ्टी नॉर्म्स का पालन किया था। अधिकतर छोटे रेस्तरां और दुकानों में फायर सेफ्टी या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच समय पर नहीं की जाती। विशेषज्ञों ने आग्रह किया है कि नगर निगम और बिजली विभाग ऐसे प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करें ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को टाला जा सके।गाजियाबाद का यह हादसा सिर्फ एक तकनीकी विस्फोट नहीं बल्कि रेस्तरां सुरक्षा की लापरवाही की गवाही देता है। भूपेंद्र और उनके बेटों की जिंदगी दांव पर है, और इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं— क्या सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा को लेकर नियम सिर्फ कागजों तक सीमित हैं?



