पुलिस से लाइसेंस की मुक्ति उपराज्यपाल का जनहित में निर्णय : देवेन्द्र शर्मा
लाखों लोगो को मिली सरकार के आदेश से राहत
– हर्ष भारद्वाज –
नई दिल्ली, दिल्ली में सात श्रेणियों में व्यावसायिक गतिविधियों के लिएदिल्ली पुलिस से लाइसेंस या नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है. इनमें स्वीमिंग पूल, होटल, मोटल गेस्ट हाउस डिस्कोथेक, वीडियो गेम पार्लर, एम्यूजमेंट पार्क, ऑडिटोरियम जैसी गतिविधियां शामिल हैं | दिल्ली सरकार का यह फैसला जनहित में लिया गया फैंसला है | यह कहना है प्रमुख समाजसेवी तथा गेस्ट हाउस व्यवसायी देवेन्द्र शर्मा का |
देवेन्द्र शर्मा कहते हैं कायदे से यह काम सीधे रूप से सरकार का ही होता है लेकिन देर से लिया गया यह फैंसला दुरुस्त है | दिल्ली सरकार के इस फैंसले से दिल्ली के लाखों व्यवसायियों में ख़ुशी की लहर है | सरकार के इस निर्णय से ना केवल व्यवसायियों को राहत मिलेगी अपितु लाखों आम जनमानस भी प्रभावित होंगे | लोगो को पुलिस की बेवजह दखल तथा घूसखोरी से मुक्ति मिलेगी | देवेन्द्र शर्मा कहते हैं पहले लाइसेंस बनवाने फिर उसका नवीनीकरण कराने के लिए पुलिस की शरण में जाना पड़ता था जहां का भ्रस्टाचार जगजाहिर है | इतना ही नहीं लाइसेंस प्राप्त होने के बाद भी पुलिस का हस्तक्षेप इन व्यवसायिक गतिविधियों में अनावश्यक रूप से रहता था लेकिन उपराज्यपाल के इस अआदेश के बाद अब पुलिस राज से लोग को मुक्ति मिलेगी जिससे लोगो को राहत मिलेगी |
देवेन्द्र शर्मा कहते हैं दिल्ली पुलिस के लाइसेंसिंग विभाग से कई व्यावसायिक गतिविधियों की लाइसेंसिंग प्रक्रिया को अब अन्य विभागों को सौंप दिया गया है. अब दिल्ली पुलिस केवल आर्म्स लाइसेंस बनाएगी और इसके साथ लाइसेंसिंग प्रक्रिया से जुड़े एक-दो काम और करेगी. दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि डबल इंजन की सरकार ने दिल्ली में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को गति देने के लिए यह कदम उठाया है. साथ ही उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना का आभार जताया है. दरअसल, कुछ दिन पहले दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी ने यह सुझाव दिया था. कमेटी की सिफारिश के आधार पर ही उपराज्यपाल ने यह आदेश दिया है. दिल्ली के उपराज्यपाल ने अपने पत्र में लिखा है कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए जरूरी है कि कई व्यापारिक गतिविधियों के लिए दिल्ली पुलिस का हस्तक्षेप न्यूनतम हो, जिससे पुलिस दिल्ली के लॉ एंड आर्डर पर ज्यादा ध्यान दे सके. देवेन्द्र शर्मा कहते हैं “डबल इंजन सरकार ने दिल्ली में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को नई गति देने के लिए होटल, मोटेल, गेस्ट हाउस, रेस्टोरेंट, स्वीमिंग पूल, ऑडिटोरियम, वीडियो गेम पार्लर, डिस्कोथेक और मनोरंजन पार्क जैसे व्यावसायिक गतिविधियों की लाइसेंसिंग प्रक्रिया अब पुलिस से हटाकर नगर निकायों और संबंधित विभागों को सौंप दी है. इससे व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित होगी |
देवेन्द्र शर्मा कहते हैं “दिल्ली पुलिस पर वर्षों से लाइसेंसिंग की जिम्मेदारी का अतिरिक्त बोझ था, जिससे उनकी मूल कानून-व्यवस्था संबंधी जिम्मेदारियां प्रभावित हो रही थीं लेकिन अब जहां दिल्ली पुलिस को अपनी सामान्य गतिविधियां जारी रखने में सक्षम रहेगीं वहीं लाखो लोगो को पुलिस के अनावश्यक हस्तक्षेप से मुक्ति मिलेगी |



