पूर्व मेयर रामनारायण दुबे को दिया गया वीर अर्जुन अवार्ड
सादगी का दूसरा नाम है रामनारायण दुबे
– अश्वनी भारद्वाज –
नई दिल्ली , पूर्वी दिल्ली नगर निगम में महापौर तथा दो बार नेता सदन रहे रामनारायण दुबे को वीर अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया | इस मौके परसमाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की गई | रामनारायण दुबे गोरखपुर से1964 में दिल्ली आये थे बेहद ही गरीब परिवार से दिल्ली पहुंचे श्री दुबे के सामने दिल्ली में एडजस्ट होना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था लेकिन कड़े परिश्रम की बदौलत उन्होंने ना केवल अपना कारोबार स्थापित किया बल्कि सामजिक तथा राजनैतिक गतिविधयों में भी भागीदारी शुरू कर दी | और 1965 से ही जनसंघ से जुड़ गए जिसमे उन्हें मंडल समिति सीमापुरी में रखा गया और धीरे धीरे अपनी मेहनत के बल पर वे 2014 में महापौर जैसे गरिमापूर्ण पद पर आसीन हुए |
श्री दुबे आपातकाल में भूमिगत रहे और पुलिस नें उस दौर में उनके परिजनों को बहुत प्रताड़ित किया लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने मिशन में जुटे रहे | नवीन शाहदरा जिला टीम में रामनारायण दुबे मंत्री,कोषाध्यक्ष और उपाध्यक्ष रहे | डॉ.हर्षवर्धन के कार्यकाल में श्री दुबे को 2007 में नवीन शाहदर जिला भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया | इसी साल हुए नगर निगम चुनाव में डॉ.हर्षवर्धन नें उन्हें निगम का चुनाव लड़ा दिया और भाजपा द्वारा कभी भी नहीं जीती गई सीट से श्री दुबे नें जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया | वार्ड में बड़ी तादाद में मुस्लिम मतदाता होने के बावजूद श्री दुबे की जीत की आवाज दिल्ली भर में सुनाई दी | पार्टी नें श्री दुबे को फिर से 2012 में कांग्रेस के दिग्गज अजित सिंह के सामने उतर दिया बावजूद इसके जीत श्री दुबे के खाते में ही गई और पार्टी नें उन्हें 2014 में महापौर बना दिया और 2015 में नेता सदन बना दिया और दो साल तक श्री दुबे नेता सदन रहे |

श्री दुबे की लोकप्रियता का आलम यह है कि लगातार दस साल तक वे भागीरथ पैलेस मार्किट के निर्विरोध अध्यक्ष बनते रहे | महापौर रहने के बाद भी उनकी सादगी में कोई कमी नहीं आई और पूरे यमुनापार के लोगो में लोकप्रिय हो गए | उनके पास कोई भी कार्यकर्ता या किसी दिसरी पार्टी से जुड़ा व्यक्ति भी पहुंचता था वे सम्मानपूर्वक उसका काम कराते थे | सीमापुरी के लोग उन्हें दूसरा महात्मा गांधी कहकर आज भी पुकारते हैं | ऐसे में दैनिक वीर अर्जुन नें उन्हें वीर अर्जुन अवार्ड से सम्मानित कर खुद को गौरवानित महसूस किया है |


