Jharkhand Naxal Attack: सारंडा जंगल में नक्सलियों से मुठभेड़, IED ब्लास्ट में कोबरा जवान घायल, भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की एक बड़ी कार्रवाई के दौरान शुक्रवार को सारंडा जंगल में भारी तनावपूर्ण मुठभेड़ हुई। जराइकेला थाना क्षेत्र के तिरिलपोसी जंगल में हुई इस मुठभेड़ में नक्सलियों ने एक आईईडी विस्फोट कर दिया, जिसमें कोबरा 209 बटालियन के जवान सुनील कुमार टीएस घायल हो गए। घायल जवान को मौके पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया और तत्पश्चात बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत अब स्थिर है।
यह मुठभेड़ उस वक्त हुई जब सुरक्षा बल एक विशेष सर्च ऑपरेशन के तहत नक्सलियों के मूवमेंट की जानकारी पर जंगल में गश्त कर रहे थे। कुछ दिन पहले ओडिशा के केबलांग थाना क्षेत्र में नक्सलियों ने लौह अयस्क खदान की ओर जा रहे एक विस्फोटक लदे ट्रक को लूट लिया था। इस घटना के बाद झारखंड और ओडिशा पुलिस ने मिलकर सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ साझा अभियान शुरू किया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर हमला किया और पहाड़ियों तथा घने जंगलों का लाभ उठाकर फरार हो गए। इसके बावजूद सुरक्षाबलों ने क्षेत्र में घेराबंदी जारी रखी और गहन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, नक्सली वर्दी, आईईडी बनाने के उपकरण और रोजमर्रा के उपयोग की कई चीजें बरामद की गईं। जब्त वस्तुओं को सुरक्षा मानकों के अनुसार निष्क्रिय और जब्त किया गया।
मुठभेड़ के दौरान ही नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाए गए एक आईईडी में विस्फोट हो गया, जिससे कोबरा जवान सुनील कुमार घायल हो गए। यह स्पष्ट है कि नक्सली इस क्षेत्र में किसी बड़े हमले की तैयारी में थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) के कई शीर्ष नेता – जैसे मिसिर बेसरा, अनमोल, मोछु, अनल, असीम मंडल, अजय महतो, सागेन अंगरिया, अश्विन, पिंटु लोहरा, चंदन लोहरा, अमित हांसदा उर्फ अपटन, जयकांत और रापा मुंडा – सारंडा और कोल्हान जंगलों में सक्रिय हैं और विध्वंसक गतिविधियों की योजना बना रहे हैं।
इनकी तलाश में चाईबासा पुलिस, कोबरा 203 और 209 बटालियन, झारखंड जगुआर, और सीआरपीएफ की 26, 60, 134, 174, 193 और 197 बटालियनों की संयुक्त टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। छोटानागरा और जराइकेला के सीमावर्ती क्षेत्र विशेष रूप से संवेदनशील घोषित किए गए हैं।
सुरक्षा बलों का यह विशेष अभियान फिलहाल जारी है। पुलिस का कहना है कि वे क्षेत्र को नक्सल गतिविधियों से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं और कोई भी नक्सली कानून की पकड़ से बाहर नहीं रहेगा।



