Home Uncategorized Governance Reforms: ’40 हजार नियम हटे, 1500 कानून खत्म’, पीएम मोदी बोले-...

Governance Reforms: ’40 हजार नियम हटे, 1500 कानून खत्म’, पीएम मोदी बोले- परमिशन राज से बाहर निकल रहा भारत, दुनिया को हमसे उम्मीद

0
2

Governance Reforms: ’40 हजार नियम हटे, 1500 कानून खत्म’, पीएम मोदी बोले- परमिशन राज से बाहर निकल रहा भारत, दुनिया को हमसे उम्मीद

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को देश में नीति और शासन के स्तर पर किए जा रहे सुधारों का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अब पुराने ‘परमिशन राज’ से बाहर निकल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बीते वर्षों में करीब 40 हजार अनावश्यक अनुपालनों और नियमों को हटाया है, जबकि लगभग 1500 पुराने कानूनों को समाप्त किया गया है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य व्यवस्था को सरल बनाना, नागरिकों और कारोबारियों पर अनावश्यक बोझ कम करना तथा देश में विकास की रफ्तार को तेज करना है।

एक मीडिया संस्थान के निजी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में लगातार अगली पीढ़ी के सुधार किए जा रहे हैं। उन्होंने शासन के पुराने और नए दृष्टिकोण के बीच अंतर बताते हुए कहा कि पहले व्यवस्था का नजरिया ‘Prohibited Unless Permitted’ यानी अनुमति मिलने तक किसी गतिविधि को प्रतिबंधित मानने का था। अब देश ‘Permitted Unless Prohibited’ यानी जब तक कानून में किसी काम पर स्पष्ट रोक नहीं है, तब तक उसे करने की अनुमति वाली सोच की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बदलाव केवल प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के जीवन और कारोबारी माहौल पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है। सरकार सुधारों के साथ ‘Ease of Living’ और ‘Ease of Doing Business’ पर लगातार जोर दे रही है।

पीएम मोदी ने मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया में विकास को लेकर कई तरह की चिंताएं मौजूद हैं। अलग-अलग देशों के बीच तनाव और अनिश्चितता का वातावरण है तथा संसाधनों का इस्तेमाल भी कई जगह हथियार की तरह किया जा रहा है। ऐसे माहौल में भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में एक ‘ब्राइट स्पॉट’ के रूप में देखा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि दुनिया को भारत से उम्मीद है और देश को इन अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए अपनी विकास गति को बनाए रखना होगा। प्रधानमंत्री के मुताबिक, सुधार उनकी सरकार के लिए किसी एक समय की प्रक्रिया नहीं बल्कि निरंतर चलने वाली प्रतिबद्धता है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा किए गए नीतिगत बदलावों का प्रभाव जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, ड्रोन और सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास जैसे क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। नियमों में बदलाव और डीरेगुलेशन के कारण नई तकनीकों के इस्तेमाल के अवसर बढ़े हैं और स्टार्टअप्स के लिए भी नए रास्ते खुले हैं।

उन्होंने ड्रोन क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि नियमों को सरल बनाने से देश में ड्रोन के इस्तेमाल का दायरा बढ़ा है। विभिन्न क्षेत्रों में इस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है और इससे जुड़े स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर पैदा हुए हैं।

प्रधानमंत्री ने सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क, पुल और सुरंगों के निर्माण की गति तेज हुई है। इससे न केवल सुरक्षा और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी बेहतर हुई है, बल्कि वहां रहने वाले नागरिकों के लिए भी सुविधाएं बढ़ी हैं।

पीएम मोदी ने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान सीमा सड़क संगठन यानी BRO ने 250 बुनियादी ढांचा परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित कीं। उन्होंने इसे सीमावर्ती क्षेत्रों में तेजी से बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर का उदाहरण बताया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सुशासन का आकलन केवल इस आधार पर नहीं किया जा सकता कि सरकार ने कितनी नीतियां बनाई हैं। असली कसौटी यह भी है कि परियोजनाएं कितने समय में पूरी होती हैं और नागरिकों को सरकारी तथा सार्वजनिक सेवाएं कितनी कुशलता से उपलब्ध कराई जाती हैं।

उन्होंने दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर और दिल्ली मेट्रो का उदाहरण देते हुए कहा कि दोनों व्यवस्थाओं की समयबद्धता 99.9 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री के मुताबिक, यह दिखाता है कि भारत में शासन और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के मानक तेजी से बदल रहे हैं।

पीएम मोदी ने रेलवे में स्वच्छता के क्षेत्र में आए बदलाव को भी शासन सुधार का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि एक समय भारतीय रेलवे की पटरियों पर गंदगी और मानव अपशिष्ट एक बड़ी समस्या हुआ करती थी। इस स्थिति को बदलने के लिए बड़े स्तर पर बायो-टॉयलेट लगाने का अभियान चलाया गया।

प्रधानमंत्री के अनुसार, वर्ष 2014 से पहले भारतीय ट्रेनों में करीब 12 हजार बायो-टॉयलेट मौजूद थे। इसके बाद 3.60 लाख से अधिक बायो-टॉयलेट लगाए गए। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में मौजूद 97 प्रतिशत से अधिक बायो-टॉयलेट पिछले लगभग एक दशक के दौरान लगाए गए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि रेलवे में आया यह परिवर्तन केवल साफ-सफाई का विषय नहीं है। यह यात्रियों की गरिमा, स्वच्छता और आधुनिक भारत के निर्माण से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने इसे ऐसे शासन मॉडल का उदाहरण बताया जिसमें छोटी दिखने वाली समस्याओं को भी नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता से जोड़कर देखा जाता है।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि सरकार का लक्ष्य नियमों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें नागरिकों और उद्यमियों को अनावश्यक सरकारी प्रक्रियाओं से न गुजरना पड़े। पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को समाप्त करने तथा अनुपालन संबंधी बोझ कम करने को उन्होंने इसी दिशा में उठाया गया कदम बताया।

पीएम मोदी के मुताबिक, भारत अब उस दौर से आगे बढ़ रहा है जहां प्रत्येक गतिविधि के लिए सरकारी अनुमति को प्राथमिक शर्त माना जाता था। सरकार ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ने का प्रयास कर रही है जिसमें नवाचार, उद्यमिता और आर्थिक गतिविधियों के लिए अधिक स्वतंत्रता हो और सरकार की भूमिका अनावश्यक बाधाएं पैदा करने के बजाय सुविधा उपलब्ध कराने की हो।

उन्होंने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की विकास यात्रा जारी है और दुनिया भारत को उम्मीद के साथ देख रही है। सरकार की कोशिश अगली पीढ़ी के सुधारों, आधुनिक बुनियादी ढांचे, तकनीक, डीरेगुलेशन और बेहतर सार्वजनिक सेवाओं के जरिए इस भरोसे को और मजबूत करने की है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here