कूड़े के पहाड़ों से मुक्ति की ओर दिल्ली तेजी से आगे बढ़ रहे हैं सफाई अभियान : संजय गोयल
नई दिल्ली (रविंद्र कुमार) : दिल्ली में कूड़े के पहाड़ों को समाप्त करने और राजधानी की सफाई व्यवस्था को आधुनिक एवं वैज्ञानिक बनाने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का स्वागत करते हुए शाहदरा विधायक संजय गोयल ने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषणमुक्त बनाने के संकल्प के साथ तेजी से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्षों से चली आ रही कचरे की समस्या को अब केवल नियमित सफाई तक सीमित न रखकर उसके स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। लैंडफिल साइटों से पुराने कचरे को हटाने के साथ-साथ नई प्रोसेसिंग सुविधाओं की क्षमता बढ़ाई जा रही है, ताकि रोजाना निकलने वाले कचरे का भी वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित हो सके। संजय गोयल ने कहा कि ओखला लैंडफिल साइट का मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा स्वयं निरीक्षण करना और अधिकारियों से मौके पर कचरा निस्तारण की प्रगति की जानकारी लेना सरकार की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ओखला, भलस्वा और गाजीपुर में पुराने कचरे के निस्तारण से बड़ी मात्रा में जमीन को मुक्त कराया जा रहा है। यह केवल सफाई अभियान नहीं, बल्कि दिल्ली के भविष्य को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। खाली कराई जा रही जमीन का उपयोग जनहित से जुड़े कार्यों के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाजपा जो कहती है, उसे पूरा करके दिखाती है। दिल्ली की जनता से कूड़े के पहाड़ों को कम करने और राजधानी की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने का जो संकल्प लिया गया था, उस पर सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। कचरे को केवल एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचाना समाधान नहीं है, बल्कि उसका वैज्ञानिक प्रसंस्करण, निस्तारण और उपयोगी संसाधनों में परिवर्तन आवश्यक है। सरकार इसी दिशा में प्रोसेसिंग प्लांटों की क्षमता बढ़ाने, आधुनिक तकनीक अपनाने और वेस्ट-टू-रिसोर्स की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दे रही है। संजय गोयल ने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार के समन्वित प्रयासों से दिल्ली में सफाई व्यवस्था को नई गति मिल रही है। कूड़े के पहाड़ों का आकार लगातार कम होना सरकार की कार्यप्रणाली का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए केवल सरकार ही नहीं, बल्कि आम जनता की भागीदारी भी जरूरी है। यदि लोग घर से ही कचरे को अलग-अलग करके दें और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा न फैलाएं तो इस अभियान को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि सरकार की मौजूदा गति और योजनाबद्ध प्रयासों से आने वाले समय में दिल्ली को कूड़े के पहाड़ों की समस्या से काफी हद तक मुक्ति मिलेगी और राजधानी स्वच्छता के क्षेत्र में नई मिसाल कायम करेगी।



