Delhi School Bomb Threat: दिल्ली में बम धमकी से दहशत, एक ही दिन में 20 स्कूलों को उड़ाने की धमकी, राजनीति गरमाई
राजधानी दिल्ली में स्कूलों को उड़ाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार की सुबह एक बार फिर हड़कंप मच गया जब दिल्ली के 20 से अधिक स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। यह इस सप्ताह का चौथा दिन है जब स्कूलों को इस तरह टारगेट किया गया है। पुलिस तुरंत हरकत में आई और विभिन्न स्कूल परिसरों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। अभी तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन बच्चों, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ में डर और तनाव का माहौल है।
सबसे पहले रोहिणी सेक्टर 3 स्थित अभिनव पब्लिक स्कूल को एक ईमेल मिला जिसमें बम होने की बात कही गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे अन्य स्कूलों को भी इसी प्रकार के मेल मिलने लगे। पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर स्कूलों को खाली कराया और सघन तलाशी अभियान चलाया। राहत की बात यह रही कि अब तक कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली है, लेकिन सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर कौन लगातार बच्चों को और उनके अभिभावकों को इस मानसिक तनाव से गुजरने के लिए मजबूर कर रहा है।
इस घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। दिल्ली की पूर्व शिक्षा मंत्री और वर्तमान विधायक आतिशी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा हमला बोलते हुए लिखा कि जब एक के बाद एक इतने सारे स्कूलों को धमकी मिल रही है, तब सोचना चाहिए कि उन बच्चों और उनके माता-पिता पर क्या गुजर रही होगी। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र, उपराज्यपाल, दिल्ली पुलिस और एजेंसियों सब पर भाजपा का नियंत्रण है, फिर भी बच्चों को सुरक्षा नहीं मिल पा रही है, यह शर्मनाक है।
यह पहला मौका नहीं है जब दिल्ली के स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली हो। पिछले तीन दिनों में कम से कम 11 स्कूलों को इसी तरह धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे। लेकिन मंगलवार को एक साथ 20 से अधिक स्कूलों को धमकियां मिलने से सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है। अब इस मामले में साइबर सेल भी सक्रिय हो गई है और मेल भेजने के सोर्स की जांच शुरू कर दी गई है।
विपक्ष दिल्ली सरकार पर भी सवाल उठा रहा है कि ऐसे गंभीर मामलों में क्यों कोई ठोस बयान या ऐक्शन प्लान सामने नहीं आ रहा। वहीं दूसरी तरफ, बच्चों के अभिभावकों में भी गहरी नाराजगी देखी जा रही है। कई माता-पिता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि अब हर सुबह बच्चों को स्कूल भेजते समय डर लगता है। उन्होंने दिल्ली सरकार से बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।



