Delhi Crime: IFSO की बड़ी कार्रवाई, चीनी नागरिक समेत 7 अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने एक बड़ी और हाई-टेक कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में एक चीनी नागरिक सहित कुल सात शातिर साइबर मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों में ऑनलाइन ठगी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था और डिजिटल तकनीक का दुरुपयोग कर आम लोगों को आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी डिजिटल प्लेटफॉर्म, नकली निवेश योजनाएं, ऑनलाइन जॉब ऑफर और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। ये लोग खुद को विदेशी कंपनियों का प्रतिनिधि, निवेश सलाहकार या सरकारी एजेंसियों से जुड़ा अधिकारी बताकर पीड़ितों से संपर्क करते थे। भरोसा जीतने के बाद मोटे मुनाफे, कम समय में पैसे दोगुने करने या आकर्षक नौकरी का लालच देकर बैंक खातों, यूपीआई और डिजिटल वॉलेट्स के माध्यम से लाखों और करोड़ों रुपये की ठगी की जाती थी।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस गिरोह का नेटवर्क केवल भारत तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार विदेशों से भी जुड़े हुए थे। गिरफ्तार किया गया चीनी नागरिक इस पूरे रैकेट की अहम कड़ी माना जा रहा है, जो तकनीकी सपोर्ट, सर्वर संचालन, फर्जी ऐप्स के मैनेजमेंट और विदेशों में पैसों के ट्रांसफर की व्यवस्था करता था। आरोपी वीपीएन, एन्क्रिप्टेड चैट ऐप्स, वर्चुअल नंबर और विदेशी सर्वर का इस्तेमाल कर खुद को कानून की पकड़ से दूर रखने की कोशिश कर रहे थे।
दिल्ली पुलिस IFSO यूनिट ने खुफिया इनपुट और तकनीकी निगरानी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। एक साथ कई राज्यों में छापेमारी कर सभी आरोपियों को दबोचा गया। पुलिस ने इनके पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, सैकड़ों सिम कार्ड, फर्जी बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, डिजिटल डिवाइसेज और साइबर ठगी से संबंधित अहम डेटा बरामद किया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के सबूत सामने आए हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह से जुड़े कई अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं। साथ ही ठगी के शिकार लोगों की पहचान कर कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई और नुकसान की भरपाई के प्रयास भी किए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि साइबर अपराध के खिलाफ इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेंगी।


