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Trump Venezuela attack: वेनेजुएला पर हमला, राष्ट्रपति की गिरफ्तारी और फिर नोबेल की मांग, ट्रंप ने खुद को बताया सबसे बड़ा दावेदार

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Trump Venezuela attack: वेनेजुएला पर हमला, राष्ट्रपति की गिरफ्तारी और फिर नोबेल की मांग, ट्रंप ने खुद को बताया सबसे बड़ा दावेदार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर बड़ा और विवादित दावा किया है। 2025 में पुरस्कार न मिलने के बावजूद ट्रंप ने 2026 की शुरुआत से ही खुद को इसका सबसे मजबूत हकदार बताया है। व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दुनिया के कई बड़े और लंबे समय से चले आ रहे संघर्षों को रोका है और लाखों लोगों की जान बचाई है, इसलिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार मिलना चाहिए। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उन पर वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई और वहां के राष्ट्रपति को जबरन उठाने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने कुल आठ बड़े अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को खत्म कराया या उन्हें युद्ध में बदलने से पहले ही रोक दिया। उनके अनुसार, इनमें से कई टकराव 25 से 36 सालों से चल रहे थे, जिन्हें उन्होंने बिना बड़े सैन्य अभियान और परमाणु हथियारों के खतरे के शांत किया। ट्रंप ने कहा कि उनकी विदेश नीति का मकसद हमेशा युद्ध रोकना और बातचीत के जरिए समाधान निकालना रहा है। उन्होंने इसे अपनी सबसे बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताया और कहा कि ऐसे काम करने वाला नेता ही नोबेल शांति पुरस्कार का असली हकदार होता है।

दक्षिण एशिया का जिक्र करते हुए ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव रोकने का दावा दोहराया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच हालात बेहद गंभीर हो चुके थे, विमान गिराए जा रहे थे और परमाणु युद्ध की आशंका पैदा हो गई थी। ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका की मध्यस्थता और दबाव के चलते यह टकराव युद्ध में बदलने से पहले ही थम गया। उन्होंने कहा कि अगर यह युद्ध होता, तो लाखों लोगों की जान जा सकती थी। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से माना था कि उनकी भूमिका की वजह से युद्ध टला और करीब एक करोड़ लोगों की जान बची।

अपने बयान में ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि ओबामा को राष्ट्रपति बनने के कुछ ही समय बाद नोबेल शांति पुरस्कार दे दिया गया था और खुद ओबामा भी यह नहीं जानते थे कि उन्हें यह सम्मान क्यों मिला। ट्रंप ने कहा कि अगर युद्ध रोकना नोबेल का पैमाना है, तो उनका रिकॉर्ड कहीं ज्यादा मजबूत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उनकी कूटनीतिक कोशिशों की सराहना की थी और माना था कि कुछ संघर्ष जिन्हें रूस वर्षों में नहीं सुलझा पाया, उन्हें ट्रंप ने बातचीत और दबाव से सुलझा दिया।

हालांकि ट्रंप ने यह भी कहा कि वह पुरस्कार के पीछे नहीं भागते और उनके लिए सबसे बड़ी बात लोगों की जान बचाना है, खासकर तब जब परमाणु हथियारों वाले देशों के बीच तनाव हो। लेकिन उनके इस बयान को लेकर आलोचना भी तेज हो गई है, क्योंकि यह दावा ऐसे समय में आया है जब वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई, वहां के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी और नए टकराव की आशंकाएं सामने आई हैं। एक तरफ खुद को शांति का सबसे बड़ा रक्षक बताना और दूसरी तरफ सैन्य हस्तक्षेप के आरोप, ट्रंप के नोबेल दावे को बेहद विरोधाभासी बना रहे हैं।

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