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Delhi LPG shortage: रसोई गैस संकट के चलते ढूंढनें शुरू किये लोगो नें विकल्प, परमानन्द शर्मा बड़ी इंडक्शन चूल्हे तथा हीटर की मांग

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Delhi LPG shortage: रसोई गैस संकट के चलते ढूंढनें शुरू किये लोगो नें विकल्प : परमानन्द शर्मा
बड़ी इंडक्शन चूल्हे तथा हीटर की मांग
– रवि कुमार –
नई दिल्ली , राजधानी दिल्ली में रसोई गैस संकट लगातार गहराता जा रहा है | आलम यह है की लोगो नें खासतौर से महिलाओं नें रसोई गैस के विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं क्योंकि चाय नाश्ता और खाना तो जीने के लिए चाहिए ही | यह कहना है राम नगर वार्ड से कांग्रेस के पूर्व निगम प्रत्याशी परमानंद शर्मा का | परमानन्द शर्मा कहते हैं जिन हीटरों तथा बिजली के चूल्हों को लोगो नें टांड पर उठाकर रख दिया था उनकी साफ़ -सफाई कर दुबारा से रसोई घर में उतार दिया है | श्री शर्मा कहते हैं शहर में जिधर देखो वहीं रसोई गैस की बात हो रही है | गैस की एजेंसियों पर लंबी-लंबी लाइनें दिख रही है लिहाजा अपना सिलेंडर ल्ह्तं होने से पहले विकल्प तलाश रहे हैं | श्री शर्मा कहते हैं ऐसे में बिजली के चूल्हों तथा हीटर की मांग बढ़ गई है | महिलाओं नें घरों में बनने वाली डिश बदल डाली है जिस डिस को पकने में देरी लगती है उसके स्थान पर दलिया और खिचड़ी जैसे उपाय तलाश लिए हैं |

परमानन्द शर्मा कहते हैं पहले तो लोग यदि घर में खाना नहीं बनता था तो रेंस्तरा या ढाबों से मंगा लेते थे लेकिन गैस किल्लत के चलते वे भी बंद होते जा रहे है लोग अब इंधन के जुगाड़ में लगे हैं ऐसे में उपलों की मांग भी बढ़ रही है | वे कहते हैं भाजपा सरकार की नीतियों के चलते देश के लोग भोजन पकाने के लिए करीब पचास साल पुरानी नीतियां अपनाने को विवश हो रहे हैं | ऐसा लगता है शहर के लोगो को अपना पूरण ग्रामीण जीवन याद आ रहा है | परमानन्द शर्मा कहते हैं पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न होने वाले इस संकट का पूर्वानुमान लगाने में मोदी सरकार की घोर विफलता के चलते खाना पकाने की गैस की अचानक कमी ने लाखों श्रमिकों को भी बेरोजगार कर दिया है, जिनमें रेहड़ी पटरी पर चाय ,पकोड़ी ,समोसे ,छोले भटूरे बेचने वाले गरीब वेंडर , गिग वर्कर, रसोइया, वेटर और खाद्य व्यवसाय से जुड़े अन्य कर्मचारी शामिल हैं। यह सरकार की विदेश नीति की पूर्ण विफलता का स्पष्ट प्रमाण है।

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