Delhi Laxmi Yojana: इस बार भी दीपावली पर महिलाओं के खातों में नहीं आए पैसे, मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर भी नहीं मिला : नीलम चौधरी
नई दिल्ली (स्पर्श भारद्वाज)। दिल्ली में इस बार भी दीपावली पर महिलाओं को न तो उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता मिली और न ही मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर का लाभ मिल पाया। भाजपा की ओर से विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को लेकर प्रसिद्ध समाजसेविका एवं समस्त रोहताश नगर आरडब्ल्यूए की अध्यक्ष नीलम चौधरी ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि दिल्ली की महिलाएं दीपावली पर आर्थिक सहायता और मुफ्त गैस सिलेंडर मिलने की उम्मीद लगाए बैठी थीं, लेकिन त्योहार बीतने के बावजूद उन्हें निराशा हाथ लगी।
नीलम चौधरी ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव के दौरान जो वादे करती है, उन्हें पूरा करने में विफल रहती है और जनता को गुमराह करने का काम करती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के छोटे-बड़े नेताओं ने वादा किया था कि सरकार बनने के बाद महिलाओं के खातों में हर महीने 2,500-2,500 रुपये जमा कराए जाएंगे। लेकिन अब इस योजना को लेकर इतनी कठिन शर्तें लागू कर दी गई हैं कि इसका लाभ सीमित संख्या में महिलाओं तक ही पहुंचने की संभावना रह गई है। उनका कहना है कि पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया के कारण जरूरतमंद महिलाओं को भी योजना का लाभ पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
नीलम चौधरी ने मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर के चुनावी वादे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने होली और दीपावली पर महिलाओं को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन दूसरी दीपावली भी आ गई और अब तक महिलाओं को सिलेंडर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि महिला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार महिलाओं के लिए घोषित लक्ष्मी योजना के तहत प्रतिमाह 2,500 रुपये देने का वादा भी अभी तक पूरा नहीं कर पाई है। उनके अनुसार, दीपावली पर भी लाखों गरीब परिवारों की महिलाएं आर्थिक सहायता मिलने का इंतजार करती रहीं।
नीलम चौधरी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की ओर से समय-समय पर योजना को लेकर घोषणाएं की गईं और अनुमोदन पत्र भी वितरित किए गए, लेकिन इसके बावजूद महिलाओं को इसका वास्तविक आर्थिक लाभ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एक करोड़ से अधिक महिलाएं हैं, जबकि भाजपा सरकार ने दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत केवल 17 लाख महिलाओं को लाभ देने का लक्ष्य रखा है। उनके मुताबिक, यह राजधानी की कुल महिला आबादी का बहुत छोटा हिस्सा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार की वित्तीय और प्रशासनिक परिस्थितियों के कारण महिलाओं के खातों में 2,500 रुपये जमा कराने का वादा पूरा नहीं हो पा रहा है।
नीलम चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा नेताओं के चुनावी वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली की प्रत्येक महिला को हर महीने 2,500 रुपये देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने इसे चुनावी जुमला बताते हुए कहा कि भाजपा पिछले डेढ़ वर्ष से अधिक समय से लक्ष्मी योजना को लेकर दिल्ली की महिलाओं को उम्मीद दिला रही है, जबकि जमीनी स्तर पर उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है।
उन्होंने योजना की आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की शर्तों का भी उल्लेख किया। नीलम चौधरी के अनुसार, 1 अगस्त 2026 को आवेदन शुरू होने के बाद योजना के लिए 9.2 लाख से अधिक महिलाओं ने पंजीकरण कराया था। योजना में 21 से 60 वर्ष की आयु की स्थायी दिल्ली निवासी महिलाओं को पात्रता के दायरे में रखा गया था, जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों, आयकरदाताओं और पेंशनभोगियों को योजना से बाहर रखने का प्रावधान किया गया था।
नीलम चौधरी ने दावा किया कि योजना के तहत मिलने वाली 2,500 रुपये की मासिक सहायता में से 1,500 रुपये तीन साल के लिए सरकार के पास आरडी या फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में रखे जाने थे, जबकि केवल 1,000 रुपये डिजिटल वॉलेट के माध्यम से दिए जाने थे। उन्होंने आशंका जताई कि इन शर्तों के चलते दिल्ली की गरीब महिलाओं को योजना का पूरा लाभ मिलना मुश्किल होगा। उन्होंने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि प्रशासनिक मामलों में सरकार आम आदमी पार्टी के पदचिह्नों पर चल रही है। ऑनलाइन शराब परोसने की व्यवस्था को उन्होंने इसका उदाहरण बताया। नीलम चौधरी ने मांग की कि सरकार महिलाओं से किए गए चुनावी वादों को पूरा करे और उन्हें आर्थिक सहायता तथा मुफ्त गैस सिलेंडर का लाभ उपलब्ध कराए।





आपकी राय