क्राइम कैपिटल बनती जा रही है दिल्ली : सुभाष चन्द्र लाला
ट्रिपल इंजन की सरकार पूरी तरह फेल
नई दिल्ली (सी.पी.एन.न्यूज़ ) : राजधानी दिल्ली की कानून व्यवस्था लगातार चौपट होती जा रही है ,दिल्ली अब अपराध की भी राजधानी बनती जा रही है ट्रिपल इंजन की सरकार हर मामले की तरह अपराधों पर भी अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है | यह कहना है आम आदमी पार्टी विश्वास नगर वार्ड के अध्यक्ष सुभाष चन्द्र लाला का |
सुभाष चन्द्र लाला कहते है भारतीय जनता पार्टी के नेता जब कानून व्यवस्था दिल्ली सरकार के पास नहीं थी उस समय दिल्ली सरकार पर अपराध दर में होने वाली बढ़ोतरी पर हल्ला बोलते थे लेकिन अब तो उनकी ट्रिपल इंजन की सरकार है बावजद इसके अपराध दर लगातार बढती जा रही है |
सुभाष चन्द्र लाला कहते हैं दिल्ली में कानून व्यवस्था अनियंत्रित हो गई है, सरकार और पुलिस प्रशासन का अपराधियों पर कोई नियंत्रण नही है। अपराधी खुलेआम लोगों की हत्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोगों की रक्षा और सुरक्षा करना भाजपा की ट्रिपल इंजन की सरकार की नाकामी और पुलिस निष्क्रियता के कारण चुनौती बन चुका है। आम जनता बढ़ते अपराध रेट के कारण भय के साए में जीने को मजबूर है।
सुभाष चन्द्र लाला कहते हैं कि राजधानी दिल्ली क्राईम केपिटल बनी हुई है। पिछले 6 महीनों में 250 से ज्यादा हत्याएं होना अत्यंत संवेदनशील है, जबकि इसी दौरान 386 मामले हत्या के प्रयास, 437 मामले लूटपाट, 2503 झपटमारी और 3186 मामले सैंधमारी के दर्ज हुए है। अपराधियों पर पुलिस का कोई नियंत्रण नही है, दिल्ली में हर दिन खुलेआम गोलीबारी हो रही है और पिछले 6 महीनों में हत्या के मामलों में 3.73 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। आप नेता सुभाष चन्द्र लाला नें कहा कि बलात्कार, यौन अपराधों, छेड़छाड़ के बढ़ते अपराध के कारण राजधानी महिलाओं और बच्चों के लिए असुरक्षित बन चुकी है, क्योंकि पिछले 6 महीनों में दुष्कर्म और पॉक्सो के 932 मामले दर्ज हुए है।
एक रिकॉर्ड के अनुसार 1 जनवरी से 30 जून तक के दौरान भारतीय न्याय संहिता और भारतीय दंड संहिता के तहत रिकार्ड संख्या में मामले दर्ज हुए है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए चिंता व्यक्त की कि राजधानी में प्रतिदिन 5 बलात्कार, 2 हत्या, 18 झपटमारी ;सैंकड़ों चेन स्नेचिंग के ऐसे मामले होते है जो दर्ज नही होते । उन्होंने कहा कि वाहन चोरी के 17512 मामले, अपहरण के 2716 और छेड़छाड़ के 863 मामलें दर्ज हुए हैं। यही नही घरेलू हिंसा और वृद्ध लोगों की हत्या के मामले भी बढ़े है। सुभाष चन्द्र लाला कहते आंकड़ो से साफ़ है ट्रिपल इंजन की सरकार अप्रध्प्न पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रही है |



