दिल्ली सरकार वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है : रोमेश चंद्र गुप्ता
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : राजधानी दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने में दिल्ली सरकार के प्रयास को विश्व बैंक का सहयोग मिलेगा जिसके अंतर्गत प्रदूषण के कारणों की पहचान, रोकथाम और प्रभावी निगरानी प्रणाली स्थापित करने पर 8300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। दिल्ली सरकार ने विश्व बैंक के सहयोग से दिल्ली में स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली परियोजना की घोषणा की है। इस विषय पर बात करते हुए पूर्व चेयरमैन शिक्षा समिति तथा पूर्व जिला महामंत्री रोमेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार की इस नई परियोजना से निश्चित ही दिल्ली में वायु प्रदूषण कम होगा और दिल्ली की जनता को साफ व स्वच्छ हवा मिलेगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना का कुल बजट का 65 प्रतिशत हिस्सा विश्व बैंक द्वारा जबकि 35 प्रतिशत धनराशि दिल्ली सरकार द्वारा वहन की जाएगी। श्री गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना का प्रमुख लक्ष्य परिवहन, सड़क की धूल, निर्माण कचरा, ठोस कचरा प्रबंधन, उद्योग और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या सबसे ज्यादा सामने आती है जिस वजह से दिल्ली की जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है लेकिन अब दिल्ली सरकार की इस परियोजना से फर्क पड़ेगा और दिल्ली में वायु प्रदूषण नियंत्रण में रहेगा। श्री गुप्ता ने बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना, पुराने वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाना और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना इस योजना के केंद्र में है। उन्होंने बताया कि योजना को सफल रूप से चलाने के लिए और तैयारियों को पूर्ण करने के लिए 10 जुलाई को एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया है जिसमें 15 प्रमुख सरकारी विभाग और एजेंसियां मिलकर रोडमैप तैयार करेंगी। श्री गुप्ता ने बताया कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के साथ ही पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर प्रदूषण नियंत्रण पर काम होगा और वैज्ञानिक योजना, जन जागरूकता, प्रशिक्षण और नई तकनीकों व नवाचारों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली में वायु प्रदूषण को कम करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।



