महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिये दिल्ली सरकार पूरी तरह से प्रयासरत : रीना माहेश्वरी
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : दिल्ली सरकार महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण के लिए विभिन्न स्तरों पर व्यवस्थाएं मजबूत कर रही है। इसी विषय पर बात करते हुए अशोक नगर वार्ड की निगम पार्षद रीना माहेश्वरी ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा हेतु दिल्ली सरकार पूरी तरह से प्रयासरत है और हर संभव कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार का यह प्रयास है कि संकट के समय किसी भी महिला या बच्चे को मदद के लिए भटकना न पड़े, उन्हें समय पर सुरक्षा, परामर्श, आश्रय, कानूनी सहायता और पुनर्वास की सुविधा मिले। रीना माहेश्वरी ने बताया कि इसी उद्देश्य के तहत हेल्पलाइन और सहायता केंद्रों के बीच समन्वय बढ़ाने के साथ सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी, सीसीटीवी निगरानी और जागरूकता कार्यक्रमों पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में महिलाओं की सहायता के लिए 11 वन स्टॉप सेंटर और 15 महिला आश्रय गृह संचालित हैं, महिला हेल्पलाइन 181 को आपातकालीन हेल्पलाइन 112, वन स्टॉप सेंटर, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, शक्ति सदन और संरक्षण अधिकारियों से जोड़ा गया है। रीना माहेश्वरी ने बताया कि घरेलू हिंसा और दहेज से जुड़े मामलों में सहायता के लिए 20 संरक्षण अधिकारी कार्यरत हैं, वहीं, कामकाजी महिलाओं के लिए 14 हॉस्टल उपलब्ध हैं, जिनकी कुल क्षमता 2,427 है। उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए डीटीसी की बसों में 2,947 बस मार्शल तैनात हैं और 56 महिला विशेष बसें संचालित हो रही हैं जिनमें से 15 बसें शाम की पाली में चलती हैं और शाम 5 बजे के बाद इनमें सशस्त्र महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाती है। रीना माहेश्वरी ने बताया कि सभी बसों को बस प्रबंधन प्रणाली से जोड़ा गया है और नियंत्रण केंद्र से पैनिक अलार्म, लाइव सीसीटीवी और जीपीएस की 24 घंटे निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए दिल्ली सरकार जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है।



