Vivek Vihar Fire Tragedy: दिल्ली अग्निकांड के पीड़ितों से CM रेखा की मुलाकात, बेहतर इलाज का भरोसा
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके Vivek Vihar में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है, जहां एक ही रात में कई परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पीड़ितों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
यह भयावह घटना रविवार तड़के करीब 3:45 बजे हुई, जब अचानक आग ने विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस हादसे में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि दूसरे परिवार के तीन और एक अन्य परिवार के एक सदस्य की जान चली गई। कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका इलाज दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में जारी है।
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान स्थानीय विधायक Sanjay Goyal, पार्षद Pankaj Luthra और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को घटना की पूरी जानकारी दी और राहत-बचाव कार्यों की स्थिति से अवगत कराया। इस दौरान पीड़ित परिवारों ने अपने दर्द और परेशानियों को साझा किया, जिससे माहौल बेहद भावुक हो गया।
पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से अपील की कि घायलों को बेहतर और त्वरित इलाज उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि अपने प्रियजनों की भरपाई तो कभी नहीं हो सकती, लेकिन जो लोग अभी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, उनके इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। परिवारों ने यह भी मांग की कि सरकारी अस्पतालों में घायलों को प्राथमिकता के आधार पर इलाज मिले और उन्हें लंबी कतारों में न लगना पड़े।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ितों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को तुरंत और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस घटना की जांच भी की जाएगी ताकि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
इस हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। स्थानीय लोग अभी भी इस त्रासदी से उबर नहीं पाए हैं और हर तरफ दुख और आक्रोश का माहौल देखने को मिल रहा है। प्रशासन ने राहत कार्यों को तेज करते हुए प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया है।
यह घटना एक बार फिर शहरी इलाकों में फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि घनी आबादी वाले क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाना बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की त्रासदियों से बचा जा सके।



