Delhi Crime: दिल्ली में 24 घंटे में तीन हत्याएं, कानून-व्यवस्था पर आम आदमी पार्टी का भाजपा पर हमला
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। बीते 24 घंटों के भीतर शहर के विभिन्न इलाकों में तीन अलग-अलग हत्या की वारदातें सामने आई हैं, जिनमें एक नाबालिग समेत तीन लोगों की जान ले ली गई। इन घटनाओं ने न सिर्फ दिल्लीवासियों को झकझोर दिया, बल्कि सियासी गलियारों में भी हलचल पैदा कर दी है। आम आदमी पार्टी ने इन हत्याओं के बहाने दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं और सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है।
पहली घटना मध्य दिल्ली के नबी करीम इलाके में घटी। यहां मामूली सड़क दुर्घटना ने एक निर्दोष जान ले ली। 34 वर्षीय महेंद्र नामक व्यक्ति की गाड़ी का दूसरी गाड़ी से हल्का टकराव हो गया था। इस छोटी-सी बात को लेकर शुरू हुआ झगड़ा देखते ही देखते खूनी रूप ले बैठा। आरोप है कि लकी और सागर नाम के दो भाइयों ने गुस्से में आकर पेचकस से महेंद्र पर जानलेवा हमला कर दिया। घायल अवस्था में महेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने दोनों आरोपियों की पहचान कर ली है, लेकिन फिलहाल वे फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
दूसरी हत्या की वारदात सेंट्रल दिल्ली के पंजाबी बस्ती क्षेत्र से सामने आई। 24 वर्षीय आशीष आनंद की चाकू घोंपकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। पीड़ित की मां ने बेहद भावुक होकर मीडिया को बताया कि यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि एक पूर्व नियोजित साजिश थी। उन्होंने दावा किया कि उनके बेटे के घर के सामने कुछ लोग शराब पी रहे थे और पहले भी उनका झगड़ा हो चुका था। उसी रंजिश के चलते चार-पांच लोगों ने मिलकर आशीष की हत्या कर दी। इस मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है।
तीसरी घटना ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और भी कठघरे में खड़ा कर दिया। यह वारदात उत्तर पूर्वी दिल्ली के सीलमपुर इलाके में हुई, जहां 17 वर्षीय किशोर कुणाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने घायल अवस्था में कुणाल को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं।
इन तीनों घटनाओं के सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला है। आप नेता और दिल्ली की पूर्व शिक्षा मंत्री आतिशी ने सीलमपुर की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “सीलमपुर में 17 वर्षीय युवक की हत्या दिल्ली में बिगड़ती कानून व्यवस्था का एक और उदाहरण है। दिल्ली पुलिस क्या कर रही है?” उन्होंने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए पूछा कि जब दिल्ली पुलिस सीधे केंद्र के अधीन है, तो इन घटनाओं की जिम्मेदारी कौन लेगा?
वहीं आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने भी दिल्ली में “बढ़ते अपराध” को लेकर चिंता जताई और कहा कि भाजपा सरकार अपराध पर काबू पाने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सिर्फ चुनावी राजनीति और विपक्ष को निशाना बनाने में व्यस्त है, जबकि राजधानी में आम नागरिकों की जान खतरे में पड़ी है।
दिल्ली पुलिस ने तीनों मामलों की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज़ कर दिए गए हैं। हालांकि इन वारदातों ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या देश की राजधानी में आम नागरिक अब खुद को सुरक्षित महसूस कर पा रहे हैं? क्या कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाने वाली एजेंसियां अपने कर्तव्य को पूरी तरह निभा रही हैं?



