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Delhi Cleanliness सफाई अभियान की जमीनी हकीकत ने खोली पोल, सड़कों और गलियों में अब भी पसरा कूड़ा : महेंद्र भास्कर

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Delhi Cleanliness सफाई अभियान की जमीनी हकीकत ने खोली पोल, सड़कों और गलियों में अब भी पसरा कूड़ा : महेंद्र भास्कर

नई दिल्ली, (रविंद्र कुमार): दिल्ली में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे सफाई अभियानों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। करोलबाग जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र भास्कर ने कहा कि सरकार की ओर से बड़े स्तर पर सफाई अभियान चलाने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन राजधानी की गलियों, बाजारों, कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर जमीनी स्थिति इन दावों से बिल्कुल अलग नजर आ रही है। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर, गंदगी और जाम नालियां आज भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। करोलबाग जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा- केवल अभियान चलाने और फोटो खिंचवाने से नहीं बदलेगी दिल्ली की तस्वीर, नियमित सफाई व्यवस्था पर देना होगा और सफाई अभियान की वास्तविकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि थोड़ी सी बारिश होते ही कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। नालों और नालियों की समय पर सफाई नहीं होने के कारण गंदा पानी सड़कों पर फैल जाता है। इससे राहगीरों, दुकानदारों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि यदि नियमित रूप से सफाई और ड्रेनों की डिसिल्टिंग होती तो बारिश के दौरान ऐसी स्थिति बार-बार पैदा नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि सफाई अभियान को लेकर प्रचार और दावों पर अधिक जोर दिया जा रहा है, जबकि स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित काम दिखाई नहीं दे रहा। कई इलाकों में अभियान के दौरान सफाई तो कर दी जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों बाद वही स्थान दोबारा कूड़े के ढेर में बदल जाते हैं। इससे स्पष्ट है कि समस्या केवल एक-दो दिन की सफाई से नहीं बल्कि नियमित मॉनिटरिंग और स्थायी व्यवस्था से दूर होगी। महेंद्र भास्कर ने कहा कि दिल्ली की जनता को साफ और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए केवल विशेष अभियान चलाना पर्याप्त नहीं है। घर-घर से कूड़ा उठाने की व्यवस्था, कूड़े का समय पर निस्तारण, नालियों की नियमित सफाई और सफाई कर्मचारियों की पर्याप्त तैनाती सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि सरकार को कागजी रिपोर्ट और दावों के बजाय वार्ड स्तर पर वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली की जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर परिणाम चाहती है। यदि सरकार वास्तव में दिल्ली को स्वच्छ बनाना चाहती है तो उसे सफाई अभियान की तस्वीरों और आंकड़ों से आगे बढ़कर प्रत्येक वार्ड में स्थायी सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

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