एमसीडी अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा के विस्तार के फैसले से दिल्ली के लाखों लोगों को फायदा : संदीप कपूर
नई दिल्ली, ( रविंद्र कुमार) : दिल्ली नगर निगम के अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा का विस्तार किए जाने की प्रस्तावित योजना से किडनी रोगियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पीपीपी मॉडल के तहत निगम के अस्पतालों में डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाने की योजना है। इन केंद्रों पर आधुनिक मशीनों और आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं के साथ मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इससे नियमित डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों को दूर स्थित निजी केंद्रों तक जाने की परेशानी कम हो सकती है और उन्हें अपने आसपास ही उपचार की सुविधा मिल सकेगी। निगम के इस निर्णय का स्वागत करते हुए डेम्स कमेटी के चेयरमैन संदीप कपूर ने कहा कि एमसीडी अस्पतालों में डायलिसिस केंद्र शुरू होने से दिल्ली के लाखों लोगों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिल सकता है। उन्होंने कहा कि किडनी रोगियों को लंबे समय तक नियमित डायलिसिस की आवश्यकता होती है। ऐसे में अस्पतालों में ही यह सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों और उनके परिजनों को निजी केंद्रों पर निर्भरता तथा बार-बार लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिलेगी। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत कई एमसीडी अस्पतालों में डायलिसिस मशीनें स्थापित की जाएंगी। अधिकारियों के अनुसार डायलिसिस सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा और निर्धारित दरों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही जल उपचार संयंत्र, आधुनिक डायलिसिस मशीनें और विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी जैसी व्यवस्थाएं भी प्रस्ताव में शामिल हैं। योजना के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में मरीजों को नियमित उपचार की सुविधा उपलब्ध होने की संभावना है। संदीप कपूर ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना आम जनता की जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। एमसीडी अस्पतालों में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होने से जरूरतमंद लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि ट्रिपल इंजन सरकार लगातार जनहित से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा रही है और जनता से किए गए वायदों को पूरा करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि डायलिसिस जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा को निगम अस्पतालों तक और अधिक पहुंचाने का प्रयास उन परिवारों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगा, जिनके सदस्य लंबे समय से किडनी संबंधी बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रस्तावित केंद्रों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द शुरू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, ताकि इसका लाभ जरूरतमंद मरीजों तक पहुंच सके।



