Ghaziabad: गाजियाबाद के मसौता गांव में दलित-राजपूत टकराव, पथराव से तनाव, पीएसी तैनात
गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के मसौता गांव में रविवार देर शाम बड़ा बवाल खड़ा हो गया जब दलित और राजपूत समुदाय आमने-सामने आ गए। मामूली सड़क हादसे से शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते जातीय टकराव में बदल गया और देर शाम दोनों पक्षों में जमकर पथराव हुआ। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल फैल गया और पुलिस को अतिरिक्त बल के साथ पीएसी तैनात करनी पड़ी। फिलहाल गांव में तनाव बरकरार है और हालात को नियंत्रित करने के लिए भारी सुरक्षा बल की तैनाती की गई है।
यह विवाद शनिवार को उस समय शुरू हुआ जब एक दलित युवक की बाइक गांव के ही राजपूत समुदाय की कार से टकरा गई। आरोप है कि कार सवारों ने युवक को थप्पड़ मार दिया। इसके बाद युवक अपनी मां के साथ विरोध जताने दूसरे पक्ष के पास पहुंचा तो स्थिति और बिगड़ गई। आरोप है कि वहां मां-बेटे को बंधक बनाकर पीटा गया। इस घटना के बाद दलित पक्ष में गुस्सा फैल गया और मामला थाने तक पहुंचा। पुलिस ने इस मामले में आठ लोगों को नामजद करते हुए एससी-एसटी एक्ट समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
रविवार को भीम आर्मी के नेताओं के गांव पहुंचने से विवाद और गरमा गया। राजनीतिक रंग लेने के बाद दोनों पक्षों में तनाव बढ़ा और शाम होते-होते मामला पथराव में बदल गया। पत्थरबाजी के दौरान लोग घरों में दुबककर जान बचाने को मजबूर हो गए। कई लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ने पहले से गांव में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की होती तो स्थिति इतनी नहीं बिगड़ती।
घटना के बाद मसूरी पुलिस और पीएसी ने पूरे इलाके में मोर्चा संभाल लिया। अब तक छह लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है और कई अन्य की पहचान की जा रही है। पुलिस गांव के विभिन्न घरों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि पथराव करने वालों की स्पष्ट पहचान की जा सके।
मसूरी के कार्यवाहक सहायक पुलिस आयुक्त अमित सक्सेना ने कहा कि जैसे ही पथराव की सूचना मिली, पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालात पर काबू पा लिया गया। उन्होंने बताया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



