Category: राज्य

  • Rajasthan Refinery Fire: बालोतरा की HPCL रिफाइनरी में फिर लगी आग, ऑयल लीकेज के बाद हादसा; 15 मिनट में पाया काबू

    Rajasthan Refinery Fire: बालोतरा की HPCL रिफाइनरी में फिर लगी आग, ऑयल लीकेज के बाद हादसा; 15 मिनट में पाया काबू

    राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) की रिफाइनरी में शुक्रवार शाम एक बार फिर आग लगने की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में तेल का रिसाव हो रहा था। इसी दौरान चिंगारी उठने के बाद आग लग गई।

    घटना शुक्रवार शाम करीब 6 बजे की बताई जा रही है। आग लगते ही रिफाइनरी का फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय हो गया और सायरन बजने लगे। यूनिट से धुआं उठता देखकर वहां मौजूद कर्मचारियों और अन्य लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।

    सूचना मिलते ही रिफाइनरी की फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने तत्काल आग बुझाने का अभियान शुरू किया और करीब 15 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।

    यह पहली बार नहीं है जब पचपदरा रिफाइनरी में आग की घटना सामने आई है। इससे पहले इसी साल 20 अप्रैल को रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) और वैक्यूम डिस्टिलेशन यूनिट (VDU) में भी आग लग गई थी। उस समय यूनिट से धुआं और लपटें उठने के बाद फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय किया गया था। दमकल की कई गाड़ियों ने करीब दो से तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया था।

    20 अप्रैल की घटना रिफाइनरी के प्रस्तावित उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले हुई थी। हादसे के बाद 21 अप्रैल को होने वाला उद्घाटन कार्यक्रम टाल दिया गया था। इसके बाद रिफाइनरी में मरम्मत और सुरक्षा से जुड़े काम किए गए और बाद में 4 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन किया।

    पचपदरा में स्थित यह रिफाइनरी HPCL और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है। इसमें HPCL की हिस्सेदारी 74 प्रतिशत, जबकि राजस्थान सरकार की हिस्सेदारी 26 प्रतिशत है। करीब 4,500 एकड़ में फैले इस विशाल परिसर में विदेशों से आयात किए जाने वाले कच्चे तेल को प्रोसेस कर पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार किए जाने हैं।

    रिफाइनरी की वार्षिक क्षमता करीब 9 मिलियन टन कच्चे तेल को प्रोसेस करने की बताई गई है। इसे देश की अत्याधुनिक और हाई-कन्वर्जन रिफाइनरियों में शामिल किया जाता है। इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स करीब 17 बताया जाता है, जो इसकी तकनीकी क्षमता और जटिल कच्चे तेल को उपयोगी पेट्रोलियम उत्पादों में बदलने की क्षमता को दर्शाता है।

    रिफाइनरी में बड़ी संख्या में रिएक्टर, कॉलम और भारी टैंक भारत में तैयार किए गए हैं, जबकि नियंत्रण प्रणाली और हाई-प्रेशर कंप्रेसर से जुड़ी तकनीक में अमेरिका, जापान और यूरोप की तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्माण और फिनिशिंग के लिए विदेशी तकनीकी विशेषज्ञों की मदद भी ली गई थी।

    शुक्रवार की आग की घटना के बाद अब रिफाइनरी प्रबंधन और संबंधित अधिकारी आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर ऑयल लीकेज के बाद चिंगारी से आग लगने की बात सामने आई है, लेकिन घटना की पूरी वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

  • UP Child Trafficking: बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दिल्ली की नर्स समेत 6 गिरफ्तार; 5-5 लाख में होता था सौदा

    UP Child Trafficking: बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दिल्ली की नर्स समेत 6 गिरफ्तार; 5-5 लाख में होता था सौदा

    UP Child Trafficking: बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दिल्ली की नर्स समेत 6 गिरफ्तार; 5-5 लाख में होता था सौदा

    उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बच्चों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। असमोली थाना पुलिस ने मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह में दिल्ली की एक नर्स और हाई-प्रोफाइल सोसाइटी में बच्चों को बेचने वाली महिला भी शामिल हैं। जांच में सामने आया है कि चार-चार साल के दो बच्चों का कथित तौर पर पांच-पांच लाख रुपये में सौदा किया गया था।

    संभल के एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने शुक्रवार को बहजोई स्थित कार्यालय में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरोह ने मेले से दो बच्चों का अपहरण किया था। पुलिस की सक्रियता के बाद आरोपियों ने दूसरे बच्चे को गांव में ही छोड़ दिया था।

    मामले की शुरुआत 4 अगस्त को गांव ओबरी में लगे मेले से हुई। यहां गांव निवासी सलमान के चार वर्षीय बेटे उवैस का अपहरण हो गया। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद 8 अगस्त को इसी मेले से हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के बराही गांव निवासी नाजिर हुसैन के चार वर्षीय बेटे सुलेमान के भी गायब होने की जानकारी सामने आई।

    दो बच्चों के लगातार अपहरण से पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच तेज कर दी। थाना पुलिस, सर्विलांस टीम और एसओजी को जांच में लगाया गया। पुलिस ने आरोपियों तक पहुंचने के लिए करीब 80 किलोमीटर के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक बाइक और एक कार को ट्रेस किया गया, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।

    पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में ऐंचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र के अशरफपुर गांव निवासी फरीद, मुरादाबाद के कुंदरकी थाना क्षेत्र के सादात निवासी फैसल, पाकबड़ा निवासी शमशाद, दिल्ली के शिव विहार निवासी कोमल, नंदनगरी निवासी वंदना जैन और करावल नगर निवासी गुड्डी शामिल हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया कि उवैस के अपहरण में उसके रिश्ते के साले सलमान उर्फ सुल्तान और उसकी पत्नी साजिया की भी कथित भूमिका थी। दोनों रामपुर के खजुरिया थाना क्षेत्र के ऊधमपुरा गांव में रहते हैं। पुलिस अब पूरे नेटवर्क में उनकी भूमिका और अन्य संभावित लोगों के संबंध में भी जांच कर रही है।

    एसपी के अनुसार, पहला बच्चा अपहरण करने के बाद दिल्ली लाया गया था। पुलिस का दावा है कि उसे दिल्ली की कोमल और वंदना जैन को 2.40 लाख रुपये में बेच दिया गया। इसके बाद दोनों महिलाओं ने कथित तौर पर बच्चे का पांच लाख रुपये में दूसरे परिवार के साथ सौदा किया।

    पुलिस के मुताबिक, दूसरे चार वर्षीय बच्चे का भी पांच लाख रुपये में सौदा तय किया गया था। हालांकि, 8 अगस्त को बच्चे के अपहरण के बाद आरोपियों को पुलिस के पीछा करने की भनक लग गई। इसके बाद पुलिस को गुमराह करने के लिए बच्चे को वापस गांव ओबरी में छोड़ दिया गया।

    पूछताछ में पुलिस को कथित तौर पर यह जानकारी भी मिली कि गिरोह बच्चों को अपहरण करने के बाद अलग-अलग लोगों तक पहुंचाता था और उनसे मोटी रकम वसूलता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने इससे पहले कितने बच्चों को निशाना बनाया और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

    पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वाहनों की आवाजाही और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया है। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों की तस्करी जैसे गंभीर अपराध में शामिल अन्य संदिग्धों की पहचान के लिए जांच जारी है।

    इस मामले ने बच्चों की सुरक्षा और मेले जैसे सार्वजनिक आयोजनों में निगरानी व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस अब गिरोह के कथित खरीददारों और अन्य संपर्कों की जानकारी जुटा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।

  • West Bengal: स्वतंत्रता दिवस से पहले बीरभूम में बड़ी कार्रवाई, 304 जिलेटिन की छड़ें और देसी बम बरामद; एक गिरफ्तार

    West Bengal: स्वतंत्रता दिवस से पहले बीरभूम में बड़ी कार्रवाई, 304 जिलेटिन की छड़ें और देसी बम बरामद; एक गिरफ्तार

    West Bengal: स्वतंत्रता दिवस से पहले बीरभूम में बड़ी कार्रवाई, 304 जिलेटिन की छड़ें और देसी बम बरामद; एक गिरफ्तार

    स्वतंत्रता दिवस से पहले पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान जिलेटिन की छड़ें, देसी बम और विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई है। एक मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया है।

    पुलिस अधिकारी के अनुसार, रामपुरहाट थाना क्षेत्र के पठानपाड़ा इलाके में एक व्यक्ति के घर पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान कथित तौर पर 304 जिलेटिन की छड़ें बरामद हुईं। इस मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ की जा रही है।

    इसके अलावा जिले के एक अन्य इलाके में की गई कार्रवाई के दौरान करीब 38 किलोग्राम जिलेटिन की छड़ें बरामद होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री वहां किस उद्देश्य से रखी गई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं।

    मल्लारपुर इलाके के कोट गांव में भी रात के समय छापेमारी की गई। पुलिस के मुताबिक, एक मिट्टी के मकान के अंदर चार बोरियों में देसी बम रखे मिले। बरामद सामग्री को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

    इसी तरह नलहाटी थाना क्षेत्र के लोकनमारा गांव में एक खाली पड़े मकान से विस्फोटक बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, यहां से अमोनियम नाइट्रेट और डेटोनेटर समेत अन्य सामग्री मिली है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और बरामद सामग्री के स्रोत तथा संभावित इस्तेमाल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

    स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए पश्चिम बंगाल में सुरक्षा व्यवस्था पहले से बढ़ाई गई है। ऐसे में अलग-अलग स्थानों से विस्फोटक सामग्री की बरामदगी को सुरक्षा के लिहाज से गंभीर माना जा रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन बरामदगी का आपस में कोई संबंध है या नहीं।

    वहीं, 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। लाल किले और आसपास के इलाकों में व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू किए गए हैं।

    डीसीपी ट्रैफिक निशांत गुप्ता के अनुसार, 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले से देश को संबोधित करेंगे और समारोह में बड़ी संख्या में वीआईपी अतिथि शामिल होंगे। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए लाल किले के आसपास कई सड़कों को सुबह 4 बजे से 11 बजे तक आम यातायात के लिए बंद रखा जाएगा।

    इनमें नेताजी सुभाष मार्ग, लोथियन रोड, निषादराज मार्ग, श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग, एस्प्लेनेड रोड, किला घाट रोड और रिंग रोड/मोएट रोड समेत प्रमुख मार्ग शामिल हैं। साथ ही भारी वाहनों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।

    स्वतंत्रता दिवस से पहले बीरभूम में विस्फोटक बरामदगी और दिल्ली में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच सुरक्षा एजेंसियां लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद विस्फोटकों और गिरफ्तार व्यक्ति से जुड़ी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

  • Telangana Murder: घर में 27 बार चाकू से वार कर स्कूल प्रिंसिपल की हत्या, लूट नहीं तो किसने और क्यों मारा?

    Telangana Murder: घर में 27 बार चाकू से वार कर स्कूल प्रिंसिपल की हत्या, लूट नहीं तो किसने और क्यों मारा?

    Telangana Murder: घर में 27 बार चाकू से वार कर स्कूल प्रिंसिपल की हत्या, लूट नहीं तो किसने और क्यों मारा?

    तेलंगाना के नलगोंडा जिले में एक स्कूल प्रिंसिपल की घर में बेरहमी से हत्या किए जाने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। 48 वर्षीय कल्लू रूपा रेड्डी को हमलावरों ने कथित तौर पर करीब 27 बार चाकू मारा। वह कोंडामल्लेपल्ली स्थित नागार्जुना ग्रामर इंग्लिश मीडियम स्कूल की प्रिंसिपल और निदेशक थीं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है।

    पुलिस के मुताबिक, रूपा रेड्डी अपने पति कल्लू राजेंद्र रेड्डी के साथ कोंडामल्लेपल्ली की एक कॉलोनी में रहती थीं। परिवार का एक मकान हैदराबाद में भी है, जहां उनका बेटा अभिनव रेड्डी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। पति-पत्नी अक्सर दोनों शहरों के बीच आते-जाते रहते थे।

    बताया गया कि रूपा रेड्डी शनिवार को अपने पति के साथ तीन दिन की छुट्टी के लिए हैदराबाद गई थीं। राजेंद्र रेड्डी को हैदराबाद में कुछ जरूरी काम था, जिसके चलते रूपा मंगलवार सुबह अकेले कोंडामल्लेपल्ली लौट आईं। इसके बाद वह अपने स्कूल पहुंचीं और नियमित काम किया।

    पुलिस के अनुसार, रूपा रेड्डी मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे तक स्कूल में थीं। इसके बाद वह अपने घर चली गईं। घर लौटते समय उन्होंने कुछ सहकर्मियों से कथित तौर पर कहा था कि उनके कुछ दोस्त उनसे मिलने घर आने वाले हैं। इसके बाद उनके साथ क्या हुआ, इसकी जानकारी बुधवार को सामने आई।

    बुधवार को जब रूपा रेड्डी स्कूल नहीं पहुंचीं तो उनके पति ने उन्हें फोन किया। कई बार फोन करने के बावजूद जब उनसे संपर्क नहीं हो सका तो राजेंद्र रेड्डी को चिंता हुई। उन्होंने अपने घर में रहने वाले किरायेदारों से भी पत्नी के बारे में जानकारी लेने को कहा, लेकिन वहां से भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।

    इसके बाद राजेंद्र रेड्डी ने पड़ोस में रहने वाले चिंतापल्ली के सब-इंस्पेक्टर राममूर्ति से घर जाकर देखने का अनुरोध किया। SI राममूर्ति कुछ पड़ोसियों के साथ रूपा रेड्डी के घर पहुंचे। वहां उन्होंने उन्हें खून से लथपथ हालत में पाया। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई।

    सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल को सुरक्षित कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉग स्क्वॉड की मदद भी ली गई। पुलिस ने घर और आसपास के इलाके में मौजूद संभावित सुरागों को जुटाने का प्रयास किया।

    देवरकोंडा के डीएसपी एमवी श्रीनिवास राव के अनुसार, रूपा रेड्डी के शरीर पर करीब 27 चाकू के घाव मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में वार किए जाने से पुलिस हत्या की बेरहमी को लेकर कई पहलुओं की जांच कर रही है।

    शुरुआती जांच में पुलिस को घर से नकदी या कोई कीमती सामान गायब नहीं मिला है। इसी वजह से फिलहाल लूट को हत्या का स्पष्ट कारण नहीं माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हमलावर मृतका को पहले से जानता था या फिर किसी अन्य वजह से घर में दाखिल हुआ।

    रूपा रेड्डी ने घटना से कुछ समय पहले अपने सहकर्मियों से दोस्तों के घर आने की बात कही थी। इस जानकारी को भी पुलिस जांच का एक अहम हिस्सा मान रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मंगलवार शाम उनके घर कौन-कौन आया था और उनके साथ आखिरी बार किसकी बातचीत हुई थी।

    फिलहाल पुलिस ने किसी व्यक्ति को आरोपी घोषित नहीं किया है। जांच टीम मृतका के परिचितों, सहकर्मियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही घटनास्थल से मिले सुरागों के आधार पर हमलावर तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

    पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे वास्तविक मकसद जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। लूट की संभावना कमजोर पड़ने के बाद अब जांच का मुख्य फोकस मृतका के व्यक्तिगत और पेशेवर संपर्कों के साथ-साथ उस व्यक्ति की पहचान पर है, जिसने घर में घुसकर वारदात को अंजाम दिया।

     

  • Sukhbir Badal Attack: नांदेड़ गुरुद्वारे में सुखबीर बादल पर निहंग ने कृपाण से किया हमला, हाथ में लगी चोट; PM मोदी ने जाना हाल

    Sukhbir Badal Attack: नांदेड़ गुरुद्वारे में सुखबीर बादल पर निहंग ने कृपाण से किया हमला, हाथ में लगी चोट; PM मोदी ने जाना हाल

    Sukhbir Badal Attack: नांदेड़ गुरुद्वारे में सुखबीर बादल पर निहंग ने कृपाण से किया हमला, हाथ में लगी चोट; PM मोदी ने जाना हाल

    महाराष्ट्र के नांदेड़ में गुरुवार को शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर गुरुद्वारे में हमला कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, गुरुद्वारा माता साहिब कौर में एक निहंग ने कथित तौर पर कृपाण से सुखबीर बादल पर वार किया। हमले में उनके हाथ में चोट लगी है। घटना के बाद आरोपी को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक, घटना दोपहर करीब 1 बजकर 50 मिनट की है। सुखबीर सिंह बादल अपने परिवार के साथ नांदेड़ स्थित गुरुद्वारे में माथा टेकने पहुंचे थे। इसी दौरान एक निहंग ने उन पर कृपाण से हमला करने की कोशिश की। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने तुरंत आरोपी को पकड़ लिया। हमलावर की पहचान जसपाल सिंह के रूप में बताई गई है।

    हमले के दौरान सुखबीर बादल की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी संतोष हेगड़े भी घायल हो गए। उन्होंने हमलावर को रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान उन्हें भी चोट आई। घटना के तुरंत बाद सुखबीर बादल को इलाज के लिए यशोसाईं अस्पताल ले जाया गया।

    नांदेड़ के कलेक्टर डॉ. राहुल कर्डले के मुताबिक, सुखबीर बादल और उनके सुरक्षा स्टाफ में तैनात एक PSI को हाथ में मामूली चोट आई है। दोनों खतरे से बाहर हैं। सुखबीर बादल के हाथ में करीब 5 सेंटीमीटर का कट लगा है और उन्हें 7 से 8 टांके लगाए गए हैं।

    कलेक्टर ने बताया कि सुखबीर बादल का नांदेड़ दौरा निजी था और इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को पहले से नहीं दी गई थी। हालांकि, उन्हें व्यक्तिगत रूप से Z+ सुरक्षा प्राप्त है, जिसके चलते स्थानीय पुलिस की सुरक्षा भी उनके साथ थी। फिलहाल उनके परिजन अस्पताल में उनकी देखभाल कर रहे हैं।

    घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की और पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने घटना से जुड़े CCTV फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से भी जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि हमले की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।

    महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी सुखबीर बादल की पत्नी और सांसद हरसिमरत कौर बादल से फोन पर बातचीत कर उनका हाल जाना। शिंदे ने कहा कि आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और मामले में किसी को भी छूट नहीं दी जाएगी।

    एकनाथ शिंदे ने यह भी माना कि घटना सुरक्षा में चूक का मामला हो सकती है और इसकी अलग से जांच कराई जाएगी। उन्होंने हरसिमरत कौर को भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हरसिमरत कौर बादल को फोन कर सुखबीर सिंह बादल का हाल जाना। प्रधानमंत्री की ओर से घटना पर चिंता जताते हुए उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई।

    सुखबीर सिंह बादल पर इससे पहले दिसंबर 2024 में भी हमला हुआ था। उस समय अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में सेवादार के रूप में धार्मिक सजा भुगतने के दौरान उन पर गोली चलाने की कोशिश की गई थी। उस घटना में भी सुरक्षा कर्मियों ने हमलावर को समय रहते पकड़ लिया था।

    इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि नांदेड़ में हमला करने वाले कथित निहंग को सम्मानित किया गया था। वीडियो में एक व्यक्ति को दस्तार बांधते हुए दिखाया गया है और दावा किया जा रहा है कि वही व्यक्ति बाद में सुखबीर बादल पर हमला करने वाला आरोपी है। हालांकि, इस वीडियो और इससे जुड़े दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।

    फिलहाल पुलिस आरोपी जसपाल सिंह से पूछताछ कर रही है और हमले के पीछे की वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस CCTV फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। सुरक्षा में हुई संभावित चूक को लेकर भी जांच की जा रही है।

     

  • Bastar Road Accident: बस्तर की वादियां देखने निकलीं मुंबई की बाइक राइडर रिद्धि ठक्कर की दर्दनाक मौत, तेज रफ्तार ट्रेलर ने मारी टक्कर

    Bastar Road Accident: बस्तर की वादियां देखने निकलीं मुंबई की बाइक राइडर रिद्धि ठक्कर की दर्दनाक मौत, तेज रफ्तार ट्रेलर ने मारी टक्कर

    Bastar Road Accident: बस्तर की वादियां देखने निकलीं मुंबई की बाइक राइडर रिद्धि ठक्कर की दर्दनाक मौत, तेज रफ्तार ट्रेलर ने मारी टक्कर

    धमतरी। छत्तीसगढ़ के बस्तर की खूबसूरत वादियों को देखने और बाइक से सफर का आनंद लेने निकली मुंबई की एक युवा राइडर की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। करीब 23 बाइक राइडर्स का समूह बस्तर की यात्रा पर निकला था, लेकिन धमतरी जिले में हुए हादसे ने पूरे सफर को मातम में बदल दिया। एनएच-30 पर मरकाटोला घाट के पास तेज रफ्तार ट्रेलर की टक्कर से 24 वर्षीय रिद्धि ठक्कर गंभीर रूप से घायल हो गईं। इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई।

    मृतका रिद्धि ठक्कर मुंबई के कांदिवली वेस्ट की रहने वाली थीं और बाइक राइडर्स के इस समूह के साथ छत्तीसगढ़ घूमने आई थीं। बताया गया कि बुधवार तड़के करीब 5 से 6 बजे के बीच राइडर्स का अधिकांश समूह आगे निकल चुका था। रिद्धि कुछ अन्य साथियों के साथ पीछे चल रही थीं। इसी दौरान मरकाटोला घाट के पास यह दर्दनाक हादसा हुआ।

    जानकारी के मुताबिक रिद्धि अपनी बाइक नंबर एमएच 12 एसपी 0835 से आगे बढ़ रही थीं। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे एक ट्रेलर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रिद्धि बाइक से सड़क पर जा गिरीं और गंभीर रूप से घायल हो गईं।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। रिद्धि के साथ यात्रा कर रहे उनके साथियों ने तत्काल मदद की और घटना की सूचना संबंधित एजेंसियों को दी। डायल-112 की सहायता से घायल रिद्धि को चारामा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया।

    रिद्धि की हालत गंभीर होने के कारण चारामा स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए धमतरी के श्रीराम अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें धमतरी लाया गया, लेकिन अस्पताल में जांच के बाद डॉक्टरों ने रिद्धि को मृत घोषित कर दिया।

    हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस फरार ट्रेलर और उसके चालक की तलाश कर रही है। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि फरार वाहन की पहचान की जा सके।

    पुलिस दूसरे माध्यमों से भी ट्रेलर और उसके चालक तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे में शामिल ट्रेलर किस दिशा से आया था और घटना के बाद वह किस रास्ते से फरार हुआ। पुलिस का प्रयास है कि आरोपी वाहन चालक को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाए।

    धमतरी के डीएसपी भानुप्रताप चंद्राकर ने बताया कि मृतका रिद्धि ठक्कर मुंबई की रहने वाली थीं। वह अपने बाइक राइडर्स के ग्रुप के साथ बस्तर की यात्रा पर आई थीं। मरकाटोला के पास उनकी बाइक ट्रेलर की चपेट में आ गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    रिद्धि की मौत की सूचना पुलिस ने उनके परिजनों को दे दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और परिवार को घटना की जानकारी मुंबई में दी गई है। हादसे की खबर मिलते ही रिद्धि के परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

    रिद्धि अपने साथियों के साथ बस्तर की यात्रा पर निकली थीं। उनके लिए यह सफर यादगार यात्रा बनने वाला था, लेकिन धमतरी में हुए हादसे ने पूरी यात्रा को दर्दनाक घटना में बदल दिया। उनके साथ यात्रा कर रहे साथी भी इस हादसे से सदमे में हैं।

    बताया गया कि हादसे से कुछ समय पहले बाइक राइडर्स का ज्यादातर समूह आगे निकल चुका था और रिद्धि कुछ अन्य साथियों के साथ पीछे चल रही थीं। इसी दौरान एनएच-30 के मरकाटोला घाट के पास पीछे से आए ट्रेलर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

    यह हादसा एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही के बीच दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा करता है। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और फरार ट्रेलर चालक की तलाश जारी है। हादसे की पूरी परिस्थितियों और वाहन चालक की भूमिका जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी।

  • Ghatkopar Landslide: मुंबई के घाटकोपर में भारी बारिश के बीच भूस्खलन, 7 लोगों की मौत और 4 घायल

    Ghatkopar Landslide: मुंबई के घाटकोपर में भारी बारिश के बीच भूस्खलन, 7 लोगों की मौत और 4 घायल

    Ghatkopar Landslide: मुंबई के घाटकोपर में भारी बारिश के बीच भूस्खलन, 7 लोगों की मौत और 4 घायल

    मुंबई। महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में भारी बारिश के बीच बुधवार तड़के बड़ा हादसा सामने आया। घाटकोपर इलाके के अशोक नगर में भूस्खलन के कारण कई घर मलबे की चपेट में आ गए। इस हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4 लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर उसमें फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

    यह हादसा घाटकोपर-कुर्ला रोड के पास अशोक नगर इलाके में बुधवार सुबह करीब 3:48 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक गौसिया चॉल के कई घर भूस्खलन की चपेट में आ गए। अचानक पहाड़ी से मलबा आने के कारण आसपास बने मकानों पर मलबा गिर गया और कई लोग उसके नीचे दब गए।

    घटना की जानकारी मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, बीएमसी, एनडीआरएफ और 108 एंबुलेंस सेवा की टीमें मौके पर पहुंचीं। बचावकर्मियों ने तत्काल मलबा हटाने का काम शुरू किया। भारी मलबे के कारण राहत एवं बचाव अभियान में मुश्किलें भी सामने आईं, लेकिन टीमें लगातार संभावित जीवित लोगों को तलाशने में जुटी हुई हैं।

    मुंबई पुलिस और बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अधिकारियों के मुताबिक राहत और बचाव अभियान अभी जारी है। मलबे के नीचे कितने लोग फंसे हैं, इसे लेकर शुरुआती अनुमान अलग-अलग रहे। कुछ अधिकारियों ने शुरुआत में तीन से चार लोगों के फंसे होने की आशंका जताई थी, जबकि बाद में बीएमसी की ओर से छह से आठ लोगों के मलबे में दबे होने की संभावना बताई गई।

    हादसे के बाद इलाके में रहने वाले लोगों में भी दहशत फैल गई। आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने और प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की टीमें मौके पर मौजूद हैं। अधिकारी लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं और प्रभावित लोगों की मदद के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

    मुंबई फायर ब्रिगेड, पुलिस, एनडीआरएफ, 108 एंबुलेंस सेवा और बीएमसी के वार्ड स्टाफ की टीमें संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हुई हैं। बचावकर्मी मशीनों और अन्य उपकरणों की मदद से मलबा हटाकर उसके नीचे फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं। राहत अभियान के दौरान प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।

    घटना स्थल पर मुंबई की मेयर रितु तावड़े और एडिशनल म्युनिसिपल कमिश्नर ईस्ट सबर्ब्स डॉ. अविनाश ढाकने सहित वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद हैं। अधिकारी बचाव अभियान की निगरानी कर रहे हैं और मौके पर उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा कर रहे हैं।

    हादसे में घायल हुए लोगों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। कुर्ला भाभा अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार हादसे से जुड़े कुल 4 घायल अस्पताल पहुंचे हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए भर्ती कराया गया है और अस्पताल के अनुसार फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

    हादसे के बाद मृतकों के परिजनों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है। महापौर ने प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 4-4 लाख रुपये की तत्काल वित्तीय सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा प्रत्येक घायल व्यक्ति के इलाज के लिए 50 हजार रुपये की सहायता देने की बात कही गई है।

    मुंबई में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। घाटकोपर की इस घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में पहाड़ी ढलानों और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    फिलहाल बचाव अभियान जारी है और प्रशासन की टीमें मलबे के नीचे संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं। राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही हादसे में कुल नुकसान और प्रभावित परिवारों की संख्या की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी। प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाके में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

     

     

  • Chhattisgarh Liquor Scam: शराब घोटाला मामले में ED का बड़ा एक्शन, कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार

    Chhattisgarh Liquor Scam: शराब घोटाला मामले में ED का बड़ा एक्शन, कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार

    Chhattisgarh Liquor Scam: शराब घोटाला मामले में ED का बड़ा एक्शन, कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल गिरफ्तार

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, अग्रवाल को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत हिरासत में लिया गया है। ईडी अब उन्हें अदालत में पेश कर उनकी हिरासत की मांग करेगी।

    रामगोपाल अग्रवाल को इससे पहले छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने कथित शराब घोटाले, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में जुलाई में गिरफ्तार किया था। ईओडब्ल्यू की कार्रवाई के बाद अब ईडी ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से अपनी जांच आगे बढ़ाते हुए उन्हें गिरफ्तार किया है।

    ईडी के अनुसार, कथित शराब घोटाला वर्ष 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार सत्ता में थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि वरिष्ठ नौकरशाहों और राजनीतिक प्रभाव रखने वाले लोगों से जुड़े एक कथित आपराधिक सिंडिकेट ने राज्य के आबकारी विभाग की गतिविधियों पर व्यापक नियंत्रण स्थापित कर लिया था।

    ईडी का दावा है कि इस कथित नेटवर्क के कारण राज्य सरकार को करीब 2,883 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ। एजेंसी के मुताबिक, अवैध शराब की बिक्री से कथित तौर पर कमीशन की रकम जुटाई गई और इसे नेटवर्क में शामिल लोगों तक पहुंचाया गया। ईडी का आरोप है कि इस रकम का वितरण कथित तौर पर राज्य के शीर्ष राजनीतिक नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार किया गया।

    इस मामले में ईडी अब तक छह आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है और जांच में 81 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोपियों की सूची में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल, पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास, पूर्व संयुक्त सचिव अनिल टुटेजा, पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और मुख्यमंत्री कार्यालय की पूर्व उप सचिव सौम्या चौरसिया समेत कई लोगों के नाम शामिल हैं।

    रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी से पहले भी उनका नाम छत्तीसगढ़ के कथित शराब और अन्य आर्थिक घोटालों की जांच में सामने आता रहा है। ईओडब्ल्यू ने जुलाई के पहले पखवाड़े में उन्हें कथित शराब, कोल लेवी और कस्टम मिलिंग घोटालों से जुड़े मामलों की जांच के दौरान गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया था।

    अदालत ने उस समय उन्हें 17 जुलाई तक नौ दिनों की कस्टोडियल रिमांड पर ईओडब्ल्यू को सौंपा था। जांच एजेंसी अब कथित तौर पर उनके माध्यम से पैसों के लेनदेन और अलग-अलग मामलों के बीच संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।

    रामगोपाल अग्रवाल पिछले करीब तीन वर्षों से सार्वजनिक तौर पर सक्रिय नजर नहीं आए थे। इस दौरान उनके देश और विदेश में होने को लेकर भी अलग-अलग तरह की चर्चाएं सामने आती रही थीं। अब उनकी गिरफ्तारी के बाद कथित आर्थिक मामलों में उनकी भूमिका और पैसों के लेनदेन को लेकर जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है।

    ईओडब्ल्यू का कहना है कि कोल लेवी मामले की जांच के दौरान कथित तौर पर सूर्यकांत तिवारी की जब्त डायरी से महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई। जांच एजेंसी के मुताबिक, डायरी में कांग्रेस भवन के नाम पर करोड़ों रुपये की प्रविष्टियां दर्ज थीं। ईओडब्ल्यू का दावा है कि इन पैसों को रामगोपाल अग्रवाल के माध्यम से कांग्रेस भवन तक पहुंचाया गया।

    जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित रकम का वास्तविक स्रोत क्या था, पैसा किन लोगों ने उपलब्ध कराया और इसे किन लोगों तक पहुंचाया गया। इसके साथ ही कथित लेनदेन में शामिल अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

    शराब घोटाले की जांच में ईडी की कार्रवाई पिछले कई वर्षों से जारी है। एजेंसी ने मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग, अवैध शराब कारोबार और कमीशन के नेटवर्क को लेकर कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच एजेंसी के दावों के मुताबिक, शराब कारोबार से जुड़ी कथित अवैध कमाई को अलग-अलग माध्यमों से खपाया गया और इससे जुड़े लोगों के बीच रकम का वितरण किया गया।

    वहीं कांग्रेस लगातार केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाती रही है। पार्टी का कहना है कि उसके नेताओं के खिलाफ ईडी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। दूसरी ओर, जांच एजेंसियां इन मामलों को वित्तीय अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा मामला बताकर अपनी कार्रवाई को कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा बताती रही हैं।

    रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद अब ईडी उनसे कथित शराब घोटाले और उससे जुड़े मनी ट्रेल को लेकर पूछताछ करेगी। एजेंसी यह भी जांच कर सकती है कि कथित रकम के लेनदेन में उनकी क्या भूमिका थी और अन्य आरोपियों के साथ उनका किस तरह का संपर्क था। आगे की जांच में सामने आने वाले दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और पूछताछ से इस मामले में उनकी कथित भूमिका को लेकर और जानकारी सामने आने की संभावना है।

     

  • Family Crime: बेंगलुरु के होटल में पिता पर दो मासूम बेटियों की हत्या का आरोप, खुदकुशी की कोशिश; पत्नी पर शक का दावा

    Family Crime: बेंगलुरु के होटल में पिता पर दो मासूम बेटियों की हत्या का आरोप, खुदकुशी की कोशिश; पत्नी पर शक का दावा

    Family Crime: बेंगलुरु के होटल में पिता पर दो मासूम बेटियों की हत्या का आरोप, खुदकुशी की कोशिश; पत्नी पर शक का दावा

    बेंगलुरु में सोमवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां एक पिता पर अपनी दो मासूम बेटियों की हत्या करने और इसके बाद खुदकुशी की कोशिश करने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस को घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें आरोपी ने अपनी पत्नी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

    पुलिस के मुताबिक, यह घटना केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित एक होटल में हुई। आरोपी की पहचान 40 वर्षीय एसजी इमरान के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने अपनी 5 वर्षीय और 10 वर्षीय बेटियों की गला घोंटकर हत्या कर दी। मृत बच्चियों की पहचान 5 वर्षीय शेख जेहरा और 10 वर्षीय शेख जोया के रूप में हुई है। परिवार बेंगलुरु के नागवारा इलाके के मेन रोड स्थित बिलाल नगर का रहने वाला बताया गया है।

    घटना का पता उस समय चला जब होटल की सिक्योरिटी को कमरे के अंदर से इमरान के चीखने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर होटल के सुरक्षाकर्मी कमरे के भीतर पहुंचे तो वहां दोनों बच्चियां मृत अवस्था में मिलीं, जबकि इमरान गंभीर रूप से घायल था। होटल स्टाफ ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और घायल इमरान को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

    सूचना मिलते ही केम्पेगौड़ा एयरपोर्ट पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की। पुलिस ने कमरे से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं और मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।

    बेंगलुरु नॉर्थ ईस्ट के डीसीपी जीके मिथुन कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमरान ने कथित तौर पर अपनी दोनों बेटियों की गला घोंटकर हत्या की और इसके बाद चाकू से अपना गला काटकर आत्महत्या की कोशिश की। पुलिस ने उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

    जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से एक कथित नोट भी मिला है। पुलिस के अनुसार, नोट में इमरान ने अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक विवाद का जिक्र किया है। उसने कथित तौर पर पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध होने का शक जताया और इससे जुड़े कुछ सबूत होने का दावा भी किया है। हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि नोट में किए गए आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है।

    पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी होटल में अपनी दोनों बेटियों के साथ कब पहुंचा था और घटना से पहले उसके साथ क्या बातचीत या गतिविधियां हुई थीं। होटल के सीसीटीवी फुटेज, कमरे से मिले साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जानकारी की भी जांच की जा रही है।

    फिलहाल पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है। दोनों बच्चियों की मौत की परिस्थितियों और घटना के पीछे वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए पुलिस आरोपी के बयान के साथ-साथ कथित सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों का मिलान कर रही है। पत्नी पर लगाए गए आरोपों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है, लेकिन पुलिस की जांच पूरी होने तक इन दावों को तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

     

  • JPSC-JSSC Row: देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी, एंबुलेंस से अस्पताल भेजे गए; विधानसभा गेट पर फिर लाठीचार्ज

    JPSC-JSSC Row: देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी, एंबुलेंस से अस्पताल भेजे गए; विधानसभा गेट पर फिर लाठीचार्ज

    JPSC-JSSC Row: देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत बिगड़ी, एंबुलेंस से अस्पताल भेजे गए; विधानसभा गेट पर फिर लाठीचार्ज

    झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को और उग्र हो गया। विधानसभा घेराव के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया। वहीं, विधानसभा के गेट नंबर-1 के पास प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों छात्रों को हटाने के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच फिर तनाव बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

    जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में छात्र झारखंड विधानसभा के गेट नंबर-1 के पास बैठकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों से गेट के आसपास से हटने की अपील की गई। बताया गया कि बार-बार आग्रह के बावजूद जब प्रदर्शनकारी वहां से नहीं हटे तो पुलिस ने उन्हें हटाने के लिए सख्ती शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को वहां से खदेड़ते हुए जगन्नाथ मंदिर की ओर भेजने का प्रयास किया।

    इसी दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तनाव बढ़ गया और लाठीचार्ज की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि पुलिस की कार्रवाई और भगदड़ के दौरान कई छात्रों को चोटें आई हैं। कुछ छात्र जमीन पर गिर गए, जबकि कई अन्य छात्रों के घायल होने की भी बात कही जा रही है। छात्राओं के घायल होने का दावा भी प्रदर्शनकारियों की ओर से किया गया है।

    विधानसभा घेराव के दौरान छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की तबीयत भी अचानक बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। उनके समर्थक भी अस्पताल पहुंचने लगे। महतो ने बताया कि वह पिछले 17 दिनों से सत्याग्रह कर रहे हैं और नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने सरकार पर आंदोलन को लेकर सख्ती बरतने का आरोप लगाया और कहा कि वह छात्रों की मांगों को लेकर अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

    महतो ने कहा कि लाठी, गोली और बंदूकों से सरकार नहीं चलती, बल्कि सरकार जनता को संतुष्ट रखकर चलती है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें प्रताड़ित किया गया और जबरदस्ती एंबुलेंस में बैठाया गया। हालांकि, पुलिस की कार्रवाई और उनके अस्पताल भेजे जाने को लेकर प्रशासन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है।

    लाठीचार्ज के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों का गुस्सा और बढ़ गया। छात्रों ने कहा कि अब सरकार के साथ किसी अन्य स्तर पर बातचीत नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर बातचीत होगी तो सीधे मुख्यमंत्री के साथ होगी। छात्रों ने अपनी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने और इसे और व्यापक करने का ऐलान किया है।

    इससे पहले भी सोमवार को विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई बार टकराव की स्थिति बनी थी। प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की थी। जब छात्रों ने आगे बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कुछ स्थानों पर लाठीचार्ज भी किया गया था।

    JPSC-JSSC की परीक्षाओं और भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं सहित विभिन्न मांगों को लेकर छात्रों का यह आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। विधानसभा घेराव के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद अब आंदोलनकारी छात्रों और सरकार के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना है। फिलहाल प्रशासन की नजर प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर है और सुरक्षा व्यवस्था को भी कड़ा किया गया है।