Category: राज्य

  • Krishna Janmabhoomi: श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में सुलह की कोशिश विफल, हिंदू पक्ष बोला- मस्जिद के लिए एक इंच जमीन नहीं देंगे

    Krishna Janmabhoomi: श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में सुलह की कोशिश विफल, हिंदू पक्ष बोला- मस्जिद के लिए एक इंच जमीन नहीं देंगे

    Krishna Janmabhoomi: श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में सुलह की कोशिश विफल, हिंदू पक्ष बोला- मस्जिद के लिए एक इंच जमीन नहीं देंगे

    मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही मस्जिद ईदगाह विवाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर चल रही सुलह-समझौते की कोशिशों को मंगलवार को एक बार फिर झटका लगा। मथुरा स्थित सुलह समझौता केंद्र में निर्धारित दूसरी वार्ता मुस्लिम पक्ष की अनुपस्थिति के कारण आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद कोर्ट ने पत्रावली पर सुनवाई स्थगित कर दी। अब मामले की अगली महत्वपूर्ण सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में 21, 22 और 23 अगस्त को होने वाली है।

    श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष और हिंदू पक्ष के अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, मंगलवार को सुलह केंद्र में दोनों पक्षों के बीच दूसरी बैठक होनी थी, लेकिन मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुए। इससे पहले 7 अगस्त को भी दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई थी, लेकिन उस बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी थी।

    महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि हिंदू पक्ष का रुख अब स्पष्ट है। उनके मुताबिक, पहले मुस्लिम पक्ष के सामने मस्जिद हटाने के बदले किसी अन्य स्थान पर जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन अब हिंदू पक्ष विवादित पूरी भूमि को श्रीकृष्ण जन्मभूमि की भूमि मानते हुए मस्जिद के बदले वैकल्पिक जमीन देने के लिए तैयार नहीं है।

    मामले के एक अन्य हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहरी ने भी मुस्लिम पक्ष की अनुपस्थिति पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि मुस्लिम पक्ष के पास विवादित स्थल से संबंधित ठोस दस्तावेज नहीं हैं और इसी वजह से वह कथित तौर पर अदालत की कार्यवाही तथा सुलह की प्रक्रिया से दूरी बना रहा है। हालांकि, ये दावे संबंधित पक्षों के आरोप हैं और विवादित मामले में अंतिम स्थिति अदालत के निर्णय से ही स्पष्ट होगी।

    दिनेश फलाहरी ने यह भी बताया कि हिंदू पक्ष की ओर से मेवात में जमीन उपलब्ध कराने और वहां नई मस्जिद के निर्माण का पूरा खर्च उठाने का प्रस्ताव दिया गया था। हालांकि, मंगलवार की बैठक में मुस्लिम पक्ष के शामिल नहीं होने से समझौते की कोशिश आगे नहीं बढ़ सकी।

    अब इस विवाद में सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं। 21, 22 और 23 अगस्त को होने वाली सुनवाई में मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अदालत में आगे की कार्यवाही होगी। फिलहाल सुलह-समझौते की कोशिशें विफल होने के बाद विवाद का कानूनी रास्ता ही आगे बढ़ता दिखाई दे रहा है।

  • Himachal Rain: सिरमौर में चूना पत्थर की खान में भूस्खलन, तीन मजदूर मलबे में दबे; राहत-बचाव अभियान जारी

    Himachal Rain: सिरमौर में चूना पत्थर की खान में भूस्खलन, तीन मजदूर मलबे में दबे; राहत-बचाव अभियान जारी

    Himachal Rain: सिरमौर में चूना पत्थर की खान में भूस्खलन, तीन मजदूर मलबे में दबे; राहत-बचाव अभियान जारी

    हिमाचल प्रदेश में मानसून की बारिश एक बार फिर भारी पड़ रही है। सिरमौर जिले के कफोटा उपमंडल के बांगरण धार स्थित खनन क्षेत्र में मंगलवार को चूना पत्थर की खान में अचानक भूस्खलन हो गया। भारी मात्रा में मलबा गिरने से तीन मजदूर उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए हैं और दबे मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत एवं बचाव अभियान जारी है।

    जानकारी के अनुसार, भूस्खलन की चपेट में एक ट्रक और एलएनटी मशीन भी आ गई। मलबे में दबे तीन लोगों में कमरऊ तहसील के हेवना गांव का एक स्थानीय निवासी और दो प्रवासी मजदूर बताए जा रहे हैं। नायब तहसीलदार कमरऊ ओम प्रकाश ठाकुर के मुताबिक, घटनास्थल स्लाइडिंग जोन में होने के कारण लगातार मलबा गिर रहा है। ऐसे में बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं और टीमों को बेहद सावधानी के साथ काम करना पड़ रहा है।

    बताया गया है कि खनन कार्य पर रोक लगी हुई थी, लेकिन कुछ मजदूर सामान लेने के लिए खान के भीतर गए थे। इसी दौरान अचानक भूस्खलन हो गया और वे मलबे की चपेट में आ गए। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

    भारी बारिश का असर सिरमौर के अलावा हिमाचल प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी देखने को मिला है। लाहौल-स्पीति में बादल फटने के बाद सड़क बह गई, जिसके चलते नीलकंठ यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं और किसानों के वाहन फंस गए। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण कई क्षेत्रों में आवाजाही प्रभावित हुई है।

    कालका-शिमला रेलमार्ग पर मलबा आने के कारण चार ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। वहीं मंडी में एनएच-3 पर चट्टानें गिरने से यातायात बाधित हुआ। सिरमौर में एक नाले के उफान पर आने के कारण मातर स्कूल के 43 बच्चे और 12 शिक्षक करीब तीन घंटे तक फंसे रहे। बाद में उन्हें सुरक्षित निकालने की कार्रवाई की गई।

    बारिश के कारण सिरमौर के स्कूल भवनों की स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। संगड़ाह के प्राथमिक स्कूल लगनू में कक्षा के दौरान छत का प्लास्टर गिर गया। इसकी चपेट में आने से एक छात्रा घायल हो गई। शिक्षकों ने बच्ची को तत्काल स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां उसके सिर पर 11 टांके लगाए गए। पुराने और जर्जर स्कूल भवनों को लेकर अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा पर चिंता जताई है।

    लगातार बारिश, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं ने प्रदेश में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है, जबकि सिरमौर में मलबे में दबे तीन मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं।

  • Double Murder: इंदौर में मां-बेटी की हत्या का दर्दनाक गवाह बना 8 साल का बेटा, बोला- पापा ने पहले मम्मी को मारा फिर दीदी को

    Double Murder: इंदौर में मां-बेटी की हत्या का दर्दनाक गवाह बना 8 साल का बेटा, बोला- पापा ने पहले मम्मी को मारा फिर दीदी को

    Double Murder: इंदौर में मां-बेटी की हत्या का दर्दनाक गवाह बना 8 साल का बेटा, बोला- पापा ने पहले मम्मी को मारा फिर दीदी को

    इंदौर के कनाड़िया थाना क्षेत्र में अनीता और उनकी बेटी माही की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। दोहरे हत्याकांड के बाद अब आरोपी के 8 वर्षीय बेटे अजय का वीडियो सामने आया है, जिसमें वह घटना की भयावह रात के बारे में जानकारी देता नजर आ रहा है। मासूम के बयान ने मामले को बेहद मार्मिक और गंभीर बना दिया है।

    अजय के मुताबिक, घटना वाली रात घर में उसके माता-पिता के बीच विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने के बाद उसके पिता ने पहले उसकी मां अनीता पर हमला किया। इसके बाद उसकी बड़ी बहन माही को भी निशाना बनाया गया। बच्चा इस पूरी घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताया जा रहा है।

    सबसे दर्दनाक बात यह है कि अजय ने न केवल अपनी मां और बहन को अपनी आंखों के सामने खोया, बल्कि उसे खुद भी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। बताया गया है कि घटना के दौरान आरोपी पिता ने अजय और उसकी बड़ी बहन को तालाब में फेंक दिया था।

    अजय ने बताया कि तालाब में गिरने के बाद उसने अपनी जान बचाने के लिए खुद को मृत होने का नाटक किया। इसके बाद उसने तालाब के किनारे मौजूद झाड़ियों को पकड़ लिया और किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहा।

    घटना के बाद सामने आए वीडियो में बच्चा उस रात की घटनाओं को याद करते हुए भय और सदमे में दिखाई दे रहा है। महज 8 साल की उम्र में उसने ऐसी घटना देखी, जिसका असर उसकी पूरी जिंदगी पर पड़ सकता है। जिस उम्र में बच्चे पढ़ाई, खेल और परिवार के साथ सामान्य जीवन बिताते हैं, उस उम्र में अजय को अपनी मां और बहन की मौत का सदमा झेलना पड़ा।

    मासूम के बयान ने मामले के मानवीय पक्ष को भी सामने ला दिया है। घरेलू विवाद के हिंसक रूप लेने के बाद एक परिवार तबाह हो गया। अनीता और उनकी बेटी माही की मौत हो गई, जबकि अजय खुद इस भयावह घटना का गवाह बन गया और किसी तरह अपनी जान बचा सका।

    पुलिस की जांच में बच्चे के बयान समेत मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घटना की पूरी परिस्थितियों और वारदात के पीछे की वजहों को लेकर जांच जारी है।

  • Kolkata Building Collapse: भारी बारिश के बीच 3 मंजिला इमारत का अगला हिस्सा ढहा, महिला की मौत, 15 घायल

    Kolkata Building Collapse: भारी बारिश के बीच 3 मंजिला इमारत का अगला हिस्सा ढहा, महिला की मौत, 15 घायल

    Kolkata Building Collapse: भारी बारिश के बीच 3 मंजिला इमारत का अगला हिस्सा ढहा, महिला की मौत, 15 घायल

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मंगलवार सुबह नॉर्थ कोलकाता के जोड़ाबागान इलाके में बड़ा हादसा हो गया। यहां एक पुरानी तीन मंजिला इमारत का अगला हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे में 50 वर्षीय महिला उर्मिला साहू की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल बताए जा रहे हैं।

    जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह भारी बारिश के बीच जोड़ाबागान के व्यस्त इलाके में अचानक इमारत का अगला हिस्सा भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे के समय इमारत में करीब तीन अलग-अलग परिवार किराए पर रह रहे थे। इमारत का मलबा गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह अचानक तेज आवाज सुनाई दी। इसके बाद लोग मौके की ओर दौड़े और मलबे में लोगों के फंसे होने की जानकारी सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही जोड़ाबागान थाने की पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची।

    बचाव दल ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। मलबे में फंसे 15 घायलों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। इसके बाद घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, बचाव अभियान के दौरान एक महिला का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान 50 वर्षीय उर्मिला साहू के रूप में की गई।

    बताया जा रहा है कि जिस इमारत का हिस्सा ढहा, उसे कोलकाता नगर निगम पहले ही खतरनाक घोषित कर चुका था। इसके बावजूद इमारत में कई परिवार किराए पर रह रहे थे। लगातार हो रही बारिश के बीच इमारत का अगला हिस्सा गिरने से इसकी जर्जर स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

    हादसे के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीम ने मौके पर स्थिति को नियंत्रित किया। आसपास के हिस्से की भी जांच की जा रही है, ताकि किसी अन्य हिस्से के गिरने का खतरा न रहे।

    फिलहाल हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर भारी बारिश को इमारत के अगले हिस्से के ढहने की वजह माना जा रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और प्रशासन की ओर से बचाव एवं सुरक्षा संबंधी कार्रवाई जारी है।

  • Gwalior Accident: सड़क पर बैठी गायों को बचाने के दौरान भीषण हादसा, मजदूरों से भरी पिकअप ट्रक से टकराई, 8 की मौत

    Gwalior Accident: सड़क पर बैठी गायों को बचाने के दौरान भीषण हादसा, मजदूरों से भरी पिकअप ट्रक से टकराई, 8 की मौत

    Gwalior Accident: सड़क पर बैठी गायों को बचाने के दौरान भीषण हादसा, मजदूरों से भरी पिकअप ट्रक से टकराई, 8 की मौत

    ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नेशनल हाईवे-719 पर सोमवार देर रात भीषण सड़क हादसा हो गया। छीमक गांव के पास मजदूरों से भरे लोडिंग वाहन और तेज रफ्तार ट्रक की जोरदार टक्कर में आठ लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 मजदूर घायल बताए जा रहे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, सड़क पर बैठी गायों को बचाने के प्रयास के दौरान यह हादसा हुआ। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

    बताया जा रहा है कि सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी के रहने वाले थे और ग्वालियर के चिनोर क्षेत्र में धान की रोपाई का काम करने आए थे। ठेकेदार रजनीश करीब 30 मजदूरों को लेकर 4 अगस्त को ग्वालियर आया था। धान की रोपाई का काम पूरा होने के बाद सभी मजदूर सोमवार रात लोडिंग वाहन में सवार होकर अपने घर लौट रहे थे।

    पुलिस के अनुसार, सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब एक बजे के बाद मजदूरों से भरा वाहन गोहद चौराहा थाना क्षेत्र के छीमक चौराहे के पास पहुंचा। इसी दौरान सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से लोडिंग वाहन की जोरदार टक्कर हो गई। शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि हाईवे पर बैठी गायों को बचाने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित हुआ और यह भीषण टक्कर हुई।

    टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि लोडिंग वाहन के परखच्चे उड़ गए। उसमें सवार मजदूर दूर जा गिरे। हादसे के समय कई मजदूर वाहन में गहरी नींद में सो रहे थे। अचानक हुई टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई।

    हादसे के तुरंत बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। शुरुआती तौर पर पांच मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

    घायलों को उपचार के लिए ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर समेत अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। अस्पताल ले जाने के दौरान तीन और मजदूरों ने दम तोड़ दिया। इस तरह हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हो गई। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

    हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की व्यवस्था का जायजा लिया। डॉक्टरों की टीम घायलों के उपचार में जुटी हुई है।

    घटना के बाद ट्रक चालक अपना वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। गोहद चौराहा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।

    फिलहाल मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। हादसे की खबर से इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस दुर्घटना के कारणों और सड़क पर मौजूद परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।

  • Stampede: उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में करंट की अफवाह से मची अफरा-तफरी, 13 श्रद्धालु घायल

    Stampede: उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में करंट की अफवाह से मची अफरा-तफरी, 13 श्रद्धालु घायल

    Stampede: उज्जैन के नागचंद्रेश्वर मंदिर में करंट की अफवाह से मची अफरा-तफरी, 13 श्रद्धालु घायल

    उज्जैन। श्रावण सोमवार और नागपंचमी के अवसर पर उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर में स्थित श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए उमड़ी भारी भीड़ के बीच सोमवार को करंट फैलने की अफवाह से भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हरसिद्धि मंदिर चौराहे के समीप दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान बैरिकेडिंग से टकराने और आपस में धक्का-मुक्की के कारण 13 श्रद्धालु घायल हो गए।

    जानकारी के अनुसार, नागचंद्रेश्वर मंदिर के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु कतार में खड़े थे। इसी दौरान बैरिकेडिंग के अंदर डीपी के पास करंट फैलने की अफवाह तेजी से फैल गई। अफवाह के बाद कतार में मौजूद लोगों में घबराहट पैदा हो गई और लोग सुरक्षित स्थान की ओर जाने की कोशिश करने लगे। देखते ही देखते वहां भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    अचानक मची अफरा-तफरी में कई श्रद्धालु बैरिकेडिंग से टकरा गए और कुछ लोग भीड़ के दबाव में फंस गए। इसी दौरान हरिश्चंद्र नाम के श्रद्धालु के पैरों में गंभीर चोट आई। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करते हुए दर्शन व्यवस्था को संभाला।

    घटना में घायल श्रद्धालुओं को उपचार के लिए चरक अस्पताल ले जाया गया। घायलों में उज्जैन के ढांचा भवन निवासी हिंदू बाई, किशनपुरा निवासी 19 वर्षीय सागर पुत्र मनीष, ढांचा भवन निवासी लक्ष्मीबाई, गंजबासौदा निवासी अनसूया और उनकी मां ममता, गुजरात के सिलवासा निवासी हरिश्चंद्र, 18 वर्षीय सोनम निवासी ग्वालियर, दरभंगा बिहार निवासी सुजीत कुमार, ग्वालियर निवासी खुशी तथा गुजरात के वलसाड निवासी तुलसी और उनकी मां रेखा बाई समेत अन्य श्रद्धालु शामिल हैं।

    श्रावण सोमवार और नागपंचमी के कारण नागचंद्रेश्वर मंदिर में सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। नागचंद्रेश्वर मंदिर और हरसिद्धि मंदिर आसपास होने के कारण दर्शन मार्ग पर भीड़ का दबाव काफी बढ़ गया था। इसी बीच करंट की अफवाह ने स्थिति को और बिगाड़ दिया।

    पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ समय बाद दर्शन व्यवस्था को दोबारा सुचारू कर दिया गया। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं को अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई।

  • Stampede: लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में करंट की अफवाह से भगदड़, 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत; 24 घायल

    Stampede: लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में करंट की अफवाह से भगदड़, 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत; 24 घायल

    Stampede: लखीसराय के अशोकधाम मंदिर में करंट की अफवाह से भगदड़, 7 महिला श्रद्धालुओं की मौत; 24 घायल

    बिहार के लखीसराय जिले में सावन की तीसरी सोमवारी के मौके पर इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर, अशोकधाम में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के दक्षिणी द्वार से अशोकधाम स्टेशन मार्ग के बीच अचानक भीड़ बेकाबू होने से भगदड़ मच गई। हादसे में सात महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 24 लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में लखीसराय, मुंगेर और पटना जिले की महिलाएं शामिल हैं।

    जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह अशोकधाम मंदिर में जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान सुबह करीब 5:42 बजे अशोकधाम स्टेशन पर मोकामा-बैद्यनाथधाम मेला स्पेशल ट्रेन पहुंची। ट्रेन से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उतरकर बोलबम का जयघोष करते हुए मंदिर की ओर बढ़ने लगे। पहले से मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़ में इनके शामिल होने के बाद रास्ते पर अचानक दबाव बढ़ गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दृष्टिकिरण के आसपास भीड़ के बीच एक जर्जर विद्युत पोल गिर गया। पोल से जुड़े केबल तार से चिंगारी निकलने लगी। चिंगारी देखकर श्रद्धालुओं के बीच वहां करंट फैलने की अफवाह फैल गई। इसके बाद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु सुरक्षित स्थान की ओर भागने लगे। इसी दौरान भीड़ के दबाव से भगदड़ मच गई।

    भगदड़ में कई लोग जमीन पर गिर गए और उनके ऊपर से भीड़ गुजरने लगी। इस दौरान सात महिला श्रद्धालु दब गईं। गंभीर रूप से घायल महिलाओं को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे में 24 अन्य श्रद्धालु घायल हुए हैं।

    घायलों में 19 का इलाज सदर अस्पताल में और पांच का इलाज शहर के निजी अस्पतालों में चल रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को एंबुलेंस और अन्य वाहनों से अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों की टीम को अलर्ट कर उपचार शुरू कराया गया।

    घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार प्रशासनिक अधिकारियों के साथ घटनास्थल और सदर अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से हादसे की जानकारी ली और अस्पताल में भर्ती घायलों के इलाज की स्थिति का जायजा लिया। मुंगेर के प्रमंडलीय आयुक्त प्रेम सिंह मीणा और डीआईजी राकेश कुमार ने भी घटनास्थल तथा अस्पताल पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली। स्थानीय विधायक रामानंद मंडल भी मौके पर पहुंचे।

    भीड़ के दबाव में घटनास्थल पर लगी बैरिकेडिंग भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई। इस दौरान वहां तैनात एसएसबी के दो जवान भी बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है।

    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अशोकधाम मंदिर हादसे पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के लिए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

    अशोकधाम का मंदिर श्री इंद्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां जमीन की खुदाई के दौरान प्राप्त विशाल शिवलिंग स्थापित है। सावन की तीसरी सोमवारी होने के कारण मंदिर में सुबह से ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी थी। हादसे के बाद प्रशासन ने मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के इंतजाम और कड़े कर दिए हैं।

     

  • West Bengal Fire: तारापीठ मंदिर के पास होटल में भीषण आग, 7 श्रद्धालुओं की मौत

    West Bengal Fire: तारापीठ मंदिर के पास होटल में भीषण आग, 7 श्रद्धालुओं की मौत

    West Bengal Fire: तारापीठ मंदिर के पास होटल में भीषण आग, 7 श्रद्धालुओं की मौत

    पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में तारापीठ मंदिर के पास सोमवार को बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के नजदीक स्थित एक निजी होटल में भीषण आग लगने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

    फायर विभाग के मुताबिक, आग तारापीठ थाना क्षेत्र में तालाब के किनारे स्थित बिदिशिनी होटल के ग्राउंड फ्लोर पर लगी। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए जांच की जा रही है।

    आग लगने की सूचना मिलते ही तारापीठ और रामपुरहाट थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने होटल के अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया। हादसे में प्रभावित लोगों को रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज और आसपास के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

    हादसे के बाद होटल और आसपास के इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस और दमकलकर्मी तैनात रहे। आग पर नियंत्रण पाने के बाद भी घटनास्थल की जांच की गई और आग के कारणों के साथ-साथ होटल में सुरक्षा इंतजामों की भी पड़ताल की जा रही है।

    बताया जा रहा है कि सोमवार को श्रावण का आखिरी सोमवार होने के कारण तारापीठ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। बड़ी संख्या में लोग मां तारा के दर्शन और पूजा के लिए तारापीठ पहुंचे थे। इसी दौरान होटल में आग लगने की घटना ने इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया।

    तारापीठ पश्चिम बंगाल का प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहां मां तारा का प्रसिद्ध मंदिर स्थित है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर क्षेत्र में भगवान शिव की पूजा चंद्रचूड़ के रूप में भी की जाती है।

    पुलिस और प्रशासन की ओर से हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है। आग में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं की पहचान और हादसे में प्रभावित अन्य लोगों की स्थिति से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही है।

  • JPSC Scam: पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के PA बीएन राम गिरफ्तार, इंटरव्यू मैनेज करने के नाम पर 40 लाख वसूलने का आरोप

    JPSC Scam: पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के PA बीएन राम गिरफ्तार, इंटरव्यू मैनेज करने के नाम पर 40 लाख वसूलने का आरोप

    JPSC Scam: पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के PA बीएन राम गिरफ्तार, इंटरव्यू मैनेज करने के नाम पर 40 लाख वसूलने का आरोप

    रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की पूर्व सदस्य अजिता भट्टाचार्य के निजी सहायक (PA) बीएन राम को सीआईडी ने गिरफ्तार किया है। उन पर JPSC में साक्षात्कार मैनेज कराने के नाम पर 40 लाख रुपये वसूलने का आरोप है। इस गिरफ्तारी के साथ JPSC से जुड़े कथित अनियमितता मामले में गिरफ्तारियों की संख्या 22 हो गई है।

    सीआईडी की जांच में बीएन राम की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि उन्होंने JPSC में इंटरव्यू मैनेज कराने के एवज में 40 लाख रुपये की रकम वसूली थी। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस रकम की वसूली किसके लिए और किन परिस्थितियों में की गई थी। साथ ही मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

    अजिता भट्टाचार्य से भी सीआईडी पहले पूछताछ कर चुकी है। एजेंसी ने उन्हें समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। अजिता भट्टाचार्य झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य की पत्नी हैं। वह JPSC की सदस्य रह चुकी हैं और 9 अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दे चुकी हैं।

    JPSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद के बीच सीआईडी जांच कर रही है। इसी दौरान आयोग के तीन सदस्यों अजिता भट्टाचार्य, अनिमा हंसदा और जमाल अहमद ने 9 अगस्त को इस्तीफा दिया था। तीनों को सितंबर 2021 में JPSC सदस्य नियुक्त किया गया था।

    सीआईडी ने तीनों सदस्यों को पूछताछ के लिए बुलाया था। अजिता भट्टाचार्य से 10 अगस्त को पूछताछ हुई, जबकि जमाल अहमद से 12 अगस्त को पूछताछ की गई। अनिमा हंसदा को भी एजेंसी ने पूछताछ के लिए बुलाया था।

    इससे पहले JPSC के पूर्व चेयरमैन को भी सीआईडी गिरफ्तार कर चुकी है। 1988 बैच के आईएएस अधिकारी रहे खियांग्ते को पिछले वर्ष फरवरी में मुख्य सचिव पद से सेवानिवृत्त होने के बाद JPSC का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। उन्होंने 22 जुलाई को चेयरमैन पद से इस्तीफा दे दिया था।

    सीआईडी ने खियांग्ते से 28 जुलाई से चार बार पूछताछ की थी। कथित अनियमितताओं की जांच के दौरान एजेंसी ने उनके आधिकारिक आवास समेत कई स्थानों पर तलाशी भी ली थी। तलाशी की कार्रवाई से एक दिन पहले उन्होंने JPSC चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था। बाद में 10 अगस्त को सीआईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

    इसके अलावा सीआईडी ने JPSC की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के मामले में कई अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। हाल में एजेंसी ने राज्य के अलग-अलग जिलों में गिरफ्तारी वारंट को अंजाम देने के लिए छापेमारी की थी। रांची से आदित्य पांडे और पवन कुमार सिंह, पलामू से रविशंकर कुमार और संतोष कुमार सिंह, बोकारो से सानंद प्रकाश, हजारीबाग से लालू कुमार यादव और गिरिडीह से सौरव कुमार पांडे को वांछित आरोपियों में शामिल बताया गया था। हालांकि इन छापेमारियों के दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।

    बीएन राम की गिरफ्तारी के बाद सीआईडी की जांच अब कथित रकम के लेनदेन, साक्षात्कार प्रक्रिया में संभावित हस्तक्षेप और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका पर केंद्रित हो सकती है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि JPSC की परीक्षाओं और साक्षात्कार में कथित अनियमितताओं का नेटवर्क कितना बड़ा है।

  • Nainital Accident: नैनीताल में पर्यटकों से भरी ट्रैवलर 50 फीट गहरी खाई में गिरी, 2 की मौत; 20 घायल

    Nainital Accident: नैनीताल में पर्यटकों से भरी ट्रैवलर 50 फीट गहरी खाई में गिरी, 2 की मौत; 20 घायल

    Nainital Accident: नैनीताल में पर्यटकों से भरी ट्रैवलर 50 फीट गहरी खाई में गिरी, 2 की मौत; 20 घायल

    उत्तराखंड के नैनीताल जिले के मुक्तेश्वर क्षेत्र में शुक्रवार को पर्यटकों से भरा टेंपो ट्रैवलर करीब 50 फीट गहरी खाई में गिर गया। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 यात्री घायल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर पहुंची एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और स्थानीय लोगों की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।

    जानकारी के अनुसार, टेंपो ट्रैवलर में सवार सभी यात्री हरियाणा के फरीदाबाद के रहने वाले बताए जा रहे हैं। ये लोग मुक्तेश्वर घूमने के बाद भवाली की ओर लौट रहे थे। रामगढ़ से करीब तीन किलोमीटर आगे लुक्ताधार के पास अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क से नीचे करीब 50 फीट गहरी खाई में जा गिरा।

    हादसे के बाद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम उप निरीक्षक मनोज रावत के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। इसके बाद एनडीआरएफ, जिला पुलिस और प्रशासन की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं और रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

    खाई की गहराई और दुर्गम रास्ते के कारण राहत एवं बचाव दल को यात्रियों तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। रेस्क्यू टीम ने उपकरणों की मदद से नीचे उतरकर घायलों को बाहर निकालना शुरू किया। कई स्थानों पर जवानों और स्थानीय लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर यात्रियों को सुरक्षित ऊपर पहुंचाया।

    संयुक्त रेस्क्यू अभियान के दौरान 20 यात्रियों को खाई से बाहर निकाल लिया गया। सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया गया है।

    हादसे में फरीदाबाद निवासी 24 वर्षीय सुमित पाल सिंह, पुत्र कनक पाल सिंह की मौत हो गई। दूसरे मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि दूसरा शव ट्रैवलर के अंदर बुरी तरह फंसा हुआ है। उसे बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम कटर मशीन की मदद से वाहन का एक हिस्सा काट रही है।

    रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी सीओ भवाली रविकांत सेमवाल भी कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें हादसे के कारणों की जांच में जुटी हैं। शुरुआती तौर पर वाहन के अनियंत्रित होकर खाई में गिरने की बात सामने आई है, लेकिन हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

    इस दुर्घटना ने पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटक वाहनों की सुरक्षा और सड़क पर सावधानी को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरी तरह पूरा करना है।