Category: राज्य

  • Sonipat Road Accident: मनाली से लौट रहे 5 दोस्तों की कार हादसे का शिकार, गन्नौर में 2 की मौत, 3 गंभीर घायल

    Sonipat Road Accident: मनाली से लौट रहे 5 दोस्तों की कार हादसे का शिकार, गन्नौर में 2 की मौत, 3 गंभीर घायल

    Sonipat Road Accident: मनाली से लौट रहे 5 दोस्तों की कार हादसे का शिकार, गन्नौर में 2 की मौत, 3 गंभीर घायल

    हरियाणा के सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में मनाली से घूमकर गुरुग्राम लौट रहे पांच दोस्तों की कार अज्ञात वाहन से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही गन्नौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार पांचों दोस्त 30 जून को गुरुग्राम से कार द्वारा मनाली घूमने गए थे। छुट्टियां बिताने के बाद शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह वे वापस गुरुग्राम लौट रहे थे। जब उनकी कार जीटी रोड पर गन्नौर क्षेत्र के गांव गढ़ी कला के पास पहुंची, तभी अज्ञात वाहन से उसकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार सभी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे में 25 वर्षीय सागर, निवासी बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) और 28 वर्षीय आर्यन, निवासी महाराष्ट्र की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अश्विन, दनजीत और अभिनव गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी तथा घायलों को निजी अस्पताल पहुंचाने में मदद की। फिलहाल तीनों घायलों का उपचार निजी अस्पताल में जारी है और उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की लगातार निगरानी रखी जा रही है।

    घटना की सूचना मिलते ही गन्नौर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सागर के शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। वहीं महाराष्ट्र निवासी आर्यन के परिजनों के पहुंचने के बाद उसके शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

    हादसे की खबर मिलते ही दोनों मृतकों के परिवारों में मातम छा गया। अस्पताल में मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया जा रहा है कि सभी दोस्त गुरुग्राम स्थित एक निजी कंपनी में साथ काम करते थे। छुट्टियां बिताने के लिए वे मनाली गए थे और वापस अपने कार्यस्थल लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए इस हादसे ने दो परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

    जांच अधिकारी पीएसआई बिट्टू ने बताया कि सुबह करीब छह बजे गढ़ी कला गांव के पास सड़क दुर्घटना की सूचना मिली थी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक राहगीर घायलों को अस्पताल पहुंचा चुके थे। अस्पताल में डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन अन्य का इलाज जारी है।

    पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा सके और टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान की जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     

  • Kaushambi LPG Tanker Accident: कौशांबी एलपीजी टैंकर हादसे में मरने वालों की संख्या 5 हुई, खौफनाक CCTV फुटेज आया सामने

    Kaushambi LPG Tanker Accident: कौशांबी एलपीजी टैंकर हादसे में मरने वालों की संख्या 5 हुई, खौफनाक CCTV फुटेज आया सामने

    Kaushambi LPG Tanker Accident: कौशांबी एलपीजी टैंकर हादसे में मरने वालों की संख्या 5 हुई, खौफनाक CCTV फुटेज आया सामने

    उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में 26 जून को हुए भीषण एलपीजी गैस टैंकर हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। हादसे में गंभीर रूप से झुलसे दो और टोलकर्मियों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस बीच दुर्घटना का दिल दहला देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें तेज रफ्तार एलपीजी टैंकर को टोल प्लाजा से टकराते और कुछ ही सेकंड में भीषण आग का गोला बनते देखा जा सकता है।

    यह हादसा कोखराज थाना क्षेत्र के सिहोरी स्थित नेशनल हाईवे-2 पर बने कोखराज-हड़िया टोल प्लाजा पर 26 जून की सुबह करीब 6:40 बजे हुआ था। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, टोल प्लाजा पर सामान्य रूप से वाहनों की आवाजाही जारी थी। इसी दौरान तेज रफ्तार और अनियंत्रित एलपीजी गैस टैंकर सीधे टोल प्लाजा के केबिन और दीवार से जा टकराया।

    टक्कर इतनी भीषण थी कि टैंकर में जोरदार विस्फोट हो गया। देखते ही देखते पूरा टोल प्लाजा आग की लपटों में घिर गया और आसपास का क्षेत्र धुएं से भर गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहत और बचाव दल ने तत्काल आग पर काबू पाने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का अभियान शुरू किया।

    दुर्घटना के दिन ही टैंकर चालक धर्मेंद्र दुबे (40) और टोलकर्मी आलोक सिंह की मौके पर मौत हो गई थी। इसके बाद बुधवार को सड़क उपयोगकर्ता अनिल कुमार ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गुरुवार को गंभीर रूप से झुलसे दो अन्य टोलकर्मी, रायबरेली निवासी 29 वर्षीय हीरामणि सिंह और मध्य प्रदेश निवासी 23 वर्षीय कृष्णपाल मौर्य की भी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।

    हीरामणि सिंह अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। चार वर्ष पहले उनके पिता का निधन हो चुका था। अब परिवार में उनकी बुजुर्ग मां, पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के रहने वाले कृष्णपाल मौर्य पिछले दो वर्षों से टोल प्लाजा पर कार्यरत थे। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

    हादसे में गंभीर रूप से घायल अतुल कुमार मिश्रा का इलाज प्रयागराज के एक अस्पताल के बर्न वार्ड में चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।

    इस हादसे का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि टैंकर के अनियंत्रित होने के पीछे तकनीकी खराबी, मानवीय चूक या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।

     

  • Mumbai Fire: जोगेश्वरी की गोमती वैशाली चॉल में मीटर केबिन में लगी आग, 11 लोग झुलसे, दो की हालत गंभीर

    Mumbai Fire: जोगेश्वरी की गोमती वैशाली चॉल में मीटर केबिन में लगी आग, 11 लोग झुलसे, दो की हालत गंभीर

    Mumbai Fire: जोगेश्वरी की गोमती वैशाली चॉल में मीटर केबिन में लगी आग, 11 लोग झुलसे, दो की हालत गंभीर

    मुंबई के जोगेश्वरी पश्चिम स्थित गोमती वैशाली चॉल में शुक्रवार तड़के मीटर केबिन में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर बने साझा मीटर केबिन में लगी, जिसके बाद पूरे भवन में तेजी से धुआं फैल गया। इस हादसे में धुएं की चपेट में आने और झुलसने से कुल 11 लोग घायल हो गए। इनमें से दो बुजुर्गों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि अन्य नौ घायलों की हालत फिलहाल स्थिर है।

    बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अनुसार, आग शुक्रवार सुबह करीब 5:59 बजे जोगेश्वरी (पश्चिम) के हाजी जुहू रोड स्थित वैशाली नगर की गोमती वैशाली चॉल में लगी। सूचना मिलते ही मुंबई फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। दमकल कर्मियों ने महज 19 मिनट के भीतर, सुबह 6:18 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया।

    प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इमारत के भूतल पर बने साझा मीटर केबिन में मौजूद इलेक्ट्रिक वायरिंग और विद्युत उपकरणों में अचानक आग लग गई। आग मीटर केबिन तक ही सीमित रही, लेकिन उससे निकला घना धुआं पूरी इमारत में फैल गया। अधिकांश निवासी उस समय सो रहे थे, जिससे कई लोग धुएं की चपेट में आ गए और उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी।

    शुरुआत में केवल दो लोगों के घायल होने की सूचना मिली थी, लेकिन बाद में ट्रॉमा केयर अस्पताल से मिली अद्यतन जानकारी के अनुसार घायलों की संख्या बढ़कर 11 हो गई। इनमें सात पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उनका उपचार शुरू किया।

    हादसे में 75 वर्षीय सलीम नूर मोहद्दीन तडवी और उनकी 67 वर्षीय पत्नी मुमताज सलीम तडवी गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को बेहतर इलाज के लिए कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी निगरानी की जा रही है।

    इसके अलावा यूसुफ मीठा (55), समीरा मीठा (55), इरफान मीठा (46), बिल्किस मीठा (70), मोहम्मद आमिर मीठा (80), हुसा मीठा (40), 13 वर्षीय इरफा मीठा, मेहरागिज बाटावाला (64) और अली अशद बाटावलकर (33) को ट्रॉमा केयर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार इन सभी की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका उपचार जारी है।

    घटना के बाद दमकल विभाग और संबंधित एजेंसियों ने मौके का निरीक्षण किया। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह की जांच की जा रही है। अधिकारियों ने इमारत की विद्युत व्यवस्था का भी परीक्षण शुरू कर दिया है।

    प्रशासन ने नागरिकों और हाउसिंग सोसायटियों से अपील की है कि विशेष रूप से मानसून के दौरान मीटर केबिन, बिजली के तारों और अन्य विद्युत उपकरणों की नियमित जांच कराई जाए। समय रहते रखरखाव और सुरक्षा उपाय अपनाने से इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।

     

  • Jaipur Reservation Protest: आरक्षण की मांग को लेकर जयपुर में बवाल, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    Jaipur Reservation Protest: आरक्षण की मांग को लेकर जयपुर में बवाल, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    Jaipur Reservation Protest: आरक्षण की मांग को लेकर जयपुर में बवाल, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

    जयपुर, 1 जुलाई : राजस्थान की राजधानी जयपुर में घुमंतू और अर्ध घुमंतू जातियों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर आयोजित महापंचायत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। सभा समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने की घोषणा की, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव हो गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

    जानकारी के अनुसार, विद्याधर नगर क्षेत्र में आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। शाम करीब छह बजे सभा समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने का ऐलान किया। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उन्हें निर्धारित स्थान पर रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारी आगे बढ़ने पर अड़ गए। इसके बाद मौके पर तनाव बढ़ गया और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने पहले हल्का बल प्रयोग किया, लेकिन भीड़ के नहीं मानने पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से पीछे हटाया और क्षेत्र में स्थिति को नियंत्रित किया।

    घटना के बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है। पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि हंगामे के दौरान पथराव की घटना हुई थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई कर भीड़ को तितर-बितर कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और इलाके में शांति कायम है। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि पथराव में हुए नुकसान और घायलों की संख्या का आकलन किया जा रहा है।

    प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। वहीं, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल लोगों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

     

  • Mumbai School Bus Accident: स्कूल बस पर पेड़ गिरने से छात्र की मौत, चार बच्चे घायल

    Mumbai School Bus Accident: स्कूल बस पर पेड़ गिरने से छात्र की मौत, चार बच्चे घायल

    Mumbai School Bus Accident: स्कूल बस पर पेड़ गिरने से छात्र की मौत, चार बच्चे घायल

    मुंबई के चेंबूर इलाके में मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में स्कूल बस पर पेड़ गिरने से एक छात्र की मौत हो गई, जबकि चार अन्य बच्चे घायल हो गए। हादसा दोपहर करीब 2:50 बजे रोड नंबर-11 पर हुआ, जब तिलक नगर स्थित यूनिवर्सल स्कूल की बस छात्रों को लेकर जा रही थी।

    हादसे के समय बस में कुल 18 छात्र सवार थे। पेड़ गिरने से बस बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और बच्चों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और बच्चों को सुरक्षित निकालने में मदद की।

    सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी), दमकल विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंचे। क्रेन की सहायता से पेड़ को हटाया गया और सभी छात्रों को बस से बाहर निकाला गया। हादसे में एक 11 वर्षीय छात्र की मौत हो गई, जबकि चार घायल बच्चों को उपचार के लिए ज़ेन अस्पताल में भर्ती कराया गया। अन्य छात्रों को सुरक्षित निकाल लिया गया।

    डीसीपी समीर शेख (जोन-6) ने बताया कि हादसे की सूचना मिलते ही सभी एजेंसियों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। बीएमसी के एम-वेस्ट वार्ड के सहायक आयुक्त ने भी छात्र की मौत की पुष्टि की है।

    फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि पेड़ की स्थिति पहले से खतरनाक थी या नहीं और रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी या नहीं।

     

  • Ketan Agarwal Murder Case: ‘I Hate Man’ इंस्टा स्टोरी पर भोपाल की डॉक्टर 5 साल के लिए सस्पेंड, एसोसिएशन ने अपनाई जीरो टॉलरेंस नीति

    Ketan Agarwal Murder Case: ‘I Hate Man’ इंस्टा स्टोरी पर भोपाल की डॉक्टर 5 साल के लिए सस्पेंड, एसोसिएशन ने अपनाई जीरो टॉलरेंस नीति

    Ketan Agarwal Murder Case: ‘I Hate Man’ इंस्टा स्टोरी पर भोपाल की डॉक्टर 5 साल के लिए सस्पेंड, एसोसिएशन ने अपनाई जीरो टॉलरेंस नीति

    भोपाल। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड से जुड़ी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मध्य प्रदेश की एक डॉक्टर पर बड़ी कार्रवाई की गई है। ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन (AIDSA) ने डॉ. मुस्कान सोनी को संगठन के सभी पदों और सदस्यता से पांच वर्षों के लिए निलंबित कर दिया है। एसोसिएशन ने यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर की गई उनकी विवादित पोस्ट को संगठन की आचार संहिता और नैतिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए की है।

    जानकारी के अनुसार डॉ. मुस्कान सोनी ने इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी साझा की थी, जिसमें “I Hate Man” हैशटैग का इस्तेमाल किया गया था। सोशल मीडिया पर सामने आए उनके कथित कमेंट्स और पोस्ट को लेकर आरोप लगा कि उन्होंने पुणे के रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या के मामले में आरोपियों के पक्ष में टिप्पणी की और घटना को सही ठहराने का प्रयास किया। पोस्ट वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक आलोचना हुई।

    विवाद बढ़ने पर डॉ. मुस्कान सोनी ने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी, लेकिन ऑल इंडिया डेंटल स्टूडेंट्स एंड सर्जन्स एसोसिएशन ने मामले को गंभीर मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला लिया। संगठन का कहना है कि केवल माफी मांगना इस मामले में पर्याप्त नहीं था।

    29 जून को जारी निलंबन आदेश में AIDSA के नेशनल वर्किंग प्रेसिडेंट डॉ. दिवाकर मूदौतिया ने कहा कि डॉ. मुस्कान सोनी ने मृतक के प्रति अनुचित, अपमानजनक और असम्मानजनक टिप्पणियां की हैं, जो संगठन के संविधान, आचार संहिता और नैतिक मूल्यों का उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन किसी भी ऐसे बयान को स्वीकार नहीं कर सकता जो हिंसा का समर्थन करे, उसका महिमामंडन करे या किसी मृत व्यक्ति के प्रति अनादर प्रदर्शित करे।

    एसोसिएशन ने डॉ. मुस्कान सोनी को तत्काल प्रभाव से मध्य प्रदेश इकाई के कोषाध्यक्ष पद से भी हटा दिया है। साथ ही उन्हें पांच वर्षों के लिए संगठन की सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान वे संगठन की ओर से किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम, बैठक, सम्मेलन या अन्य गतिविधि में भाग नहीं ले सकेंगी और न ही किसी प्रकार का प्रतिनिधित्व कर सकेंगी।

    डॉ. दिवाकर मूदौतिया ने कहा कि संगठन अपने अनुशासन और गरिमा को बनाए रखने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करता है। उन्होंने कहा कि हर सदस्य से अपेक्षा की जाती है कि वह पेशेवर जीवन के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी जिम्मेदार और संतुलित व्यवहार करे।

    फिलहाल डॉ. मुस्कान सोनी मध्य प्रदेश के सतना में कार्यरत हैं। इस कार्रवाई के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है और पेशेवर संगठनों द्वारा सोशल मीडिया आचरण को लेकर सख्त रुख अपनाने की बहस भी तेज हो गई है।

     

  • UP Plane Crash: कासगंज हाईवे के पास ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश, महिला पायलट गंभीर घायल

    UP Plane Crash: कासगंज हाईवे के पास ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश, महिला पायलट गंभीर घायल

    UP Plane Crash: कासगंज हाईवे के पास ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट क्रैश, महिला पायलट गंभीर घायल

    उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में सोमवार को एक बड़ा विमान हादसा हो गया। अलीगढ़ से उड़ान भरने वाला एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट तकनीकी खराबी के कारण कासगंज की पुलिस लाइन के पीछे बरेली-मथुरा हाईवे के किनारे क्रैश हो गया। हादसे में एयरक्राफ्ट उड़ा रही 27 वर्षीय महिला पायलट कायनात खान गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद प्रशासन, पुलिस और विमानन अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार, चेतक एविएशन के ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का यह एयरक्राफ्ट अलीगढ़ एयरपोर्ट से नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर रवाना हुआ था। दोपहर करीब चार बजे जब विमान कासगंज क्षेत्र के ऊपर उड़ान भर रहा था, तभी उसमें अचानक तकनीकी खराबी आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एयरक्राफ्ट ने कुछ देर तक एक-दो चक्कर लगाए और इसके बाद संतुलन बिगड़ने पर बिजली के तारों से टकराते हुए हाईवे के किनारे जा गिरा।

    हादसे के समय एयरक्राफ्ट में केवल महिला पायलट कायनात खान सवार थीं। वह मूल रूप से मुंबई की रहने वाली हैं और प्रशिक्षण उड़ान का हिस्सा थीं। दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

    घटना की सूचना मिलते ही जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस बल और विमानन विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंच गई। दुर्घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेकर एयरक्राफ्ट के मलबे की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी को हादसे की प्रमुख वजह माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

    बताया जा रहा है कि यह विमान अलीगढ़ स्थित धनीपुर हवाई पट्टी से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम का हिस्सा था। विमान प्रशिक्षण के दौरान नियमित उड़ान पर था, लेकिन तकनीकी समस्या सामने आने के बाद उसे सुरक्षित नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। इसके बावजूद विमान बिजली के तारों से टकरा गया और दुर्घटनाग्रस्त हो गया।

    गौरतलब है कि अलीगढ़ से संचालित प्रशिक्षण उड़ानों के दौरान इससे पहले भी एक आपातकालीन लैंडिंग की घटना सामने आ चुकी है। 24 मई को पायनियर फ्लाइंग एकेडमी का डायमंड डीए-40 डायमंड स्टार प्रशिक्षण विमान उड़ान के दौरान कॉकपिट में खतरे का अलार्म बजने के बाद सुरक्षित रूप से खेत में उतारा गया था। उस समय प्रशिक्षक कैप्टन असद और ट्रेनी पायलट कुणाल कसाना ने सूझबूझ दिखाते हुए आबादी से दूर खेत में विमान उतारकर बड़ा हादसा टाल दिया था।

    ताजा हादसे के बाद प्रशिक्षण उड़ानों की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी जांच प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। संबंधित विमानन एजेंसियां एयरक्राफ्ट की तकनीकी स्थिति, उड़ान रिकॉर्ड और अन्य पहलुओं की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

     

  • Motihari Road Accident: बिहार के मोतिहारी में पिकअप-टेंपो की भीषण टक्कर में 4 की मौत, 8 घायल

    Motihari Road Accident: बिहार के मोतिहारी में पिकअप-टेंपो की भीषण टक्कर में 4 की मौत, 8 घायल

    Motihari Road Accident: बिहार के मोतिहारी में पिकअप-टेंपो की भीषण टक्कर में 4 की मौत, 8 घायल

    बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा सुगौली थाना क्षेत्र के छपरा-बेतिया रोड स्थित नयका टोला के पास हुआ, जहां एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन और टेंपो के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर सामने से आ रहे टेंपो से टकरा गया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि टेंपो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

    घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों को सुगौली रेफरल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है।

    हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव अभियान शुरू कराया। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए।

    प्रत्यक्षदर्शी इमरान ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य भी इस हादसे में घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग किसी जरूरी काम से बेतिया जा रहे थे, तभी रास्ते में यह भीषण दुर्घटना हो गई। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हादसे के कारण कुछ समय तक सड़क पर यातायात भी बाधित रहा, जिसे बाद में सामान्य कराया गया।

     

  • Bharat Tiwari Encounter: महापंचायत में गूंजे विरोध के स्वर, प्रशांत किशोर ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    Bharat Tiwari Encounter: महापंचायत में गूंजे विरोध के स्वर, प्रशांत किशोर ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    Bharat Tiwari Encounter: महापंचायत में गूंजे विरोध के स्वर, प्रशांत किशोर ने निष्पक्ष जांच की उठाई मांग

    भोजपुर जिले के शाहपुर प्रखंड स्थित बिलौटी गांव में भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर आयोजित महापंचायत में भारी संख्या में लोग जुटे। महापंचायत के दौरान पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। प्रदर्शनकारियों ने भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए सरकार से जवाब मांगा। बिहार के साथ-साथ उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में पहुंचे, जिससे माहौल पूरी तरह विरोध प्रदर्शन में तब्दील हो गया।

    महापंचायत में जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर भी पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रशांत किशोर ने कहा कि केवल एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों ही नहीं, बल्कि पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन परिस्थितियों ने भरत तिवारी को उस स्थिति तक पहुंचाया, उनकी भी गहन जांच होनी चाहिए।

    प्रशांत किशोर ने कहा कि भरत तिवारी किसी निजी स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि गंगा कटाव से विस्थापित करीब 80 परिवारों की बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने मांग की कि एनकाउंटर से जुड़े सभी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच हो, जिसमें आदेश देने वाले अधिकारी और संबंधित मजिस्ट्रेट भी शामिल हों।

    इस बीच भरत तिवारी के मुठभेड़ से पहले का कथित वीडियो सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। उनकी मां की शिकायत पर एनकाउंटर में शामिल पुलिस टीम के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। कई पुलिसकर्मियों को निलंबित और लाइन हाजिर किया जा चुका है, जबकि आगे और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

    मामले को लेकर राज्य सरकार भी दबाव में दिखाई दे रही है। मानवाधिकार आयोग ने इस संबंध में जवाब तलब किया है, जबकि मामले की स्वतंत्र जांच की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की गई है। मुख्यमंत्री द्वारा न्यायिक जांच की घोषणा किए जाने के बावजूद परिजनों ने उस पर भरोसा जताने से इनकार कर दिया है।

    महापंचायत में मौजूद लोगों के बीच भरत तिवारी के समर्थन में लगातार नारे लगाए गए। कार्यक्रम के दौरान सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई। फिलहाल यह मामला बिहार की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था के लिए बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

     

  • Kolkata Warehouse Collapse: कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहा, पांच लोगों के मारे जाने की आशंका

    Kolkata Warehouse Collapse: कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहा, पांच लोगों के मारे जाने की आशंका

    Kolkata Warehouse Collapse: कोलकाता के तारातला में निर्माणाधीन गोदाम ढहा, पांच लोगों के मारे जाने की आशंका

    पश्चिम कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार दोपहर एक बड़ा हादसा हो गया, जब ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित एक तीन मंजिला निर्माणाधीन गोदाम अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में पांच लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका के चलते राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है।

    पुलिस के अनुसार यह दुर्घटना दोपहर करीब 12 बजे ब्रेस ब्रिज के पास हुई। हादसे की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस, दमकल विभाग, आपदा प्रबंधन दल, नागरिक सुरक्षा इकाइयों और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें तत्काल मौके पर पहुंच गईं और बचाव अभियान शुरू किया गया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे दबे लोगों की चीख-पुकार सुनाई दे रही थी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद शुरू कर दी। बाद में बचाव दल ने मोर्चा संभालते हुए मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान तेज कर दिया।

    कोलकाता पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 10 लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। सभी घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे के नीचे अभी भी कई मजदूर फंसे हो सकते हैं।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय गोदाम की छत की ढलाई का कार्य चल रहा था। इमारत की पहली और दूसरी मंजिल का ढांचा पहले ही तैयार हो चुका था, जबकि ग्राउंड फ्लोर पर निर्माण कार्य जारी था। इसी दौरान अचानक पूरी संरचना ढह गई और लोहे के भारी बीम, सरिया तथा कंक्रीट का विशाल मलबा निर्माण स्थल पर काम कर रहे मजदूरों के ऊपर आ गिरा।

    राहत और बचाव अभियान को तेज करने के लिए गैस कटर, वर्टिकल ड्रिलिंग मशीन, क्रेन और अन्य भारी उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए बचाव दल लगातार प्रयास कर रहा है। सेना के अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में सहयोग शुरू कर दिया है।

    प्रशासन ने हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव अभियान पूरा होने के बाद इमारत के ढहने के कारणों और निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही की विस्तृत जांच की जाएगी।