Category: राज्य

  • Ahmedabad Train Fire: साबरमती रेलवे यार्ड में खाली यात्री कोच में लगी आग, कोई हताहत नहीं

    Ahmedabad Train Fire: साबरमती रेलवे यार्ड में खाली यात्री कोच में लगी आग, कोई हताहत नहीं

    Ahmedabad Train Fire: साबरमती रेलवे यार्ड में खाली यात्री कोच में लगी आग, कोई हताहत नहीं

    अहमदाबाद, 14 जुलाई। गुजरात के अहमदाबाद स्थित साबरमती रेलवे यार्ड में मंगलवार को एक खाली यात्री रेल डिब्बे में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। हालांकि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। रेलवे अधिकारियों के अनुसार घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और रेल संचालन भी पूरी तरह सामान्य रहा।

    जानकारी के मुताबिक, आग मंगलवार सुबह करीब 11:55 बजे साबरमती यार्ड में खड़े एक लॉक किए गए खाली यात्री कोच में लगी। घटना के समय कोच में कोई यात्री या कर्मचारी मौजूद नहीं था। जैसे ही कोच से धुआं उठता दिखाई दिया, वहां ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारी पॉइंट्समैन धर्मवीर मेहता ने तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दी।

    सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन सक्रिय हो गया और सुरक्षा तथा आपातकालीन प्रोटोकॉल के तहत तत्काल कार्रवाई शुरू की गई। रेलवे अधिकारियों के साथ दमकल विभाग की टीमें भी कुछ ही देर में मौके पर पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चार दमकल गाड़ियों को आग बुझाने के लिए लगाया गया।

    संभागीय अग्निशमन अधिकारी एस.बी. जडेजा ने बताया कि दमकलकर्मियों ने तेजी से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और करीब एक घंटे के भीतर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। आग को अन्य कोचों तक फैलने से भी रोक लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया।

    अहमदाबाद मंडल के मंडल रेलवे प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश ने बताया कि जिस कोच में आग लगी थी, उसे 8 जुलाई से साबरमती यार्ड में स्टेबल लॉक कर रखा गया था। घटना के समय कोच पूरी तरह खाली था और उसमें किसी यात्री की मौजूदगी नहीं थी। इसलिए इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि या चोट की सूचना नहीं मिली है।

    रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए जांच के आदेश दे दिए गए हैं। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि आग किसी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से लगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

    रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इस घटना का ट्रेनों के संचालन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ा। सभी निर्धारित रेल सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं और यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा।

    फिलहाल रेलवे और अग्निशमन विभाग संयुक्त रूप से पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों और यार्ड में खड़े कोचों की नियमित निगरानी व्यवस्था की भी समीक्षा की जाएगी।

  • Sonouli Border Arrest: बिना वैध दस्तावेज भारत पहुंचा अमेरिकी नागरिक, नेपाल में घुसने की कोशिश के दौरान UP बॉर्डर पर गिरफ्तार

    Sonouli Border Arrest: बिना वैध दस्तावेज भारत पहुंचा अमेरिकी नागरिक, नेपाल में घुसने की कोशिश के दौरान UP बॉर्डर पर गिरफ्तार

    Sonouli Border Arrest: बिना वैध दस्तावेज भारत पहुंचा अमेरिकी नागरिक, नेपाल में घुसने की कोशिश के दौरान UP बॉर्डर पर गिरफ्तार

    उत्तर प्रदेश के भारत-नेपाल सीमा स्थित सोनौली बॉर्डर पर एक अमेरिकी नागरिक को बिना वैध यात्रा दस्तावेजों के गिरफ्तार किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार आरोपी बिना कानूनी अनुमति के नेपाल में प्रवेश करने की कोशिश कर रहा था। जांच में उसकी पहचान अमेरिका के कैलिफोर्निया निवासी जॉर्डन ब्राउन के रूप में हुई है। उसके पास भारत में रहने या सीमा पार करने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं मिला, जिसके बाद उसके खिलाफ इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    पूछताछ में जॉर्डन ब्राउन ने दावा किया कि थाईलैंड यात्रा के दौरान उसका पासपोर्ट खो गया था। इसके बाद वह श्रीलंका पहुंचा और नवंबर 2025 में समुद्र के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ। उसने बताया कि भारत आने के बाद वह गोवा में रह रहा था और हाल ही में सोनौली बॉर्डर पहुंचकर नेपाल में प्रवेश करने का प्रयास कर रहा था।

    सुरक्षा बलों ने संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर उसे रोककर पूछताछ की। तलाशी के दौरान उसके पास कोई पासपोर्ट, वीजा या अन्य वैध यात्रा दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।

    पुलिस और खुफिया एजेंसियां अब उसके दावों की सत्यता की जांच कर रही हैं। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वह भारत में अवैध रूप से कैसे पहुंचा और क्या उसके पीछे किसी नेटवर्क की भूमिका है। उसके मोबाइल फोन, संपर्कों और यात्रा से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

    सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि भारत-नेपाल सीमा संवेदनशील क्षेत्र है और बिना वैध दस्तावेज किसी विदेशी नागरिक का पकड़ा जाना गंभीर मामला है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

     

  • Kolkata Crime: दोस्त के घर गई युवती से कथित दुष्कर्म, विरोध पर कपड़े और मोबाइल छीना, तीन आरोपी गिरफ्तार

    Kolkata Crime: दोस्त के घर गई युवती से कथित दुष्कर्म, विरोध पर कपड़े और मोबाइल छीना, तीन आरोपी गिरफ्तार

    Kolkata Crime: दोस्त के घर गई युवती से कथित दुष्कर्म, विरोध पर कपड़े और मोबाइल छीना, तीन आरोपी गिरफ्तार

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक और गंभीर मामला सामने आया है। ठाकुरपुकुर थाना क्षेत्र में एक युवती ने आरोप लगाया है कि उसके परिचित दोस्त ने अपने घर बुलाकर उसके साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया। पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार, घटना शनिवार देर रात की बताई जा रही है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि वह अपने एक परिचित दोस्त के बुलावे पर ठाकुरपुकुर स्थित उसके घर गई थी। आरोप है कि वहां मौका पाकर आरोपी ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया।

    पीड़िता का आरोप है कि जब उसने विरोध किया तो वहां मौजूद एक अन्य आरोपी ने उसके कपड़े जबरन उतार दिए और उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन भी छीन लिया ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके या पुलिस को सूचना न दे सके। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे कुछ समय तक वहां बंधक जैसी स्थिति में रखा गया।

    रविवार को किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने के बाद पीड़िता सीधे ठाकुरपुकुर थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज किया और छापेमारी कर मुख्य आरोपी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

    पुलिस ने बताया कि पीड़िता का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। जांच अधिकारी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि मोबाइल फोन छीनने के पीछे केवल संपर्क रोकना उद्देश्य था या किसी प्रकार की रिकॉर्डिंग अथवा ब्लैकमेल की भी साजिश थी। इस पहलू की जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार तीसरे आरोपी की भूमिका की भी विस्तार से जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि रविवार रात मुख्य आरोपी के घर उसके दो अन्य परिचित भी पहुंचे थे। हालांकि, अब तक की जांच में वारदात के दौरान उनकी प्रत्यक्ष संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी तथ्यों का सत्यापन कर रही है।

    जांच एजेंसियां घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं। इसके अलावा फोरेंसिक साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं ताकि मामले की पूरी सच्चाई सामने लाई जा सके। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और उसकी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    पुलिस का कहना है कि तीनों गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी, ताकि पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े सभी तथ्यों और संभावित साजिश का पता लगाया जा सके। अधिकारियों ने कहा कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • Bhopal Scholarship Scam: भोपाल में सरकारी स्कॉलरशिप योजना में करीब 1 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी, 6 लोगों के खिलाफ CBI की FIR

    Bhopal Scholarship Scam: भोपाल में सरकारी स्कॉलरशिप योजना में करीब 1 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी, 6 लोगों के खिलाफ CBI की FIR

    Bhopal Scholarship Scam: भोपाल में सरकारी स्कॉलरशिप योजना में करीब 1 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी, 6 लोगों के खिलाफ CBI की FIR

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सरकारी छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) योजना में कथित अनियमितता का बड़ा मामला सामने आया है। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने जांच के बाद करीब 99.48 लाख रुपये की सरकारी स्कॉलरशिप में कथित हेराफेरी के मामले में छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि एमबीए छात्रों के लिए जारी की गई सरकारी छात्रवृत्ति की राशि फर्जी तरीके से खोले गए बैंक खातों के माध्यम से निकाल ली गई।

    सीबीआई ने इस मामले में यूको बैंक की हबीबगंज शाखा के तत्कालीन वरिष्ठ प्रबंधक तथा भोपाल स्थित एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट कॉलेज से जुड़े पांच लोगों को आरोपी बनाया है। जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में जनवरी 2020 से अक्टूबर 2021 के बीच सरकारी छात्रवृत्ति की लगभग 99.48 लाख रुपये की राशि का कथित दुरुपयोग किए जाने के संकेत मिले हैं।

    जांच के अनुसार, भोपाल के अवधपुरी क्षेत्र स्थित एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट एक निजी, स्व-वित्तपोषित (Self-Financed) बिजनेस स्कूल है, जिसकी स्थापना वर्ष 2009 में हुई थी। संस्थान एआईसीटीई से मान्यता प्राप्त है और बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय से संबद्ध है। यहां दो वर्षीय एमबीए पाठ्यक्रम संचालित किया जाता है।

    मामले का खुलासा यूको बैंक, भोपाल के डिप्टी जनरल मैनेजर एवं जोनल हेड लोकेश कुमार की शिकायत के बाद हुआ। शिकायत में हबीबगंज शाखा में बड़ी संख्या में बैंक खाते खोले जाने और उनके संचालन में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था। इसके बाद सीबीआई ने प्रारंभिक जांच शुरू की, जिसमें कथित धोखाधड़ी के कई पहलू सामने आए।

    एफआईआर के अनुसार, जांच में पाया गया कि 118 बैंक खाते एमबीए छात्रों के नाम पर कथित रूप से उनकी जानकारी या सहमति के बिना खोले गए। इन खातों में सरकारी छात्रवृत्ति की राशि जमा कराई गई, लेकिन लाभार्थियों तक राशि पहुंचने से पहले ही उसे निकाल लिया गया।

    सीबीआई का आरोप है कि यह पूरा कथित घोटाला पहले से सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, कॉलेज से जुड़े कुछ अधिकारियों ने बैंक खाते खुलवाने की प्रक्रिया में भूमिका निभाई। आरोप है कि खातों से अपने या सहयोगियों के मोबाइल नंबर लिंक कराए गए, एटीएम कार्ड अपने कब्जे में रखे गए और बाद में उन्हीं कार्डों के माध्यम से छात्रवृत्ति की राशि निकाली गई।

    एफआईआर में कहा गया है कि 1 जनवरी 2020 से 31 अक्टूबर 2021 के बीच खोले गए इन 118 खातों में सरकारी स्कॉलरशिप के रूप में लगभग 99.48 लाख रुपये जमा किए गए, जिनका कथित रूप से दुरुपयोग किया गया। जांच एजेंसी अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस कथित धोखाधड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा धनराशि का अंतिम लाभ किसे मिला।

    सीबीआई ने संबंधित दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, मोबाइल नंबरों, एटीएम कार्ड के उपयोग और वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू कर दी है। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • Rajasthan: भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में प्रसूताओं की मौत से हड़कंप, 10 दिनों में 9 मौतों पर जांच के लिए जयपुर से एक्सपर्ट टीम रवाना

    Rajasthan: भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में प्रसूताओं की मौत से हड़कंप, 10 दिनों में 9 मौतों पर जांच के लिए जयपुर से एक्सपर्ट टीम रवाना

    Rajasthan: भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में प्रसूताओं की मौत से हड़कंप, 10 दिनों में 9 मौतों पर जांच के लिए जयपुर से एक्सपर्ट टीम रवाना

    राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की लगातार हो रही मौतों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। कोटा और बीकानेर के बाद अब भीलवाड़ा और बांसवाड़ा से सामने आए मामलों ने पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए जयपुर से विशेषज्ञों की टीम रवाना की है, जो दोनों अस्पतालों में मौतों के कारणों और चिकित्सा व्यवस्था की विस्तृत जांच करेगी।

    भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल स्थित मातृ एवं शिशु चिकित्सालय (एमसीएच) में पिछले छह दिनों के भीतर पांच प्रसूताओं की मौत हो चुकी है। सभी महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। ऑपरेशन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल आईसीयू में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

    शुक्रवार को पोटला निवासी 32 वर्षीय संगीता जीनगर की सिजेरियन डिलीवरी के बाद हालत गंभीर हो गई और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इससे पहले 5 जुलाई को शिमला गुर्जर, 7 जुलाई को फोरी देवी, 8 जुलाई को ईशा पांडे और 9 जुलाई को दिव्या की भी प्रसव के बाद मौत हो चुकी है। इन सभी मामलों में परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।

    अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, मार्च से अब तक महात्मा गांधी अस्पताल में प्रसूताओं की मौत का आंकड़ा नौ तक पहुंच चुका है। इनमें से पांच मौतें केवल जुलाई के पहले 11 दिनों के भीतर हुई हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

    अस्पताल में प्रतिदिन 30 से 40 सिजेरियन ऑपरेशन किए जा रहे हैं, जबकि नियमित और आपातकालीन सर्जरी के लिए केवल आठ सर्जिकल सेट उपलब्ध हैं। एक सर्जिकल सेट को दोबारा उपयोग में लेने से पहले लगभग तीन घंटे तक स्टरलाइजेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। ऐसे में सीमित संसाधनों के बीच बड़ी संख्या में ऑपरेशन होने से संक्रमण की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।

    हालांकि भीलवाड़ा जिला कलेक्टर जसमीत सिंह संधू ने अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद कहा कि प्रारंभिक जांच में मौतों का कारण संक्रमण नहीं पाया गया है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में सभी आवश्यक सावधानियां बरती जा रही हैं और विशेषज्ञों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा।

    उधर, बांसवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में भी 7 से 10 जुलाई के बीच एक नाबालिग सहित चार प्रसूताओं की मौत हो गई। लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद राज्य स्वास्थ्य विभाग ने पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। विशेषज्ञों की टीम चिकित्सा प्रक्रियाओं, ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण, उपकरणों की उपलब्धता और उपचार प्रोटोकॉल की समीक्षा करेगी।

    स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।

     

  • Surat Rain: भारी बारिश और बाढ़ बनी काल, 7 दिनों में 47 लोगों की मौत, पीड़ित परिवारों को मिलेगी 4 लाख रुपये की सहायता

    Surat Rain: भारी बारिश और बाढ़ बनी काल, 7 दिनों में 47 लोगों की मौत, पीड़ित परिवारों को मिलेगी 4 लाख रुपये की सहायता

    Surat Rain: भारी बारिश और बाढ़ बनी काल, 7 दिनों में 47 लोगों की मौत, पीड़ित परिवारों को मिलेगी 4 लाख रुपये की सहायता

    सूरत, 10 जुलाई: गुजरात के सूरत में पिछले एक सप्ताह के दौरान हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हुई बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया और कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। जिला प्रशासन के अनुसार, बीते सात दिनों में बारिश और उससे जुड़े हादसों में कुल 47 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को सरकार की ओर से चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। हालांकि अब हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और शहर में जलभराव की स्थिति समाप्त हो गई है।

    सूरत कलेक्टर कार्यालय के नायब तहसीलदार साजिद खान ने बताया कि कुल 47 मौतों में से 43 मौतें सूरत शहर में हुई हैं, जबकि चार लोगों की जान ग्रामीण क्षेत्रों में गई है। शहर में हुई 43 मौतों में पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 29 मामले दुर्घटनाजनित मौत के रूप में दर्ज किए गए हैं, जबकि फायर विभाग ने 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है। प्रशासन को अब तक 19 मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी प्राप्त हो चुकी है।

    प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक आपदा में जान गंवाने वाले सभी लोगों के परिजनों को सरकारी नियमों के तहत चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि अब मौसम में सुधार होने के कारण मृतकों की संख्या में और बढ़ोतरी की संभावना कम है।

    अधिकारियों के अनुसार, इस बार पूरे मानसून सीजन की लगभग 50 प्रतिशत बारिश केवल तीन दिनों के भीतर दर्ज की गई। लगातार हुई भारी बारिश से शहर के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गईं, यातायात बाधित हुआ और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत एवं बचाव अभियान भी चलाया गया।

    सूरत नगर निगम (एसएमसी) ने बताया कि फिलहाल शहर के किसी भी हिस्से में जलभराव की स्थिति नहीं है। सड़कों और रिहायशी इलाकों से पानी पूरी तरह निकल चुका है। नगर निगम और जिला प्रशासन संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों में सफाई अभियान चला रहे हैं ताकि बारिश के बाद संक्रामक बीमारियों और महामारी फैलने का खतरा कम किया जा सके।

    प्रशासन ने शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी युद्ध स्तर पर सफाई, कीटनाशक छिड़काव और स्वास्थ्य निगरानी अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के मौसम में सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

     

  • Maharashtra Earthquake: भारी बारिश के बीच महाराष्ट्र में आधी रात 4 बार कांपी धरती, 4.6 रही सबसे तेज तीव्रता

    Maharashtra Earthquake: भारी बारिश के बीच महाराष्ट्र में आधी रात 4 बार कांपी धरती, 4.6 रही सबसे तेज तीव्रता

    Maharashtra Earthquake: भारी बारिश के बीच महाराष्ट्र में आधी रात 4 बार कांपी धरती, 4.6 रही सबसे तेज तीव्रता

    मुंबई। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच गुरुवार तड़के मराठवाड़ा क्षेत्र में भूकंप के लगातार चार झटके महसूस किए गए। नांदेड़, हिंगोली और परभणी जिलों में रात 1:37 बजे से सुबह 3:23 बजे के बीच आए इन झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।

    अधिकारियों के अनुसार, सबसे पहला और सबसे शक्तिशाली झटका रात 1:37 बजे महसूस किया गया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.6 दर्ज की गई। इसके बाद 2:15 बजे 3.6, 2:17 बजे 3.9 और 3:23 बजे 4.1 तीव्रता के दो अन्य झटके दर्ज किए गए। लगातार चार झटकों के कारण कई लोग घबराकर आधी रात को अपने घरों से बाहर निकल आए।

    भूकंप का मुख्य केंद्र हिंगोली जिले के वसमत तालुका स्थित शिरली गांव के आसपास बताया गया है। पहला झटका पांगरा शिंदे गांव के दक्षिण में आया, जबकि बाद के दो झटकों का केंद्र ककड़धाबा गांव के पास दर्ज किया गया। सभी झटकों की गहराई लगभग 10 किलोमीटर मापी गई, जिसके कारण आसपास के कई क्षेत्रों में कंपन स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।

    जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने स्थिति पर लगातार निगरानी रखी। अधिकारियों ने बताया कि हिंगोली, नांदेड़ और परभणी जिलों से किसी भी प्रकार की जनहानि, भवन क्षति या अन्य बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के निर्देश दिए गए हैं।

    भूकंप के समय अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। अचानक आए झटकों से लोग घबरा गए और कई परिवार एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकल आए। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भूकंप के झटकों की जानकारी साझा की।

    भूकंप विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले छह वर्षों में हिंगोली जिले के औंधा नागनाथ, कलमनुरी और वसमत तालुका क्षेत्रों में 37 से अधिक हल्के भूकंप दर्ज किए जा चुके हैं। हालांकि, एक ही रात में लगातार चार झटके महसूस होने की यह पहली घटना मानी जा रही है, जिसने भू-विज्ञानियों का भी ध्यान आकर्षित किया है।

    विशेषज्ञों के मुताबिक, भूकंप पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण आते हैं। जब दो प्लेटों के बीच लंबे समय तक दबाव बनने के बाद अचानक ऊर्जा मुक्त होती है, तो धरती में कंपन पैदा होता है। इसे ही भूकंप कहा जाता है। इसके अलावा ज्वालामुखीय गतिविधियां, बड़े बांधों का निर्माण और कुछ मानवीय गतिविधियां भी छोटे भूकंपों का कारण बन सकती हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि भूकंप से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए भूकंपरोधी निर्माण और प्रभावी आपदा प्रबंधन व्यवस्था बेहद जरूरी है।

     

  • UP STF: अंबेडकरनगर में पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी बदमाश आसिफ ढेर, कई जघन्य वारदातों का था मास्टरमाइंड

    UP STF: अंबेडकरनगर में पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी बदमाश आसिफ ढेर, कई जघन्य वारदातों का था मास्टरमाइंड

    UP STF: अंबेडकरनगर में पुलिस एनकाउंटर में 1 लाख का इनामी बदमाश आसिफ ढेर, कई जघन्य वारदातों का था मास्टरमाइंड

    अंबेडकरनगर। उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में मंगलवार सुबह पुलिस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक लाख रुपये का इनामी बदमाश आसिफ अली उर्फ विकी मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार आसिफ लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ हत्या, डकैती तथा संगठित अपराध के कई गंभीर मामले दर्ज थे। मुठभेड़ के दौरान उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भी गोली लगने से घायल हो गया, जिसका इलाज जारी है।

    यूपी एसटीएफ के अनुसार मुठभेड़ अंबेडकरनगर के जगदीशपुर गांव के पास हुई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक लाख रुपये का इनामी अपराधी आसिफ इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त घेराबंदी की। खुद को चारों ओर से घिरा देख आसिफ ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें वह गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    पुलिस के मुताबिक मारा गया आसिफ कानपुर के बिलौर थाना क्षेत्र के धुरैया गांव का रहने वाला था। वह कुख्यात छयमार गैंग का सरगना बताया जा रहा है और पिछले कई वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। उसके खिलाफ जौनपुर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उत्तर प्रदेश के कई जिलों की पुलिस उसकी तलाश कर रही थी और वह लगातार अपना ठिकाना बदलकर कानून से बचने की कोशिश कर रहा था।

    यूपी एसटीएफ ने बताया कि आसिफ का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा और खौफनाक रहा है। वर्ष 2014 में उसने जौनपुर में अपने साथियों के साथ एक घर में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। इस दौरान विरोध करने पर दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद से वह पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल हो गया था।

    जांच एजेंसियों के अनुसार आसिफ केवल जौनपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि उसने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में संगठित अपराध की घटनाओं को अंजाम दिया था। वर्ष 2013 में उसने अपने करीब दस साथियों के साथ सुल्तानपुर में एक घर में डकैती डाली थी। आरोप है कि पूरे परिवार को बंधक बनाकर लूटपाट की गई और विरोध करने पर परिवार के एक सदस्य की हत्या कर दी गई थी।

    इसके बाद वर्ष 2015 में कौशांबी जिले में भी उसने अपने गिरोह के साथ एक घर में डकैती की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार उस घटना में पूरे परिवार को बंधक बनाया गया था और पति-पत्नी की निर्मम हत्या कर दी गई थी। इन जघन्य वारदातों के बाद उसके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए और वह लगातार फरार चल रहा था।

    पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2021 में भी आसिफ ने अपने गिरोह के साथ कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में एक घर में डकैती की घटना को अंजाम दिया था। उसके खिलाफ हत्या, डकैती, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले विभिन्न जिलों में दर्ज हैं। इसी वजह से वह उत्तर प्रदेश पुलिस के सबसे वांछित अपराधियों में शामिल था।

    मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आसिफ के कब्जे से 32 बोर की एक पिस्टल, 13 बोर का एक देसी पिस्टल तथा बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद हथियारों को जांच के लिए भेज दिया गया है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनका इस्तेमाल किन-किन आपराधिक घटनाओं में किया गया था।

    यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस अब आसिफ के आपराधिक नेटवर्क, उसके गिरोह के अन्य सदस्यों और उनसे जुड़े मामलों की जांच में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि फरार सहयोगियों की तलाश के लिए भी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई से प्रदेश में सक्रिय एक बड़े आपराधिक गिरोह को बड़ा झटका लगा है और कई लंबित मामलों की जांच में भी महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।

     

  • Uttarakhand Rain: उत्तराखंड में बारिश का कहर, भूस्खलन से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, कई इलाकों का संपर्क टूटा

    Uttarakhand Rain: उत्तराखंड में बारिश का कहर, भूस्खलन से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, कई इलाकों का संपर्क टूटा

    Uttarakhand Rain: उत्तराखंड में बारिश का कहर, भूस्खलन से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद, कई इलाकों का संपर्क टूटा

    उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। सोमवार रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। सबसे अधिक असर बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ा है, जहां कई स्थानों पर मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है और कई जिलों में एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

    भानारपानी, गुलाबकोटी और बिरही-निजमूला समेत बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के कई हिस्सों में भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिरने से सड़क बंद हो गई है। प्रशासन ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इन मार्गों पर वाहनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी है। सड़कों से मलबा हटाने और यातायात बहाल करने के लिए मशीनों और राहत टीमों को लगातार लगाया गया है।

    रुद्रप्रयाग जिले में लगातार बारिश के कारण अलकनंदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के उफान पर आने से नमामी घाट पूरी तरह जलमग्न हो गया है। जिला प्रशासन के अनुसार ऊपरी हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के चलते नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे निचले इलाकों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को अलकनंदा नदी का जलस्तर समुद्र तल से 622.90 मीटर दर्ज किया गया।

    राज्य में खराब मौसम और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से जारी ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए कुमाऊं मंडल के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। प्रशासन का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह फैसला लिया गया है।

    जिला प्रशासन ने बताया कि सभी प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात हैं और बंद सड़कों को जल्द से जल्द खोलने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें तथा नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास जाने से परहेज करें। मौसम सामान्य होने तक प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।

    लगातार खराब मौसम को देखते हुए पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अगले आदेश तक इनर लाइन परमिट जारी करने की प्रक्रिया भी रोक दी गई है। प्रशासन का कहना है कि मौसम में सुधार होने और मार्ग सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।

    राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। आपदा प्रबंधन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके और लोगों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

  • Maharashtra Rain: महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ पर अस्पताल से एक्शन में डिप्टी सीएम शिंदे, हाई-लेवल मीटिंग कर दिए सख्त निर्देश

    Maharashtra Rain: महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ पर अस्पताल से एक्शन में डिप्टी सीएम शिंदे, हाई-लेवल मीटिंग कर दिए सख्त निर्देश

    Maharashtra Rain: महाराष्ट्र में बारिश और बाढ़ पर अस्पताल से एक्शन में डिप्टी सीएम शिंदे, हाई-लेवल मीटिंग कर दिए सख्त निर्देश

    महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में हालात गंभीर कर दिए हैं। मुंबई, ठाणे, पुणे, रायगढ़ और कोंकण क्षेत्र में भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इसी बीच राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद राहत और बचाव कार्यों की कमान अपने हाथों में रखी। उन्होंने अस्पताल के बिस्तर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए वरिष्ठ अधिकारियों, मंत्रियों और प्रशासनिक टीम के साथ हाई-लेवल बैठक कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की और राहत कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने के कड़े निर्देश दिए।

    डिप्टी सीएम शिंदे फिलहाल थकान और गले में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें सलाइन सपोर्ट दिया जा रहा है। इसके बावजूद उन्होंने राज्य के विभिन्न जिलों में बाढ़ और भारी बारिश से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री, भोजन, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं बिना किसी देरी के पहुंचाई जाएं तथा बचाव अभियान को और तेज किया जाए।

    राज्य में पिछले चार दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं। विशेष रूप से कोंकण क्षेत्र में कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि रायगढ़ जिले में बाढ़ और भूस्खलन का खतरा लगातार बना हुआ है। कई इलाकों में जलभराव के कारण सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान जारी है।

    बैठक के दौरान डिप्टी सीएम शिंदे ने शिवसेना के कार्यकर्ताओं, मंत्रियों, विधायकों और सांसदों को भी राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुनें, स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत कार्यों की निगरानी करें और जरूरतमंदों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराएं।

    उन्होंने रायगढ़ और रत्नागिरी के प्रभारी मंत्रियों भरत गोगावले, योगेश कदम और उदय सामंत को विशेष निर्देश देते हुए महाड सहित पूरे रायगढ़ जिले की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा। साथ ही आदेश दिया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों का व्यक्तिगत रूप से दौरा कर फंसे हुए लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    मुंबई के प्रभारी मंत्री के रूप में भी एकनाथ शिंदे ने अस्पताल से ही मुंबई नगर निगम आयुक्त अश्विनी भिड़े के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान उन्होंने मुंबई में मानसून प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की और सभी नगर निगम अधिकारियों को फील्ड में मौजूद रहकर नागरिकों की शिकायतों का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की प्रतिक्रिया तेज और प्रभावी होनी चाहिए।

    हाल के दिनों में मुंबई में पेड़ गिरने की घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए डिप्टी सीएम ने खतरनाक और झुके हुए पेड़ों को तत्काल हटाने का आदेश दिया। इसके अलावा खुले मैनहोल को सुरक्षित करने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का व्यापक ऑडिट कराने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी संबंधित विभागों को दिए गए।

    इस बीच नागोठाणे क्षेत्र में भूस्खलन की सूचना मिलने के बाद डिप्टी सीएम शिंदे के निर्देश पर मंत्री भरत गोगावले तुरंत रायगढ़ के लिए रवाना हो गए। उन्हें मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने, स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने और स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है।

    अधिकारियों के अनुसार डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की स्वास्थ्य स्थिति अब स्थिर है और लगातार सुधार हो रहा है। अस्पताल में भर्ती रहने के बावजूद उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरकारी कामकाज जारी रखा, जिससे राज्य में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।