सत्य के साथ • आपके साथशनिवार, 7 नवंबर 2026
ADVERTISEMENTविज्ञापन के लिए संपर्क करेंCPN NEWS • YOUR BRAND HERE
ताज़ा खबर
Delhi Building Collapse: दिल्ली में इमारतें नहीं, निगम का भ्रष्टाचार और प्रशासनिक व्यवस्था ढह रही है : श्याम सुन्दर अग्रवालFood Adulteration: मिलावट के खिलाफ मुख्यमंत्री का सड़क पर उतरना जन स्वास्थ्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण : रोमेश चंद्र गुप्ताFood Adulteration: मुख्यमंत्री की सक्रियता से मिलावटखोरों में मचेगा हड़कंप, जनता की सेहत से समझौता नहीं करेगी सरकार : गुरमीत सिंह सूराFood Adulteration: मिलावटखोरों पर कार्रवाई से त्योहारों में जनता को मिलेगा शुद्ध खाद्य पदार्थों का भरोसा : विनीत जैनSolar Energy: दिल्ली की हर छत को सौर ऊर्जा से जोड़ने की पहल सराहनीय : राजकुमार बल्लनDelhi Laxmi Yojana: इस बार भी दीपावली पर महिलाओं के खातों में नहीं आए पैसे, मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर भी नहीं मिला : नीलम चौधरीMumbai Building Fire: घाटकोपर की 25 मंजिला इमारत की 23वीं मंजिल पर लगी आग, एक व्यक्ति के झुलसने की खबरVaibhav Sooryavanshi Bihar Captain: वैभव सूर्यवंशी को मिली बिहार की कप्तानी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के शुरुआती दो मैचों में संभालेंगे कमान

Bharat Taxi Service: गुजरात में अमित शाह ने लॉन्च की भारत टैक्सी, ड्राइवरों को मिलेगा मालिकाना हक और ज्यादा कमाई का मौका

3 मिनट पढ़ें

Bharat Taxi Service: गुजरात में अमित शाह ने लॉन्च की भारत टैक्सी, ड्राइवरों को मिलेगा मालिकाना हक और ज्यादा कमाई का मौका

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ किया है। यह देश का पहला सहकारी (को-ऑपरेटिव) मॉडल आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है, जिसमें टैक्सी सेवा का मालिकाना हक सीधे ड्राइवरों के पास होगा। सरकार का दावा है कि इस पहल से निजी कैब कंपनियों की मनमानी कम होगी और ड्राइवरों को उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा मिलेगा।

फिलहाल भारत टैक्सी सेवा की शुरुआत गुजरात के 14 प्रमुख शहरों में की गई है। सहकारिता मंत्रालय की योजना अगले एक महीने के भीतर इस सेवा का विस्तार पूरे राज्य में करने की है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में इसे देश के अन्य राज्यों में भी लागू किया जा सकता है।

लॉन्च कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ टैक्सी सेवाओं की मांग तेजी से बढ़ी है, लेकिन निजी कैब प्लेटफॉर्म से यात्रियों और ड्राइवरों दोनों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि आम लोगों और टैक्सी चालकों की शिकायतों के बाद सरकार ने इस दिशा में नया समाधान तैयार किया।

अमित शाह ने कहा कि शुरुआत में सरकार ने निजी कैब कंपनियों को नियंत्रित करने के लिए नया कानून बनाने पर विचार किया था, लेकिन केवल कानून बनाना हर समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सकता। इसलिए सरकार ने ऐसा मॉडल विकसित किया जिसमें ड्राइवर स्वयं इस सेवा के हिस्सेदार और मालिक बनें।

सरकार के अनुसार, को-ऑपरेटिव मॉडल के तहत टैक्सी सेवा का संचालन होने से मुनाफे और निर्णय लेने की प्रक्रिया में ड्राइवरों की सीधी भागीदारी होगी। इससे निजी कंपनियों द्वारा अधिक कमीशन वसूले जाने और ड्राइवरों के कथित शोषण जैसी समस्याओं में कमी आने की उम्मीद है

अमित शाह ने कहा कि सहकारिता मॉडल ने देश में कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है और अब इसी मॉडल के जरिए टैक्सी सेक्टर में भी पारदर्शिता, बेहतर आय और भरोसेमंद सेवाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि यदि गुजरात में भारत टैक्सी सेवा सफल रहती है, तो यह देश के राइड-हेलिंग सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है और टैक्सी सेवाओं के संचालन का नया मॉडल बन सकती है।

 

इस खबर पर आपकी प्रतिक्रिया?

आपकी राय

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *