Bageshwar Dham Accident: बागेश्वर धाम हादसा: एक हफ्ते में दूसरी बड़ी दुर्घटना, दीवार गिरने से महिला श्रद्धालु की मौत, दर्जनभर घायल
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम एक बार फिर दुखद हादसे का गवाह बना। मंगलवार सुबह यहां तेज बारिश के कारण एक पुरानी धर्मशाला की दीवार ढह गई, जिससे एक महिला श्रद्धालु की मौत हो गई और लगभग 12 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना तब हुई जब सभी श्रद्धालु गहरी नींद में थे और दीवार गिरने से मलबे में दब गए। हादसे ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मचा दी और श्रद्धालुओं में भय का माहौल बन गया।
घटना कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आश्रम परिसर में हुई, जहां देशभर से हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए आते हैं। जो दीवार गिरी, वह आश्रम के अंतर्गत एक धर्मशाला की थी, जहां सस्ते में रात्रि विश्राम की व्यवस्था की जाती है। बताया जा रहा है कि यह बिल्डिंग काफी पुरानी थी और हाल ही में हुई लगातार बारिश ने इसकी दीवार को कमजोर कर दिया था।
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची और तेजी से मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया। छतरपुर जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.पी. गुप्ता ने बताया कि कुल 12 घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनमें से एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर की 40 वर्षीय अनीता देवी के रूप में हुई है, जो सोमवार को ही बागेश्वर धाम में दर्शन के लिए आई थीं।
इससे पहले भी एक हफ्ते के भीतर बागेश्वर धाम में बड़ा हादसा हो चुका है, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। बागेश्वर धाम देशभर के लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन चुका है, जहां रोज़ाना हजारों लोग आते हैं। ऐसे में व्यवस्थाओं का दुरुस्त और मजबूत होना बेहद आवश्यक है, ताकि इस प्रकार की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन की ओर से मामले की जांच शुरू कर दी गई है और धर्मशाला की अन्य संरचनाओं की सुरक्षा का आकलन किया जा रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की मांग है कि बागेश्वर धाम में रहने-ठहरने की व्यवस्थाओं को आधुनिक और सुरक्षित बनाया जाए ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की जान-माल की क्षति से बचा जा सके।
राज्य सरकार ने मृतक महिला के परिवार को मुआवज़ा देने और घायलों के इलाज का पूरा खर्च उठाने का आश्वासन दिया है। यह हादसा न केवल प्रशासन के लिए चेतावनी है, बल्कि सभी धार्मिक स्थलों को अपनी संरचनात्मक सुरक्षा की गंभीर समीक्षा करने की आवश्यकता भी दर्शाता है।


