ASEAN India Business Meet 2026: आसियान भारत बिजनेस मीट का सफल आयोजन : डॉ.बसंत गोयल
11 देशों के प्रतिनिधियों की रही भागीदारी
नई दिल्ली ( सी.पी.एन.न्यूज़ ) :राजधानी दिल्ली में म्यांमार दूतावास में आयोजित आसियान–भारत बिज़नेस मीट 2026 सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह महत्वपूर्ण आयोजन भारत और आसियान देशों के बीच व्यापारिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ। कार्यक्रम में भारत और आसियान क्षेत्र के प्रमुख उद्योगपति, उद्यमी, नीति-निर्माता, निवेशक और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्रित हुए, जहाँ व्यापार, निवेश, नवाचार और सहयोग के नए अवसरों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम की प्रमुख विशेषता रही डॉ. बसंत गोयल की गरिमामयी उपस्थिति, जिन्होंने इस कार्यक्रम में डिस्टिंग्विश्ड स्पेशल गेस्ट के रूप में भाग लिया। डॉ. बसंत गोयल, जो कि गोयल मेडिकोज के सीईओ और फाउंडर हैं, देश और दुनिया में अपने सामाजिक कार्यों और मानव सेवा के लिए विशेष रूप से जाने जाते हैं।

डॉ. गोयल का मानना है कि व्यवसाय केवल लाभ कमाने का माध्यम नहीं होना चाहिए, बल्कि यह समाज के विकास और मानवता की सेवा का भी एक प्रभावी साधन होना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का निरंतर प्रयास किया है। यह कार्यक्रम ट्रेड, नेटवर्किंग, निवेश और बिज़नेस एक्सपेंशन के लिए एक प्रभावशाली मंच के रूप में सामने आया। इस आयोजन का उद्देश्य भारत और आसियान देशों के बीच व्यावसायिक संबंधों को नई ऊर्जा देना, नए निवेश अवसरों को प्रोत्साहित करना और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को गति प्रदान करना था। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने आपसी सहयोग, साझेदारी और व्यापार विस्तार के नए आयामों पर विचार-विमर्श किया। इस आयोजन की एक बड़ी विशेषता यह रही कि इसमें आसियान के 11 देशों के प्रतिनिधियों और व्यापारिक समुदाय ने सक्रिय भागीदारी की। इनमें ब्रुनेई, म्यांमार, कंबोडिया, फिलीपींस, इंडोनेशिया, सिंगापुर, लाओ पीडीआर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम और तिमोर-लेस्ते शामिल रहे। इन देशों के साथ भारत के पहले से मजबूत व्यापारिक और आर्थिक संबंध हैं, और इस बिज़नेस मीट ने उन संबंधों को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य, फार्मास्यूटिकल्स, टेक्नोलॉजी, मैन्युफैक्चरिंग, स्टार्टअप्स, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय निवेश जैसे अनेक क्षेत्रों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। इस मंच के माध्यम से विभिन्न देशों के व्यवसायियों और निवेशकों को नए प्रोजेक्ट्स, संयुक्त उद्यम और व्यापारिक समझौतों के अवसरों पर विचार करने का अवसर मिला।



