स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर की मंजूरी मिलना दिल्ली के विकास की ओर महत्वपूर्ण कदम : रीना माहेश्वरी
नई दिल्ली ( शिवा कौशिक ) : दिल्ली के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को अब अपना स्वतंत्र इंजीनियरिंग कैडर मिल गया है जिसमें केंद्र सरकार ने 3,214 पदों को सीपीडब्ल्यूडी से अलग कर मंजूरी दी है। इस विषय पर बात करते हुए अशोक नगर वार्ड की निगम पार्षद रीना माहेश्वरी ने कहा कि केंद्र से मिली यह मंजूरी दिल्ली के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगी और यह मंजूरी दिल्ली के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि करीब 30 साल से लंबित इस व्यवस्था के लागू होने से दिल्ली सरकार को अपने इंजीनियरों की नियुक्ति, तैनाती और कामकाज की निगरानी में पूरे अधिकार मिल सकेंगे। रीना माहेश्वरी ने कहा कि यह निर्णय दिल्ली को तेजी से विकसित, सुरक्षित और विश्वस्तरीय राजधानी बनाने की ओर एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार ने राजधानी के विकास कार्यों में तेजी लाने, इंजीनियरिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपना अलग इंजीनियरिंग कैडर बनाने का निर्णय लिया था। रीना माहेश्वरी ने बताया कि दिल्ली में विकास कार्यों का स्वरूप और आवश्यकताएं अलग हैं और राजधानी में लगातार नई सड़कों, पुलों, भवनों, कार्यालयों तथा अन्य सार्वजनिक ढांचों का निर्माण और रखरखाव करना पड़ता है, ऐसे में दिल्ली के पास अपना सक्षम और स्वतंत्र इंजीनियरिंग तंत्र होना आवश्यक था। उन्होंने बताया कि अलग कैडर बनने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि दिल्ली सरकार अपनी विकास संबंधी आवश्यकताओं के अनुसार इंजीनियरिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेगी। रीना माहेश्वरी ने बताया कि इससे इंजीनियरों की उपलब्धता, पदों को भरने, कार्यों की निगरानी और विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में अधिक सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली को अपने विकास कार्यों के लिए लंबे समय तक किसी अन्य कैडर पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी।



