प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को तीनों सेवाओं के अग्निवीरों के पहले बैच को संबोधित करते हुए उन्हें ‘अग्रणी अग्निपथ योजना के अग्रदूत’ कहकर बधाई दी। प्रधानमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह परिवर्तनकारी नीति हमारे सशस्त्र बलों को मजबूत करने और उन्हें भविष्य में आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करने में एक गेम चेंजर साबित होगा। पिछले साल 14 जून को घोषित अग्निपथ योजना के तहत, तीनों सेनाएं साढ़े 17 साल और 21 साल के बीच के युवाओं को चार साल के लिए भर्ती कर रही हैं, जिनमें से 25 प्रतिशत को 15 और वर्षों तक बनाए रखने का प्रावधान है। 2022 के लिए, ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 23 वर्ष कर दिया गया था। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए पीएम ने कहा की ‘पहला बैच जिसने अपना बुनियादी प्रशिक्षण शुरू कर दिया है, वे युवा अग्निवीर सशस्त्र बलों को और अधिक जोशपूर्ण एवं तकनीक-प्रेमी बनाएंगे।
अग्निवीरों की क्षमता की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी भावना सशस्त्र बलों की बहादुरी को दर्शाती है जिसने हमेशा राष्ट्र के झंडे को ऊंचा रखा है।प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि कैसे अग्निपथ योजना महिलाओं को और सशक्त बनाएगी। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि कैसे महिला अग्निकर्मी नौसेना बलों का गौरव बढ़ा रही हैं। पीएम ने कहा कि वह तीनों सेनाओं में महिला अग्निवीरों को देखने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने सियाचिन में तैनात महिला सैनिकों और आधुनिक लड़ाकू विमानों को चलाने वाली महिलाओं का उदाहरण देते हुए यह भी याद दिलाया कि कैसे महिलाएं विभिन्न मोर्चों पर सशस्त्र बलों का नेतृत्व कर रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में पोस्टिंग से अग्निवीरों को विविध अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और उन्हें विभिन्न भाषाओं और विभिन्न संस्कृतियों और जीवन जीने के तरीकों को सीखने का मौका मिलेगा।



