विधायक संजय गोयल नें गिनाई अपनी साल भर की उपलब्धियां दीपक गाबा और डॉ.अनिल गोयल भी रहे मौजूद
नई दिल्ली (सेंसर पाल ) : शाहदरा विधानसभा से विधायक संजय गोयल नें अपनी साल भर की उपलब्धियों के बारे में मीडिया को जानकारी दी | संजय गोयल नें अपने एक साल के कार्यकाल की जानकारी देने के लिए एक पुस्तक भी प्रकाशित की है | प्रेस वार्ता में श्री गोयल के साथ भाजपा शाहदरा जिला अध्यक्ष दीपक गाबा , जिला प्रभारी डॉ.अनिल गुप्ता, एवं तीनों मंडल अध्यक्ष भी उपस्थित रहे। शाहदरा विधानसभा में लगभग 105 करोड़ के विकास कार्यों के बारे में बताया उन्होंने कहा कि सारे डिपार्टमेंट के बारे में विस्तार से इस पुस्तक में बताया गया हैं।
पहली पीडब्ल्यूडी की रोड शाहदरा विधानसभा में मेरे आने के बाद में नई रोड बनाई गई, फुटपाथ नए बन रहे हैं। पहली बार ऐसा हुआ कि हमारे यहां सात अंडर पास हैं और सातो में पानी नहीं भरा क्योंकि हमने इसकी प्लानिंग की थी, बरसात से पहले और जो कमियां रह गई हैं वह भी आने वाले समय में पूरी की जाएगी और विधायक फंड द्वारा किए गए कार्य हैं जैसे पुरानी सड़के टूट गई थी, पार्क में जिम लगने हैं। मुख्यमंत्री प्रकाश योजना के तहत लगभग 1950 लाइटे लगाई गई डार्क स्पॉट पर हाई मास्क लाइट लगाई गई शाहदरा विधानसभा में और झिलमिल वार्ड में लाइट लगाई गई और बेंच लगाई गई बात करें शौचालय की हमारे पास 11 कॉलोनी है उसके लिए भी फंड हमारे पास आ गया है।

उनका भी कार्य जल्दी शुरू हो जाएगा सभी शौचालय को तीन-चार महीने के अंदर कंप्लीट कर देंगे संजय गोयल नें बताया सात आयुष्मान आरोग्य मंदिर साथ बन चुके हैं और आठ बाकी हैं। पेंशन योजना में लगातार सीनियर सिटीजन लगभग 200 से ज्यादा पेंशन लगवाई संजय गोयल ने कहा कि मेरे तीन कार्यालय ऑफिस है एक विवेक विहार दूसरा शाहदरा में और तीसरा दिलशाद गार्डन में, वहां पर भी जो बहने आती हैं और दिव्यांगों की पेंशन लगवाना और जो विधवा बहनों की बेटी की शादी में 31000 रुपए उनको दिलवाना यह सारी योजनाएं हम अपने ऑफिस से ही ऑनलाइन करते हैं। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिल्ली में सरकार बनने के बाद जो बहने रह गई थी, उनको उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन सिलेंडर चूल्हा दिया गया।
कावड सेवा की बात करें तो कावड़ शिवरों में टेंट की व्यवस्था खाने की व्यवस्था साफ सफाई की व्यवस्था शौचालय की व्यवस्था और इसी तरह रामलीला के अंदर, बाल्मीकि जयंती पर और जितने भी संस्कृत प्रोग्राम होते हैं उनमें कलाकारों को उपलब्ध कराना राशन कार्ड की बात करें तो लोगों को समय पर राशन दिलाना समय-समय पर राशन दफ्तर जाकर चेक करना। अटल कैंटीन की बात करें तो सीमापुरी और झिलमिल कॉलोनी में खोली गई हैं ऐसी ही सैकड़ो योजनाएं हैं जो पिछले एक साल में पूरी की गई है।



