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Stock Market Crash: शेयर बाजार में कोहराम, 7 लाख करोड़ का नुकसान, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा

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Stock Market Crash: शेयर बाजार में कोहराम, 7 लाख करोड़ का नुकसान, सेंसेक्स 1000 अंक टूटा

शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली, जिसने निवेशकों के लिए गंभीर झटका दिया। अमेरिकी बाजार में आई भारी गिरावट के असर के चलते भारतीय बाजार भी दबाव में आ गया और निवेशकों के पोर्टफोलियो लाल निशान पर बंद हुए। शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर के शेयरों में दबाव के साथ ही यह गिरावट तेजी से बाकी सभी सेक्टरों तक फैल गई, जिससे बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली हावी हो गई।

सेंसेक्स ने शुक्रवार को 1048 अंक या 1.25 फीसदी की गिरावट के साथ 82,626 पर बंद किया, जबकि निफ्टी50 336 अंक या 1.30 फीसदी गिरकर 25,471 पर बंद हुआ। बैंक निफ्टी में भी भारी दबाव देखने को मिला और 553 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट में टीसीएस, इंफोसिस, रिलायंस, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एटर्नल, टाइटन, टाटा स्टील जैसे बड़े कंपनियों के शेयर प्रमुख योगदान देने वाले रहे।

बीएसई के टॉप 30 शेयरों में बजाज फाइनेंस और एसबीआई को छोड़कर बाकी सभी 28 शेयर गिरावट पर बंद हुए। आईटी के अलावा मेटल, कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स, रियल एस्टेट, एनर्जी, बैंकिंग और फाइनेंस सर्विसेज सेक्टर में भी व्यापक गिरावट देखने को मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि आईटी शेयरों में यह तेज गिरावट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से प्रेरित तकनीकी बदलाव और पारंपरिक व्यापार मॉडल की अनिश्चितता को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण है।

विलियम ओ’नील इंडिया के इक्विटी रिसर्च प्रमुख मयूरेश जोशी ने बिजनेस टुडे को बताया कि आईटी सेक्टर में एक बड़ा बदलाव आने वाला है। बेहतर AI एजेंट और मजबूत एप्लिकेशन लेयर बनाने की होड़ न केवल इस क्षेत्र में बल्कि इससे जुड़े अंतिम-उपभोक्ता उद्योगों में भी महत्वपूर्ण व्यवधान पैदा कर सकती है। उनका कहना है कि निवेशकों को इस बदलाव को समझते हुए कुछ समय के लिए स्थिति को देखने की जरूरत है।

बीएसई मार्केट कैप में भी भारी कमी देखने को मिली। गुरुवार को बीएसई का मार्केट कैप 472.48 लाख करोड़ रुपये था, जो शुक्रवार को 6.83 लाख करोड़ रुपये घटकर 465.31 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर देखें तो अमेरिकी मार्केट में तीन दिनों के भीतर करीब 90 लाख करोड़ रुपये की भारी गिरावट दर्ज की गई।

इस गिरावट से स्पष्ट है कि निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है और बाजार की दिशा को लेकर अनिश्चितता अभी बनी हुई है।

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