Sadhvi Prem Baisa death: साध्वी प्रेम बाईसा को लगाया गया इंजेक्शन, पांच मिनट में ही टूटी सांसें, कंपाउंडर हिरासत में
राजस्थान के जोधपुर में मशहूर कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी है। बुधवार 29 जनवरी को साध्वी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें उनके आश्रम से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद से मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है और पुलिस हर एंगल से जांच में जुट गई है।
साध्वी प्रेम बाईसा पश्चिमी राजस्थान की जानी-मानी कथावाचक थीं और उनके अनुयायी न सिर्फ राजस्थान बल्कि अन्य राज्यों में भी बड़ी संख्या में हैं। ऐसे में उनकी अचानक मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल से मौत की सूचना मिलने के बाद साध्वी के पिता और आश्रम से जुड़े लोग पार्थिव शरीर को वापस आश्रम ले गए थे, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी पुलिस को दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत आश्रम पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस पूरे मामले में उस वक्त संदेह और गहरा हो गया, जब साध्वी के इंस्टाग्राम अकाउंट से किया गया एक पोस्ट सामने आया। सोशल मीडिया पर आए इस संदेश को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जाने लगीं। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि यह पोस्ट किसने और किन हालात में किया। इसके साथ ही साध्वी का एक पुराना वायरल वीडियो भी फिर से चर्चा में आ गया है, जिसे लेकर पहले भी विवाद हो चुका था। पुलिस इस पहलू को भी जांच का हिस्सा बना रही है।
जांच के दौरान पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उस कंपाउंडर को हिरासत में ले लिया है, जिसने साध्वी को इंजेक्शन लगाया था। पुलिस ने कंपाउंडर से पूछताछ शुरू कर दी है और इंजेक्शन के खोल सहित अन्य मेडिकल सामग्री को भी जब्त कर लिया है। इसके अलावा आश्रम को भी सील कर दिया गया है, ताकि सबूतों से किसी तरह की छेड़छाड़ न हो सके। इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच जोधपुर के पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश के निर्देशन में की जा रही है।
साध्वी के पिता वीरम नाथ, जो उनके गुरु भी थे, ने जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल की मोर्चरी में मीडिया से बातचीत करते हुए कई अहम जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि साध्वी को कुछ दिनों से खांसी और जुकाम की शिकायत थी। इसी वजह से आश्रम में एक कंपाउंडर को बुलाया गया था। कंपाउंडर ने साध्वी को देखने के बाद एक इंजेक्शन लगाया, लेकिन इंजेक्शन लगने के महज पांच मिनट बाद ही साध्वी प्रेम बाईसा की हालत बिगड़ गई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
पिता ने बताया कि इसके बाद साध्वी को तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि साध्वी के मोबाइल फोन से इंस्टाग्राम पर संदेश डाला गया था। उनके मुताबिक, साध्वी के कहने पर ही किसी साथी गुरु महाराज ने उनके मोबाइल से वह मैसेज पोस्ट किया था। पिता ने यह भी दावा किया कि अंतिम समय में साध्वी ने न्याय की बात कही थी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि साध्वी प्रेम बाईसा की मौत सामान्य थी या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है। इस घटना ने न सिर्फ उनके अनुयायियों को सदमे में डाल दिया है, बल्कि प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



