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दो साल में डूबने से दिल्ली में 89 लोगो की हुई मौत खोलती है सिस्टम की पोल : अजय अरोड़ा

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अजय अरोड़ा
दो साल में डूबने से दिल्ली में 89 लोगो की हुई मौत खोलती है सिस्टम की पोल : अजय अरोड़ा

दो साल में डूबने से दिल्ली में 89 लोगो की हुई मौत खोलती है सिस्टम की पोल : अजय अरोड़ा

– हर्ष भारद्वाज –

नई दिल्ली , राजधानी दिल्ली में अकेले डूबने से बड़ी संख्या में हुई निर्दोष लोगो की मौत के आंकड़े दिल्ली के लापरवाह सिस्टम की पोल खोल रहे है | यह कहना है दिल्ली स्टेट ट्रेडर्स कांग्रेस के चेयरमेन अजय अरोड़ा का | अजय अरोड़ा कहते हैं खुले नाले, खराब ड्रेनेज और सड़क सुरक्षा की अनदेखी से हाल के वर्षों में कई जानलेवा हादसे हुए हैं | दिल्ली में जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच अलग-अलग हादसों में कुल 239 लोगों की मौत दर्ज की गई, जिसमें से 89 मौतें अकेले डूबने से हुईं है |

अजय अरोड़ा कहते हैं यह हमारा इस सितम पर आरोप नहीं है बल्कि दिल्ली विधानसभा में राजस्व विभाग की तरफ से शेयर किए गए आंकड़े यह बता रहे हैं कि राजधानी में नागरिक सुविधाओं की अनदेखी लगातार लोगों की जान ले रही है. जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच दिल्ली में हादसों और प्राकृतिक या मानव-निर्मित आपदाओं में कुल 239 लोगों की मौत दर्ज की गई. इनमें से 89 मौतें डूबने से हुईं, जो किसी भी अन्य कारण से सबसे अधिक हैं. यानी औसतन हर महीने करीब चार लोगों की डूबने से मौत हुई |

अजय अरोड़ा कहते ये आंकड़े कितने भयावह है सुनते ही रूहं काप उठती है कि देश की राजधानी दिल्ली का यह हाल है जिसे पिछली आम आदमी पार्टी की सरकार वर्ल्ड लेवल का शहर बताते हुए अपनी पीठ ठोकती थी और अब ट्रिपल इंजन की सरकार भी इस जवाबदेही के दायरे में है क्योंकि 11 माह से तो ट्रिपल इंजन सरकार का ही सिस्टम है | यानी सरकार जरुर बदली है लेकिन सिस्टम अभी भी लचर है | अजय अरोड़ा कहते हैं जिस तरह से आम आदमी पार्टी की सरकार हवा में बातें करती थी और जमीन पर कोई काम नहीं होता था उसी ढर्रे पर ट्रिपल इंजन की सरकार भी चल रही है जो कि आल इज वेल का दावा करती रहती है लेकिन जमीन पर कुछ नहीं करती |

अजय अरोड़ा कहते हैं इसमें सरिता विहार अंडरपास में पानी भरने, ईस्ट दिल्ली में नाले के ढक्कन खुला रहने से उसमें गिरे बच्चे की मौत, आली विहार पुलिस चौकी के पास बारात घर के पास जलभराव से पानी में डूबने के कारण मौत आदि शामिल हैं। ये घटनाएं सिर्फ यमुना या नहर के आस-पास नहीं बल्कि नई दिल्ली जैसे इलाके में भी हुई जहां तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई। अजय अरोड़ा का कहना है कहीं खेलने निकले बच्चे शिकार बने, तो कहीं घर लौटते कामकाजी लोग. और ऐसा भी नहीं है कि केवल छोटे बच्चे इस तरह के हादसों का शिकार बने है बल्लाकि कई युवक और अधेड़ भी हादसों की चपेट में आये हैं | जहां महिंद्रा पार्क इलाके में एक चार साल का बच्चा खुले नाले में गिरकर मर , और खेड़ा खुर्द इलाके में ढाई साल का बच्चा खुले सीवर में गिरकर जान गंवा बैठा तो नवंबर 2024 में राजेंद्र पार्क एक्सटेंशन में 13 वर्षीय लड़का खेल के मैदान जाते समय खुले नाले में डूब गया, वहीं उत्तर-पूर्वी दिल्ली के भजनपुरा इलाके में 32 वर्षीय व्यक्ति घर लौटते वक्त खुले नाले में गिरकर मर गया |

अजय अरोड़ा कहते हैं मानसून से पूर्व सरकार को तमाम जलभराव वाले ईलाकों का सर्वे कराकर सभी इंतजाम पुख्ता करने चाहिए ताकि हादसों को रोका जा सके |

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