मुदित की आहट से भीष्म और राजकुमार जैन नें मिलाया हाथ लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं भीष्म
– अश्वनी भारद्वाज –
नई दिल्ली , यमुनापार के कद्दावर कांग्रेस नेता भीष्म शर्मा जो विधानसभा के 9 चुनाव लड़ चुके हैं जिनमे से तीन बार जीते भी हैं | एक करीब दस माह के लिए तो दो पूरे टर्म के लिए वे विधायक रहे हैं ,इसके अलावा जिला बाबरपुर के जिला अध्यक्ष भी रहे है पिछले कई माह से जिला कांग्रेस के अध्यक्ष राजकुमार जैन से उनका छत्तीस का आंकड़ा चल रहा था आलम यह था की दोनों एक दूसरे के कार्यक्रमों में तो आते जाते थे ही नहीं बल्कि संयोग से यदि कहीं मिल भी जाते थे तो एक दूसरे से बचकर निकलने का प्रयास करते थे | लेकिन जिला कांग्रेस की बैठक में आज दोनों मंच पर एक दूसरे के साथ बैठे थे | शायद इसीलिए कहा जाता है राजनीती में कभी भी स्थायी दोस्ती और स्थायी दुश्मनी नहीं होती | और आपने यह भी सुना होगा दुश्मन का दुश्मन भी दोस्त बन जाता है |
दरअसल जिला कांग्रेस के अध्यक्ष राजकुमार जैन शहजाद खान को घोंडा विधानसभा के भजनपुरा ब्लाक से अध्यक्ष बनाना चाहते थे और उन्होंने शहजाद की ही सिफारिश की थी लेकिन प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र यादव नें भीष्म शर्मा की सिफारिश पर मुख्त्यार सिंह को भजनपुरा का अध्यक्ष बना दिया था जो राजकुमार जैन को नागवार गुजरा और उन्होंने शहजाद को ही ना केवल ब्लाक अध्यक्ष मानना शुरू कर दिया बल्कि पार्टी की तमाम गतिविधियां चलाने की अनुमति तक दे दी | इस बात को ले भीष्म शर्मा और राजकुमार जैन में तनातनी चल रही थी यहाँ ही बात नहीं थमी भीष्म शर्मा खेमे के तीन ब्लाक अध्यक्षों नें जिला कांग्रेस की बैठकों में भी जाना बंद कर दिया था और एक ब्लाक अध्यक्ष नें तो प्रदेश अध्यक्ष की मीटिंग में ही जिला अध्यक्ष पर जिले की किसी बैठक की सूचना नहीं देने की खुले मंच पर शिकायत भी की थी |
जबकि रविवार को जिला कांग्रेस की बैठक में भीष्म शर्मा खुद तो आये ही अपने साथ दो ब्लाक अध्यक्ष राकेश पारचा और मुख्त्यार सिंह तथा करीब एक दर्जन और कार्यकर्ताओं को भी लेकर पहुंचे तो सब का हैरान होना स्वभाविक था, वहीं शहजाद और पूर्व निगम प्रत्याशी अजित गामड़ी ,विपिन ह्म्रोल भी पूरे बीस कार्यकर्ताओं को ले वहां पहुंचे भीष्म शर्मा को मंच पर बैठा देख उनके त्योरे चढना स्वभाविक था
अब आप समझे भीष्म शर्मा क्यों पहुंचे जिला कांग्रेस की बैठक में, नहीं समझे तो हम आपको समझा देते हैं भीष्म शर्मा उत्तर पूर्वी दिल्ली संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहते हैं और उनकी नजरे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी पर भी रहती है , लोकसभा के दस चुनाव लड़ चुके पूर्व प्रदेश अध्यक्ष जे.पी.अग्रवाल के पुत्र पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष मुदित अग्रवाल नें आज बाबरपुर विधानसभा के तहत नये साल के मौके पर कार्यकर्ताओं को लंच पर बुलाया हुआ था जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे ,चर्चा है मुदित अग्रवाल की नजरें भी इस सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने की हैं लिहाजा भीष्म शर्मा जो किसी जमाने में जे.पी.अग्रवाल के खास हुआ करते अब जिला अध्यक्ष से हाथ मिलाना उनकी मजबूरी माना जा रहा है | क्योंकि वे जानते है जे.पी.अग्रवाल उनकी मदद नहीं करने वाले |
यह बात अलग है भीष्म शर्मा के अनेक समर्थक और जिसे उन्होंने ब्लाक अध्यक्ष बनवाया था मुख्त्यार सिंह भी मुदित अग्रवाल के कार्यक्रम में शामिल हुए | जिस मुख्त्यार सिंह की वजह से राजकुमार जैन और भीष्म शर्मा में जंग छिड़ी थी वही मुख्त्यार सिंह आज दोनों जगह दिखाई दिए | सवाल अकेले मुख्त्यार सिंह का नहीं है करीब साठ-सत्तर ऐसे कार्यकर्ता रहे दोनों कार्यक्रमों में शामिल रहे और बीच-बीच में इधर से उधर पहुंचते रहे और पहुंचते भी क्यों नहीं सवाल पार्टी से जुड़ा था नेता बट सकते है लेकिन कार्यकर्ता जो अपने खून से सन्गठन को सींचते है | आज बस इतना ही …



