Khajuraho Food Poisoning: खजुराहो के रिसॉर्ट में खाने के बाद चार कर्मचारियों की मौत, पांच गंभीर हालत में भर्ती, पूरे प्रदेश में हड़कंप
मध्य प्रदेश के पर्यटन नगरी खजुराहो से एक बेहद दर्दनाक और हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। छतरपुर जिले के गौतम रिसॉर्ट में सोमवार शाम भोजन करने के कुछ ही समय बाद कर्मचारियों की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी, जिसके बाद अफरा-तफरी मच गई। उल्टी, चक्कर, तेज सिरदर्द और बेचैनी जैसे लक्षणों के बढ़ने पर सभी कर्मचारियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान चार कर्मियों की मौत हो गई, जबकि पांच की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। यह हादसा ऐसे समय में हुआ है, जब पूरी मोहन सरकार दो दिनों के कार्यक्रम के लिए खजुराहो में ही मौजूद है, जिससे घटना को लेकर प्रशासनिक हलचल और तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम करीब 5 बजे रिसॉर्ट के नौ कर्मचारियों ने रोज की तरह भोजन किया, जिसमें आलू-गोभी की सब्जी शामिल थी। खाना खाने के कुछ ही मिनटों बाद सभी की हालत खराब होने लगी और वे बेहोशी की हालत में पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को छतरपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने पर देर रात चार कर्मियों ने दम तोड़ दिया। मृतकों में प्रागीलाल कुशवाहा (54), गिरजा रजक (35), गोलू अग्निहोत्री (25) और रामस्वरूप कुशवाहा (47) शामिल हैं। वहीं हार्दिक सोनी (20), बिहारी लाल पटेल (60), रवि कौदर (19), दयाराम कुशवाहा (65) और रोशनी रजक (30) को बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना की खबर मिलते ही स्वास्थ्य विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग और पुलिस टीम तुरंत रिसॉर्ट पहुंची। रिसॉर्ट में बने भोजन के नमूने, पीने का पानी और किचन के सैंपल जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस ने रिसॉर्ट के उस परिसर को सील कर दिया है, जहां कर्मचारी रहते थे, जबकि स्टाफ से पूछताछ का दौर जारी है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि भोजन में मिलावट थी या बैक्टीरियल संक्रमण हुआ था।
इस दुखद हादसे ने स्थानीय लोगों में भी आक्रोश और भय का माहौल पैदा कर दिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई है, जब मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनकी पूरी कैबिनेट खजुराहो में विशेष समीक्षा और कैबिनेट बैठक के लिए मौजूद हैं। सरकार की मौजूदगी के बावजूद हुए इस हादसे के बाद स्वास्थ्य सुरक्षा व्यवस्था और खाद्य निरीक्षण प्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। छतरपुर कलेक्टर द्वारा मृतकों के परिवारों को 20-20 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक मदद की घोषणा की गई है, जबकि सरकार ने जांच को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना न केवल एक दुखद हादसा है, बल्कि खाद्य सुरक्षा मानकों पर गंभीर चेतावनी भी है, जिससे भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए मजबूत कदम उठाना अत्यंत आवश्यक हो गया है।



